Agastya Nanda Ikkis Movie: बॉक्स ऑफिस की भीड़ में कहीं खो गया ‘इक्कीस’ का शोर, देखें टोटल कलेक्शन
Agastya Nanda Ikkis Movie: सिनेमा के पर्दे पर जब कोई महान कलाकार अपनी आखिरी पारी खेलता है, तो दर्शकों की आंखों में नमी और दिल में एक खास सम्मान होता है। फिल्म ‘इक्कीस’ इसी भावनात्मक सफर का एक बड़ा हिस्सा है, जहां दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को एक बार फिर (Dharmendra Last Movie) सिल्वर स्क्रीन पर देखकर फैंस भावुक हो उठे हैं। श्रीराम राघवन जैसे मंझे हुए निर्देशक ने इस फिल्म के जरिए 1971 के युद्ध के हीरो, सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की वीरता को जिंदा किया है। यह फिल्म सिर्फ एक युद्ध की कहानी नहीं है, बल्कि यह पीढ़ियों के मेल और साहस की वह मिसाल है, जो आज के दौर के युवाओं को प्रेरित करने का माद्दा रखती है।

बॉक्स ऑफिस की कठिन डगर और रविवार के शुरुआती आंकड़े
रिलीज के बाद से ही फिल्म ने अपनी एक अलग साख बनाने की कोशिश की है, लेकिन मौजूदा समय में सिनेमाघरों में मचे घमासान ने इसकी कमाई की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। फिल्म के (Ikkis Box Office Collection Day 11) ग्यारहवें दिन के शुरुआती आंकड़े सामने आ चुके हैं, जो कहीं न कहीं फिल्म की टीम और वितरकों के लिए चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। दूसरे रविवार की छुट्टी होने के बावजूद, फिल्म उस तरह का उछाल नहीं दिखा पाई जिसकी उम्मीद एक ऐसी देशभक्ति फिल्म से की जाती है जिसे समीक्षकों ने काफी सराहा हो।
अगस्त्य नंदा का अभिनय और बड़े सितारों से सीधा मुकाबला
अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा ने इस फिल्म के जरिए अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाने की पूरी कोशिश की है। जयदीप अहलावत और सिकंदर खेर जैसे (Ikkis Movie Cast) मंझे हुए कलाकारों की मौजूदगी ने फिल्म के ड्रामा को और भी गहरा कर दिया है। हालांकि, ‘इक्कीस’ का रास्ता इतना आसान नहीं था, क्योंकि इसे बड़े पर्दे पर रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ और ग्लोबल ब्लॉकबस्टर ‘अवतार 3’ जैसी फिल्मों से कड़ी चुनौती मिल रही है। इसके साथ ही प्रभास की नई फिल्म ‘द राजा साब’ ने भी दर्शकों के एक बड़े हिस्से को अपनी ओर खींच लिया है, जिससे ‘इक्कीस’ के पास सीमित दर्शक ही बचे हैं।
71 के युद्ध की शौर्य गाथा और दर्शकों का ठंडा रिस्पॉन्स
निर्देशक श्रीराम राघवन ने अपनी थ्रिलर शैली से हटकर एक बायोपिक पर हाथ आजमाया है, जो भारत-पाकिस्तान युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है। शहीद अरुण खेत्रपाल (Arun Khetarpal Biopic) की शहादत को जिस बारीकी से पर्दे पर उकेरा गया है, उसकी तारीफ हर तरफ हो रही है। दुखद बात यह है कि बेहतरीन कंटेंट और भावनात्मक जुड़ाव होने के बाद भी, बॉक्स ऑफिस पर इसके नंबर उस जज्बे के साथ मेल नहीं खा रहे हैं। शुरुआती दिनों में जो उम्मीदें जगी थीं, वे अब धीरे-धीरे धूमिल होती नजर आ रही हैं।
ग्यारहवें दिन की कमाई में आई भारी गिरावट का विश्लेषण
फिल्म ने पहले दिन 7 करोड़ रुपये की सम्मानजनक शुरुआत की थी, जिससे लग रहा था कि यह एक लंबी रेस का घोड़ा साबित होगी। लेकिन (Box Office Early Estimates) रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म ने अपने दूसरे रविवार को मात्र 1.25 करोड़ रुपये का ही बिजनेस किया है। यह गिरावट इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि रविवार के दिन आमतौर पर फिल्मों के कलेक्शन में बढ़त देखी जाती है। 11 दिनों के सफर के बाद फिल्म का कुल कलेक्शन अब लगभग 28.75 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो इसकी लागत और बड़े कैनवास को देखते हुए काफी कम माना जा रहा है।
भावनात्मक जुड़ाव और युवाओं की पसंद के बीच का फासला
‘इक्कीस’ एक ऐसी फिल्म है जिसे हर हिंदुस्तानी को अपनी जड़ों से जुड़ने के लिए देखना चाहिए, लेकिन शायद आज का युवा वर्ग (New Bollywood Releases 2026) के शोर-शराबे और बड़े बजट वाले एक्शन के बीच इस संजीदा कहानी को वह तवज्जो नहीं दे पा रहा है। धर्मेंद्र का स्क्रीन प्रेजेंस फिल्म की जान है, और उनका हर सीन दर्शकों को पुराने दौर की याद दिला देता है। फिल्म की असफलता का एक मुख्य कारण फिल्मों का क्लैश भी है, जिसने इसे सांस लेने का मौका ही नहीं दिया।
क्या ‘इक्कीस’ अपनी लागत वसूल पाने में सफल होगी?
वर्तमान रुझानों को देखते हुए यह कहना मुश्किल है कि फिल्म 50 करोड़ के आंकड़े तक पहुंच पाएगी या नहीं। हालांकि, (Indian War Movies) के शौकीन लोग अभी भी इस फिल्म को देखने थिएटर पहुंच रहे हैं, लेकिन उनकी संख्या इतनी पर्याप्त नहीं है कि फिल्म को सुपरहिट की श्रेणी में खड़ा किया जा सके। फिल्म का कंटेंट शानदार है, पर कमर्शियल एंगल पर यह ‘धुरंधर’ और ‘द राजा साब’ जैसी मसाला फिल्मों के सामने पस्त होती दिखाई दे रही है।



