स्वास्थ्य

Vitamin B12 Deficiency Signs: शरीर में महसूस हो रही है झुनझुनाहट और कमजोरी, आपको अंदर से खोखला कर रही है इस विटामिन की कमी…

Vitamin B12 Deficiency Signs: आज के दौर में थकान, सुस्ती और आलस को हम अक्सर काम के दबाव का नाम देकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत की एक बड़ी आबादी (Nutritional Deficiencies) के उस जाल में फंसी है जिसका पता शुरुआती दौर में नहीं चलता? विटामिन B12 और D हमारे शरीर के दो ऐसे स्तंभ हैं जिनके बिना न तो हमारी नसें सही से काम कर सकती हैं और न ही हड्डियां। मुंबई के ग्लेनईगल्स हॉस्पिटल की सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर मंजुषा अग्रवाल के अनुसार, लोग तब तक सचेत नहीं होते जब तक शरीर गंभीर संकेत देना शुरू नहीं कर देता। यह कमी केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी बुरी तरह प्रभावित करती है।

Vitamin B12 Deficiency Signs
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नर्वस सिस्टम का सुरक्षा कवच: क्यों शरीर के लिए अनिवार्य है विटामिन B12

विटामिन B12 हमारे नर्व सिग्नल्स के लिए एक ‘प्रोटेक्टिव कोटिंग’ या सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। डॉक्टर मंजुषा अग्रवाल बताती हैं कि जब शरीर में (Nervous System Support) की कमी होती है, तो यह सुरक्षा परत कमजोर पड़ने लगती है। इसके अलावा, विटामिन B12 हमारे डीएनए (DNA) के निर्माण और स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं (Red Blood Cells) के उत्पादन के लिए भी रीढ़ की हड्डी के समान है। यदि इसकी कमी लंबे समय तक बनी रहे, तो व्यक्ति मेगैलोब्लास्टिक एनीमिया जैसी गंभीर स्थिति का शिकार हो सकता है, जहाँ शरीर पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन ले जाने वाली कोशिकाएं नहीं बना पाता।

शरीर की गुप्त चेतावनी: इन लक्षणों को सामान्य थकान समझने की भूल न करें

विटामिन B12 की कमी के लक्षण बहुत ही सूक्ष्म होते हैं, जो धीरे-धीरे बढ़ते हैं। अगर आपको अपने हाथ-पैरों में बार-बार झनझनाहट महसूस होती है या अंग सुन्न पड़ जाते हैं, तो यह (Vitamin B12 Symptoms) का स्पष्ट संकेत है। इसके अलावा, याददाश्त में धुंधलापन आना, बिना वजह की थकान, चेहरे पर पीलापन और सीढ़ियां चढ़ते समय सांस फूलना जैसे लक्षण बताते हैं कि आपके शरीर को तत्काल पोषण की जरूरत है। इन संकेतों को समय रहते पहचानकर आप नसों और रक्त से जुड़ी बड़ी स्थायी बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

शाकाहारियों के लिए बड़ी चुनौती: क्या बिना मांस-मछली के पूरी हो सकती है कमी?

अक्सर यह माना जाता है कि विटामिन B12 केवल मांसाहारी भोजन में मिलता है, जिस वजह से शाकाहारी लोगों में इसकी कमी सबसे ज्यादा देखी जाती है। हालांकि, डॉक्टर अग्रवाल ने (Vegetarian B12 Sources) की एक प्रभावी लिस्ट साझा की है। शाकाहारी लोग अपनी डाइट में दूध, दही, पनीर, छाछ और चीज जैसे डेयरी उत्पादों को शामिल कर इस कमी को पूरा कर सकते हैं। इसके अलावा, मशरूम, न्यूट्रीशनल यीस्ट और फर्मेंटेड फूड्स (जैसे इडली-डोसा) भी B12 के अच्छे स्रोत माने जाते हैं। अंडे का सेवन करने वाले लोग भी अपनी दैनिक जरूरत को इससे आसानी से पूरा कर सकते हैं।

फलों का जादुई साथ: सेब और केला कैसे बढ़ाते हैं विटामिन का अवशोषण?

सिर्फ विटामिन युक्त भोजन करना ही काफी नहीं है, बल्कि शरीर उसका इस्तेमाल कैसे कर रहा है, यह भी महत्वपूर्ण है। शोध और विशेषज्ञ बताते हैं कि सेब और केला जैसे फल (Vitamin Absorption Tips) में सहायक होते हैं। ये फल पेट के स्वास्थ्य को सुधारते हैं जिससे भोजन में मौजूद B12 बेहतर तरीके से सोखा जा सकता है। साथ ही, फोर्टिफाइड ऑरेंज जूस और अनाज का सेवन भी उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है जो अपनी डाइट में प्राकृतिक रूप से विटामिन का स्तर बढ़ाना चाहते हैं।

समय पर जांच और विशेषज्ञ की सलाह: सप्लिमेंट्स लेने से पहले यह जानना है जरूरी

अगर आपको ऊपर बताए गए कोई भी लक्षण महसूस होते हैं, तो खुद से दवाइयां लेने के बजाय एक साधारण ब्लड टेस्ट करवाना सबसे समझदारी भरा कदम है। विटामिन B12 हमारी (Energy Metabolism) को सीधा सपोर्ट करता है, इसलिए इसका स्तर सही होना अनिवार्य है। यदि टेस्ट में लेवल कम आता है, तो डॉक्टर की सलाह पर ही हाई-क्वालिटी सप्लिमेंट्स शुरू करें। याद रखें कि हर व्यक्ति के शरीर की जरूरत अलग होती है, इसलिए किसी विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में ही इलाज करना आपके भविष्य के स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित और प्रभावी होगा

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