Indian EV Market Trends 2025: हिल गया ओला इलेक्ट्रिक का साम्राज्य, ग्राहकों ने ‘ईवी किंग’ से फेरा मुंह…
Indian EV Market Trends 2025: साल 2025 भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के लिए एक ऐसे मोड़ के रूप में याद किया जाएगा, जिसने बड़े-बड़े दिग्गजों के सिंहासन हिला दिए। जिस ओला इलेक्ट्रिक ने पिछले साल तक बाजार पर एकछत्र राज किया था, आज उसकी स्थिति डगमगा गई है। सरकारी वाहन पोर्टल के ताजा आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि (Market Share Decline) की मार झेल रही ओला की हिस्सेदारी आधे से भी कम रह गई है। जहां एक ओर पूरा इलेक्ट्रिक सेगमेंट विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है, वहीं ओला का ग्राफ नीचे गिरना ऑटो एक्सपर्ट्स के लिए शोध का विषय बन गया है।

ओला के मार्केट शेयर में दर्ज हुई भारी गिरावट
आंकड़ों की बात करें तो साल 2024 में ओला इलेक्ट्रिक के पास बाजार का 36.7% हिस्सा था, जो 2025 के खत्म होते-होते महज 16.1% पर सिमट गया। कंपनी ने इस साल कुल 1,96,767 यूनिट्स की बिक्री की, जो (Retail Sales Performance) के लिहाज से उनकी क्षमता से काफी कम मानी जा रही है। हैरानी की बात यह है कि यह गिरावट तब हुई जब भारतीय सड़कों पर इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की मांग पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा बढ़ी है, यानी ग्राहकों ने ब्रांड तो चुना, लेकिन वह ब्रांड ओला नहीं था।
आखिर क्यों पिछड़ गया कल का सुपरस्टार
ओला इलेक्ट्रिक की इस विफलता के पीछे कई गंभीर कारण जिम्मेदार रहे हैं। सबसे बड़ी चुनौती सर्विस और आफ्टर-सेल्स सपोर्ट को लेकर रही, जहां ग्राहकों ने शिकायतों का अंबार लगा दिया। इसके अलावा (Supply Chain Issues) और चीन के साथ बढ़ती भू-राजनीतिक तनातनी के कारण ‘रेयर अर्थ मेटल्स’ की आपूर्ति बाधित हुई, जिससे उत्पादन लागत में बढ़ोतरी हुई। इन तमाम दिक्कतों और सर्विस की सुस्त रफ्तार ने ग्राहकों के भरोसे को कमजोर कर दिया, जिससे वे वैकल्पिक और भरोसेमंद ब्रांड्स की तलाश करने लगे।
टीवीएस मोटर ने मारी बाजी और बनी नई लीडर
जहां ओला संघर्ष कर रही थी, वहीं टीवीएस मोटर ने अपने दशकों पुराने भरोसे और मजबूत सर्विस नेटवर्क का भरपूर फायदा उठाया। साल 2025 में टीवीएस का मार्केट शेयर बढ़कर 24.2% तक पहुंच गया और कंपनी ने 2,95,315 यूनिट्स बेचकर (Industry Leadership) का ताज अपने नाम कर लिया। कंपनी के आई-क्यूब मॉडल ने न केवल स्थिरता दिखाई, बल्कि मध्यम वर्ग के परिवारों के बीच अपनी विश्वसनीयता साबित की, जिससे टीवीएस आज देश की सबसे बड़ी ईवी टू-व्हीलर कंपनी बनकर उभरी है।
बजाज चेतक के दम पर बढ़ा बजाज ऑटो का कद
बजाज ऑटो ने भी अपने क्लासिक ‘चेतक’ ब्रांड के जरिए इलेक्ट्रिक अवतार में शानदार वापसी की है। कंपनी का मार्केट शेयर अब 21.9% के प्रभावशाली स्तर पर पहुंच गया है। बजाज ने (Consumer Demand) को समझते हुए अपने प्रोडक्ट की बिल्ड क्वालिटी और विश्वसनीयता पर ध्यान केंद्रित किया। चेतक ईवी की मजबूत मांग ने यह साबित कर दिया कि भारतीय ग्राहक आज भी उसी नाम पर पैसा लगाना पसंद करते हैं, जिसका इतिहास मजबूती और लंबी उम्र के लिए जाना जाता है।
एथर एनर्जी और ‘रिज्टा’ का बाजार में धमाका
एथर एनर्जी ने भी साल 2025 में लंबी छलांग लगाई है। साल 2024 में 11.3% हिस्सेदारी रखने वाली इस कंपनी ने 2025 में 16.2% का आंकड़ा छू लिया है। एथर की इस कामयाबी के पीछे उनके नए ‘रिज्टा’ इलेक्ट्रिक स्कूटर का बड़ा हाथ है, जिसने (Mass Market Strategy) के तहत सीधे तौर पर फैमिली सेगमेंट को निशाना बनाया। एथर की बेहतरीन तकनीक और अब बड़े बाजार तक पहुंच ने इसे ओला के लिए सबसे बड़ी चुनौती के रूप में खड़ा कर दिया है।
हीरो मोटोकॉर्प की विडा रेंज ने पकड़ी रफ्तार
दुनिया की सबसे बड़ी टू-व्हीलर निर्माता कंपनी हीरो मोटोकॉर्प ने भी इलेक्ट्रिक सेगमेंट में अपनी धमक बढ़ा दी है। पिछले साल मात्र 3.9% शेयर रखने वाली हीरो अब 8.8% तक पहुंच गई है। कंपनी की (Vida Electric Scooter) रेंज को ग्राहकों ने हाथों-हाथ लिया, खासकर साल के आखिरी महीनों में जब ओला की सर्विस समस्याओं ने तूल पकड़ा। हीरो ने अपने विशाल डीलरशिप नेटवर्क का उपयोग करते हुए टियर-2 और टियर-3 शहरों में ईवी की पहुंच को सुलभ बनाया है।
भविष्य की राह और ब्रांड्स के लिए सबक
2025 के ये परिणाम यह साफ संदेश देते हैं कि केवल मार्केटिंग और ग्लैमर के दम पर बाजार नहीं जीता जा सकता। ऑटो सेक्टर में टिके रहने के लिए (Customer Satisfaction) ही असली कुंजी है। ओला की गिरावट और पुराने खिलाड़ियों का उदय यह दर्शाता है कि भारतीय ग्राहक आज भी उत्पाद के साथ-साथ सर्विस और भरोसे को प्राथमिकता देता है। आने वाले साल में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ओला वापसी कर पाती है या फिर टीवीएस और बजाज की यह बढ़त और अधिक मजबूत होगी।



