Purnia – अमौर थाना परिसर में हवलदार की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप
Purnia – पूर्णिया जिले के अमौर थाना परिसर से बुधवार सुबह एक ऐसी खबर सामने आई, जिसने पूरे पुलिस महकमे को सकते में डाल दिया। थाना परिसर के भीतर बने गार्ड आवास से एक हवलदार का खून से सना शव बरामद किया गया। मृतक के गले में गोली लगने का स्पष्ट निशान मिला है और गोली शरीर को आर-पार करती हुई निकल गई थी। घटना जिस स्थान पर हुई, वह बेहद सुरक्षित माना जाता है, ऐसे में इस मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटना का पता कैसे चला
बुधवार सुबह करीब 10 बजे इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब थाना कैंटीन में काम करने वाला रसोइया रोज की तरह हवलदार के लिए भोजन लेकर उनके आवास पर पहुंचा। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद नहीं था। जैसे ही उसने दरवाजा खोला, सामने का दृश्य देखकर वह घबरा गया। हवलदार आलमनाथ भूइयां फर्श पर पड़े थे और कमरे में चारों ओर खून फैला हुआ था। गले पर गहरे जख्म के निशान साफ दिखाई दे रहे थे। रसोइए ने बिना देर किए शोर मचाया और थानाध्यक्ष को सूचना दी।
मृतक की पहचान और पृष्ठभूमि
मृत हवलदार की पहचान गया जिले के निवासी आलमनाथ भूइयां के रूप में हुई है। उनकी उम्र करीब 40 वर्ष बताई जा रही है। वे लंबे समय से पुलिस सेवा में थे और वर्तमान में अमौर थाना परिसर में तैनात थे। सहयोगियों के अनुसार, वे अपने काम को लेकर सामान्य रूप से सक्रिय रहते थे और हाल के दिनों में किसी तरह की असामान्य बात सामने नहीं आई थी।
घटना से पहले की आखिरी बातचीत
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हवलदार आलमनाथ भूइयां ने सुबह करीब 8 बजे अपनी पत्नी से फोन पर बातचीत की थी। उस बातचीत में किसी तरह की चिंता या परेशानी का जिक्र नहीं हुआ था। बातचीत सामान्य थी, जिससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि उस समय तक हालात सामान्य थे। इसके बाद 8 से 10 बजे के बीच ऐसा क्या हुआ, जिसने उनकी जान ले ली, यही इस मामले का सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है।
मौके पर पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने तुरंत वरीय अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया। पूरे गार्ड आवास को सुरक्षित कर दिया गया है ताकि किसी तरह के साक्ष्य से छेड़छाड़ न हो सके। पुलिस प्रशासन इस मामले को बेहद संवेदनशील मानते हुए हर पहलू से जांच की बात कह रहा है।
जांच में जुटी FSL टीम
पुलिस ने घटनास्थल पर फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम को बुलाया है। वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। हथियार, कारतूस और खून के नमूनों की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बैलिस्टिक रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मामला आत्महत्या का है या फिर इसके पीछे कोई साजिश छिपी है।
परिवार को दी गई सूचना
घटना की जानकारी मिलते ही गया में रह रहे हवलदार के परिजनों को सूचित किया गया। मौत की खबर सुनते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। परिजन तुरंत पूर्णिया के लिए रवाना हो गए हैं। पुलिस उनके पहुंचने का इंतजार कर रही है ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके और परिजनों के बयान दर्ज किए जा सकें।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के सही कारणों को लेकर अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है। जब तक सभी जांच रिपोर्ट सामने नहीं आ जातीं, तब तक पुलिस किसी नतीजे पर पहुंचने से बच रही है। थाना परिसर के भीतर हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और आंतरिक हालात पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।



