बिहार

Apartment Elevator Safety Negligence: डीएसपी की मेड के साथ हुआ खौफनाक हादसा, लिफ्ट का दरवाजा खुला लेकिन नीचे नहीं थी फर्श…

Apartment Elevator Safety Negligence: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक अपार्टमेंट की लिफ्ट में तकनीकी खराबी ने एक बुजुर्ग महिला की जान ले ली। सदर थाना क्षेत्र के खबड़ा स्थित एक रिहायशी अपार्टमेंट में मंगलवार की दोपहर अफरा-तफरी मच गई जब वहां काम करने वाली एक महिला पांचवीं मंजिल से सीधे लिफ्ट के पैसेज में जा गिरी। यह घटना (Fatal Industrial Accidents) की श्रेणी में आने वाले उन हादसों की याद दिलाती है जो मेंटेनेंस की कमी के कारण अक्सर बहुमंजिला इमारतों में देखने को मिलते हैं।

Apartment Elevator Safety Negligence
Apartment Elevator Safety Negligence

पांचवीं मंजिल से मौत का बुलावा

मृतक महिला की पहचान 60 वर्षीय पुनीता देवी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से दरभंगा के अशोक पेपर मिल इलाके की रहने वाली थी। वह पिछले कुछ महीनों से पटना में पदस्थापित एक डीएसपी के फ्लैट में मेड के तौर पर काम कर रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वह अपार्टमेंट की छत से कपड़े लेकर नीचे आ रही थी। जैसे ही उसने लिफ्ट का बटन दबाया, (Elevator Mechanical Failure) की वजह से लिफ्ट ऊपर पहुंची भी नहीं थी और दरवाजा खुल गया। महिला ने जैसे ही आगे कदम बढ़ाया, वहां फर्श न होने के कारण वह सीधे ग्राउंड फ्लोर पर खड़ी लिफ्ट के ऊपर जा गिरी।

मौके पर ही तोड़ा दम और पुलिस की कार्रवाई

हादसा इतना भीषण था कि पुनीता देवी का सिर फट गया और उनके हाथ-पैर कई जगह से टूट गए। भारी शोर सुनकर अपार्टमेंट के लोग इकट्ठा हुए, लेकिन तब तक महिला की मौत हो चुकी थी। सूचना मिलते ही एसडीपीओ टाउन-2 विनीता सिन्हा और सदर थानेदार अस्मित कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तुरंत (Forensic Science Laboratory Investigation) की टीम को बुलाया ताकि घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा सकें। जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच (SKMCH) भेज दिया गया और मृतका के परिजनों को सूचित किया गया।

इकलौते बेटे का छलका दर्द और आर्थिक तंगी की कहानी

पुनीता देवी के पुत्र केशव चौधरी जब दरभंगा से मुजफ्फरपुर पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर वह बदहवास हो गए। केशव ने पुलिस को बताया कि साल 2012 में उनके पिता के निधन के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी मां के कंधों पर आ गई थी। परिवार में वह इकलौता है और (Financial Crisis Management) के लिए ही उसकी मां ने बुजुर्ग होने के बावजूद डीएसपी के घर काम करना शुरू किया था। भावुक होते हुए बेटे ने बताया कि हादसे से चंद मिनट पहले ही मां से फोन पर बात हुई थी और उन्होंने कहा था कि वे बिल्कुल ठीक हैं।

तकनीकी खामी या मानवीय लापरवाही का बड़ा सवाल

शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि लिफ्ट में कोई बड़ा तकनीकी फॉल्ट था। एसडीपीओ विनीता सिन्हा ने बताया कि लिफ्ट संभवतः पहले फ्लोर पर ही अटक गई थी, लेकिन पांचवीं मंजिल का सेंसर खराब होने की वजह से दरवाजा खुल गया। उस समय (Accidental Fall Prevention) का कोई भी इंतजाम वहां मौजूद नहीं था। आशंका जताई जा रही है कि महिला फोन पर बात कर रही थी और दरवाजा खुलते ही उसे अंदाजा नहीं हुआ कि लिफ्ट वहां नहीं पहुंची है। पुलिस अब लिफ्ट के इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है।

सोसाइटी के जिम्मेदारों की रहस्यमयी चुप्पी

हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी वारदात होने के बाद भी अपार्टमेंट सोसाइटी के पदाधिकारी पुलिस के सामने नहीं आए। घटना के बाद से ही सोसाइटी के जिम्मेदार लोग भूमिगत हो गए हैं, जिससे उनकी भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि (Residential Society Responsibility) के नाम पर फ्लैट धारकों से हर महीने मोटा शुल्क वसूला जाता है, लेकिन लिफ्ट और अन्य सुविधाओं के रख-रखाव पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। पुलिस ने फिलहाल अपार्टमेंट के गार्ड से पूछताछ की है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

रख-रखाव के नाम पर वसूली और सुरक्षा से खिलवाड़

अपार्टमेंट में रहने वाले अन्य निवासियों ने भी लिफ्ट की खराब स्थिति को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद (Building Maintenance Standards) का पालन नहीं किया गया। लिफ्ट का अचानक दरवाजा खुल जाना और लिफ्ट का वहां न होना एक बड़ी लापरवाही है, जिसके लिए सोसाइटी के प्रबंधन को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। पुलिस अब इस मामले में कानूनी राय ले रही है कि लापरवाही से हुई मौत की धाराओं के तहत किन-किन लोगों पर मामला दर्ज किया जाए।

न्याय की गुहार और जांच का दायरा

पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद पुनीता देवी का शव उनके परिजनों को सौंप दिया है। इस दुखद हादसे ने बहुमंजिला इमारतों में सुरक्षा मानकों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। प्रशासन का कहना है कि (Occupational Safety at Home) केवल फैक्ट्रियों तक सीमित नहीं है, बल्कि घरों में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी मालिक और बिल्डिंग मैनेजमेंट की होती है। अब सबकी नजरें एफएसएल रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस मौत के असली गुनहगारों का पर्दाफाश करेगी।

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