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Bihar Government School Modernization 2026: बिहार के सरकारी स्कूलों की बदलेगी सूरत, नीतीश कैबिनेट ने किया बड़ा धमाका

Bihar Government School Modernization 2026: बिहार के शिक्षा जगत के लिए मंगलवार का दिन एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हुआ है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के 789 माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों को पूरी तरह से आधुनिक बनाने का फैसला लिया गया है। इस दूरदर्शी योजना के तहत अब छठी से बारहवीं कक्षा तक के छात्रों को (Digital learning initiatives in Bihar) के माध्यम से शिक्षा दी जाएगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों के बच्चों को भी निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं प्रदान करना है ताकि वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में कहीं पीछे न रहें।

Bihar Government School Modernization 2026
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स्मार्ट क्लास और आधुनिक लैब से लैस होंगे छात्र

इस परियोजना के अंतर्गत चयनित सभी 789 विद्यालयों में अब स्मार्ट क्लास, हाई-टेक लैब और ई-लाइब्रेरी की स्थापना की जाएगी। बिहार सरकार का मानना है कि (Modern classroom infrastructure development) से छात्रों में तकनीकी साक्षरता बढ़ेगी और वे कौशल नवाचार की दिशा में कदम बढ़ा सकेंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप तैयार की गई इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को भी कंप्यूटर और नई तकनीकों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा, जो उनके भविष्य के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।

करोड़ों का बजट और शिक्षा का नया रोडमैप

कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने मीडिया को जानकारी दी कि इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए कुल 1485.85 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई है। यह बजट (Education sector funding in Bihar) के इतिहास में एक बड़ा निवेश है, जिसका लाभ शैक्षणिक सत्र 2025-26 से मिलना शुरू हो जाएगा। राशि का उपयोग न केवल बुनियादी ढांचे को सुधारने में होगा, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और कौशल आधारित शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए नई मशीनरी और सॉफ्टवेयर की खरीद में भी किया जाएगा।

शिक्षकों को भी मिलेगी हाई-टेक ट्रेनिंग

सिर्फ छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि शिक्षकों के कौशल विकास के लिए भी इस कैबिनेट बैठक में बड़े निर्णय लिए गए हैं। योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए शिक्षकों को (Teacher training for smart classes) प्रोग्राम के तहत प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्हें आधुनिक शिक्षण प्रणालियों और डिजिटल उपकरणों का उपयोग करना सिखाया जाएगा, ताकि वे विद्यार्थियों को प्रभावी ढंग से तकनीकी विषयों की शिक्षा दे सकें। एक बेहतर शिक्षण प्रणाली विकसित होने से स्कूलों में ड्रॉपआउट दर में भी कमी आने की उम्मीद है।

युवाओं के लिए बंपर नौकरियों का पिटारा खुला

नीतीश कैबिनेट ने बेरोजगारी के मुद्दे पर कड़ा प्रहार करते हुए विभिन्न विभागों में कुल 1161 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी है। इस फैसले से बिहार के (Employment opportunities in Bihar 2026) में काफी सुधार देखने को मिलेगा। कृषि विभाग, वन विभाग और डेयरी विभाग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया अब तेज हो जाएगी। सरकार के इस कदम से उन हजारों अभ्यर्थियों को नई उम्मीद मिली है जो सरकारी नौकरी की तैयारी में जुटे हुए हैं और भर्ती के विज्ञापनों का इंतजार कर रहे हैं।

कृषि और पर्यावरण विभाग में विशेषज्ञों की नियुक्ति

कैबिनेट की इस बैठक में कृषि विभाग के पुनर्गठन पर विशेष जोर दिया गया है। इसके तहत 194 पौधा संरक्षण पर्यवेक्षक और 99 पौधा संरक्षण निरीक्षक सहित कुल 694 पदों को (Agricultural department job vacancies) के तहत स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा, राज्य की पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए एक विशेष ‘वन एवं पर्यावरण सलाहकार’ का पद भी सृजित किया गया है। यह दिखाता है कि सरकार अब वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ विभागों के संचालन को प्राथमिकता दे रही है।

डेयरी और पॉलिटेक्निक संस्थानों में पदों का सृजन

मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के तहत कार्यालय परिचाली संवर्ग के 200 पदों के पुनर्गठन को मंजूरी दी गई है। साथ ही, युवा एवं कौशल विकास विभाग के लिए 147 पद और बगहा स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान के लिए (Technical education staff recruitment) हेतु 106 पदों को हरी झंडी मिली है। पॉलिटेक्निक संस्थानों में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से सुचारू रूप से पठन-पाठन सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला लिया गया है, जिससे तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों को काफी मदद मिलेगी।

पटना हाई कोर्ट और जन शिक्षा निदेशालय में बदलाव

कैबिनेट ने पटना हाई कोर्ट के कामकाज को और अधिक सुगम बनाने के लिए अतिरिक्त विधि सहायकों के चार पदों को स्वीकृति प्रदान की है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में प्रचलित ‘विधि लिपिक’ पद का नाम अब बदलकर ‘विधि सहायक’ कर दिया गया है। (Legal department post creation) के इन निर्णयों के साथ-साथ जन शिक्षा निदेशालय के लिए भी नौ नए पदों को मंजूरी मिली है। कुल मिलाकर, बिहार कैबिनेट द्वारा पारित ये 43 प्रस्ताव राज्य के सर्वांगीण विकास और सुशासन की दिशा में एक सशक्त कदम माने जा रहे हैं।

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