Bihar Cold Wave Warning 2025: कांपती हड्डियों और घने कोहरे के बीच ठिठुरा बिहार, नए साल के आगमन तक मिलेगी राहत…
Bihar Cold Wave Warning 2025: बिहार में कड़ाके की ठंड ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के बदलते मिजाज को देखते हुए (Meteorological Department Alerts) के तहत 28 दिसंबर तक पूरे प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाओं ने मैदानी इलाकों में कनकनी बढ़ा दी है, जिससे लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। प्रशासन ने भी इस भीषण शीतलहर को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

कोहरे की चादर में लिपटे 29 जिले
राज्य के लगभग 29 जिलों में इन दिनों सूरज के दर्शन दुर्लभ हो गए हैं और चारों ओर घने कोहरे का साम्राज्य है। विजिबिलिटी बेहद कम होने के कारण (Transportation Safety Measures) प्रभावित हो रही हैं और सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम सी गई है। मौसम विभाग की मानें तो अगले तीन दिनों तक इन जिलों में ‘कोल्ड डे’ यानी शीत दिवस जैसे हालात बने रहेंगे। सुबह के समय दृश्यता शून्य के करीब पहुंच जाने से रेल और हवाई यातायात पर भी इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है।
राजधानी पटना में रिकॉर्ड तोड़ गिरावट
बिहार की राजधानी पटना में ठंड ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। शुक्रवार को पटना का न्यूनतम तापमान (Minimum Temperature Records) के पायदान पर गिरकर इस सीजन में पहली बार 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। पछुआ हवाओं के चलने से गलन और बढ़ गई है, जिससे पटनावासियों को दिन में भी भारी ऊनी कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है। शाम होते ही बाजारों में सन्नाटा पसर जाता है और लोग अलाव के सहारे रात काट रहे हैं।
बर्फीली हवाओं और कनकनी का दौर
पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी का सीधा असर बिहार के मैदानी इलाकों पर पड़ रहा है, जिससे कनकनी असहनीय होती जा रही है। शनिवार सुबह से ही राजधानी समेत (Regional Weather Patterns) वाले इलाकों में घना कोहरा छाया हुआ है, जो दोपहर तक छंटने का नाम नहीं ले रहा। सर्द हवाओं ने वातावरण में नमी बढ़ा दी है, जिससे बुजुर्गों और बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। डॉक्टरों ने इस मौसम में विशेष देखभाल की सलाह दी है।
नए साल के साथ बदलेगा मौसम का मिजाज
भले ही अभी पूरा बिहार भीषण ठंड की चपेट में हो, लेकिन मौसम विभाग ने भविष्य के लिए राहत भरी खबर भी साझा की है। पूर्वानुमान के मुताबिक (Climatic Conditions Stability) में 31 दिसंबर से सुधार आने की संभावना जताई जा रही है। नए साल की शुरुआत के साथ ही शीतलहर का प्रभाव कम होने लगेगा और धीरे-धीरे तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। जनवरी के पहले सप्ताह में लोगों को इस हाड़ कंपाने वाली ठंड से थोड़ी राहत मिल सकती है।
उत्तर बिहार में ‘कोल्ड डे’ का लंबा साया
मौसम विभाग के विश्लेषण के अनुसार, 29 और 30 दिसंबर को भी उत्तर बिहार के जिलों में स्थिति गंभीर बनी रहेगी। इन क्षेत्रों में (Atmospheric Pressure Changes) के कारण धूप निकलने की संभावना बहुत कम है, जिससे दिन के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है। जब तक बादलों और कोहरे की जुगलबंदी जारी रहेगी, तब तक लोगों को इस जमा देने वाली ठंड से जूझना पड़ेगा। विशेषकर कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।
प्रभावित जिलों की लंबी फेहरिस्त
बिहार के जिन 29 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, उनमें पश्चिम और पूर्वी चंपारण से लेकर गया और भागलपुर तक शामिल हैं। इन इलाकों में (Local Governance Coordination) के माध्यम से रैन बसेरों और अलाव की व्यवस्था की जा रही है। मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर और नालंदा जैसे जिलों में भी पारा तेजी से नीचे गिरा है। भोजपुर, बक्सर और कैमूर जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में भी शीतलहर का प्रकोप अपने चरम पर बना हुआ है।
सुरक्षा और सावधानी है बेहद जरूरी
भीषण ठंड और कोहरे के इस दौर में वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। मौसम के इस (Environmental Health Awareness) को ध्यान में रखते हुए सलाह दी गई है कि बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें। गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें और ठंडी हवाओं के सीधे संपर्क में आने से बचें। कोहरे के कारण होने वाली दुर्घटनाओं से बचने के लिए हेडलाइट और फॉग लाइट का समुचित प्रयोग करें ताकि सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जा सके।



