Uttarakhand Weather Forecast Today: पहाड़ों पर गिरेगा बर्फ का फाहा और मैदानों में कोहरे का पहरा, जानें अगले 5 दिनों का हाल…
Uttarakhand Weather Forecast Today: देवभूमि उत्तराखंड में रविवार को खिली तेज धूप ने भले ही ठिठुरन से थोड़ी राहत दी हो, लेकिन मौसम का असली मिजाज अभी बाकी है। राजधानी देहरादून समेत कई जिलों में धूप के चलते पारा सामान्य से पांच डिग्री ऊपर जरूर चढ़ा, पर शाम होते ही (Winter Temperature Variations) ने फिर से अपना असर दिखाना शुरू कर दिया। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार और मंगलवार को आसमान साफ रहने की उम्मीद है, लेकिन यह केवल आने वाले बड़े बदलाव की शांति मात्र है।

पश्चिमी विक्षोभ लाएगा बारिश और बर्फबारी की सौगात
पहाड़ों की रानी और उच्च हिमालयी क्षेत्रों के लिए बड़ी खबर यह है कि 21 जनवरी से एक नया सिस्टम सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर के मुताबिक (Western Disturbance Activation) के कारण पहाड़ों में हल्की बारिश और लगभग 3400 मीटर से अधिक की ऊंचाई पर बर्फबारी की पूरी संभावना है। इसका सीधा असर प्रदेश के तापमान पर पड़ेगा, जिससे शीतलहर की स्थिति एक बार फिर गंभीर हो सकती है।
हरिद्वार और ऋषिकेश में कोहरे का डबल अटैक
मैदानी जिलों में रहने वालों के लिए आने वाले दिन थोड़े चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, खासकर सुबह और देर रात के वक्त। हरिद्वार, उधमसिंह नगर और देहरादून के मैदानी हिस्सों में (Dense Fog Alert) जारी किया गया है, जिसके चलते विजिबिलिटी शून्य तक गिर सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि घने कोहरे के कारण यातायात प्रभावित हो सकता है, इसलिए वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
शीतलहर की चपेट में रहेंगे मैदानी इलाके
19 और 20 जनवरी को प्रदेश के निचले हिस्सों में न्यूनतम तापमान 0 से 4 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। इस दौरान (Cold Wave Conditions) बनी रहेगी, जिससे दिन के समय भी गलन महसूस होगी। अधिकतम तापमान भी 14 से 18 डिग्री के आसपास सिमट जाने की उम्मीद है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे रात के समय अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लें, क्योंकि ठंड का यह स्पेल काफी तीखा होने वाला है।
पहाड़ी जिलों में बादलों की आवाजाही और ठंडी हवाएं
नैनीताल, अल्मोड़ा और चमोली जैसे खूबसूरत पहाड़ी जिलों में फिलहाल मौसम शुष्क बना हुआ है, लेकिन बादलों का डेरा जमना शुरू हो गया है। इन इलाकों में (Hilly Region Climate) के चलते न्यूनतम तापमान माइनस 2 डिग्री तक गिर सकता है। ठंडी बर्फीली हवाओं के चलने से पर्यटन स्थलों पर पहुंचे सैलानियों को तो आनंद आएगा, लेकिन स्थानीय जनजीवन के लिए यह बढ़ती मुश्किलों का संकेत है।
चारधाम और औली में बर्फ की सफेद चादर का इंतजार
बदरीनाथ, केदारनाथ और औली जैसे उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कड़ाके की सर्दी का दौर जारी है, जहाँ तापमान पहले से ही शून्य के काफी नीचे चला गया है। 21 से 24 जनवरी के बीच (Snowfall Prediction 2026) के अनुसार इन क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बर्फबारी हो सकती है। औली में स्कीइंग के शौकीन और तीर्थस्थलों पर तैनात सुरक्षाकर्मियों के लिए यह समय काफी महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि पारा माइनस 8 डिग्री तक गोता लगा सकता है।
21 जनवरी के बाद बदल जाएगा पूरे प्रदेश का नक्शा
19 और 20 जनवरी की शांति के बाद 21 तारीख से प्रदेश के मौसम में व्यापक बदलाव देखा जाएगा। मौसम विभाग के मुताबिक (IMD Rainfall Forecast) के अनुसार पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला शुरू होगा, जो सूखी ठंड से राहत दिलाएगा। बारिश के साथ होने वाली बर्फबारी से किसानों की फसलों को भी संजीवनी मिलने की उम्मीद है, हालांकि निचले इलाकों में कोहरे का असर 21 जनवरी के बाद भी बना रह सकता है।
कम दृश्यता और शीतलहर से बचने की सलाह
आने वाले चार दिनों में मैदानी और निचले पहाड़ी इलाकों में धुंध की चादर काफी गहरी होगी। (Visibility Safety Measures) को ध्यान में रखते हुए यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे सुबह की यात्रा से परहेज करें। शीतलहर का असर खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए हानिकारक हो सकता है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों को सचेत रहने और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम करने को कहा है।
पर्यटकों के लिए मौसम विभाग की खास एडवाइजरी
जो लोग बर्फबारी का लुत्फ उठाने के लिए उत्तराखंड के पहाड़ी स्टेशनों का रुख कर रहे हैं, उनके लिए 21 जनवरी के बाद का समय सबसे अनुकूल है। हालांकि, (Tourist Travel Advisory) का पालन करना जरूरी होगा क्योंकि बर्फबारी के कारण रास्ते बंद होने की संभावना रहती है। ऊंचाई वाले इलाकों में जाने से पहले मौसम के ताजा अपडेट और प्रशासन के निर्देशों को जरूर जांच लें ताकि आपकी यात्रा सुरक्षित और आनंदमयी रहे।



