India vs New Zealand T20 Series: न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज सील करने उतरेगा भारत, संजू सैमसन पर बढ़ा दबाव
India vs New Zealand T20 Series: भारत और न्यूजीलैंड के बीच जारी पांच मैचों की टी20 सीरीज अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। भारतीय टीम ने शुरुआती दोनों मुकाबलों में शानदार जीत दर्ज कर सीरीज में 2-0 की बढ़त हासिल कर ली है। अब रविवार को गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में होने वाले तीसरे मैच में टीम इंडिया की नजरें सीरीज अपने नाम करने पर टिकी होंगी। (India vs New Zealand T20 Series) के इस अहम मुकाबले से पहले कप्तान सूर्यकुमार यादव और ईशान किशन का फॉर्म में लौटना भारतीय खेमे के लिए राहत की बात है। हालांकि, सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन के लिए यह मैच किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा, क्योंकि निरंतरता की कमी उनके टी20 करियर के लिए संकट पैदा कर रही है।

टी20 विश्व कप के लिए टीम इंडिया का कॉम्बिनेशन
आगामी टी20 विश्व कप को ध्यान में रखते हुए टीम इंडिया का मुख्य ढांचा लगभग तैयार नजर आ रहा है। चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि मेगा इवेंट में अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरुआत कौन करेगा। (World Cup Squad Selection Strategy) के तहत संजू सैमसन को सलामी बल्लेबाज के तौर पर पहली पसंद माना जा रहा था, लेकिन उनके हालिया संघर्ष ने समीकरण बदल दिए हैं। जिस तरह से ईशान किशन ने मध्यक्रम में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से प्रभाव छोड़ा है, उसने टीम के बल्लेबाजी क्रम में प्रतिस्पर्धा को और भी रोमांचक बना दिया है।
संजू सैमसन के पास आखिरी मौका और प्रदर्शन का दबाव
सैमसन को टीम में शुभमन गिल की जगह एक साहसिक फैसले के तहत शामिल किया गया था, क्योंकि गिल टी20 प्रारूप में अपेक्षित गति से रन नहीं बना पा रहे थे। लेकिन संजू सैमसन को मिले (Top Order Batting Opportunities) का वह अब तक सही इस्तेमाल नहीं कर पाए हैं। उनकी तकनीकी खामियां, विशेषकर तेज गेंदबाजों के खिलाफ उनकी कमजोरी, बार-बार उजागर हो रही है। दूसरी तरफ, ईशान किशन ने पिछले मैच में महज 32 गेंदों पर 76 रनों की तूफानी पारी खेलकर प्लेइंग-11 में अपनी दावेदारी बहुत मजबूत कर ली है। ऐसे में सैमसन के लिए गुवाहाटी का मैदान खुद को साबित करने का आखिरी मंच हो सकता है।
सूर्यकुमार यादव की फॉर्म और मध्यक्रम की मजबूती
भारत के लिए सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू कप्तान सूर्यकुमार यादव का अपनी पुरानी लय में वापस आना है। सूर्या ने पिछले मैच में 37 गेंदों पर 82 रनों की आतिशी पारी खेलकर अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में अपने सूखे को खत्म किया। (Suryakumar Yadav Batting Performance) की बदौलत भारत ने ओपनरों के जल्दी आउट होने के बावजूद एक बड़ा स्कोर खड़ा किया और मैच को 28 गेंद शेष रहते जीत लिया। इससे यह स्पष्ट होता है कि भारतीय मध्यक्रम अब किसी भी संकट की स्थिति से टीम को बाहर निकालने में सक्षम है। शिवम दुबे और रिंकू सिंह का साथ टीम की बल्लेबाजी की गहराई को और बढ़ाता है।
गेंदबाजी आक्रमण और चोटिल खिलाड़ियों का अपडेट
तीसरे टी20 में भारतीय गेंदबाजी विभाग में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं। टीम के मुख्य स्पिनर अक्षर पटेल की उंगली की चोट प्रबंधन के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। यदि (Injury Management and Recovery) के तहत अक्षर पूरी तरह फिट होते हैं, तो उन्हें कुलदीप यादव की जगह टीम में शामिल किया जा सकता है। तेज गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह की वापसी लगभग तय मानी जा रही है, जिन्हें पिछले मैच में कार्यभार प्रबंधन के तहत आराम दिया गया था। अर्शदीप सिंह की शुरुआती ओवरों में महंगी गेंदबाजी के बाद अर्शदीप या हर्षित राणा में से किसे मौका मिलता है, यह देखना दिलचस्प होगा।
न्यूजीलैंड की पलटवार करने की क्षमता
भले ही कीवी टीम सीरीज में पीछे चल रही है, लेकिन भारतीय टीम को सतर्क रहना होगा। न्यूजीलैंड की टीम अक्सर सीरीज के बीच में वापसी करने के लिए जानी जाती है। उनके पास डेवोन कॉनवे और ग्लेन फिलिप्स जैसे (New Zealand Cricket Match Winners) खिलाड़ी मौजूद हैं जो अपने दम पर मैच का पासा पलट सकते हैं। गुवाहाटी की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के अनुकूल होती है, लेकिन शाम के समय ओस की भूमिका भी टॉस जीतने वाली टीम के लिए निर्णायक साबित हो सकती है। भारतीय टीम को उम्मीद होगी कि वे अपनी विनिंग स्ट्रीक को बरकरार रखते हुए सीरीज पर कब्जा जमाएं।



