Bihar News: ममता की कब्र बनी सर्द रात, माँ ही बन बैठी हत्यारिन, जानें नवजात की मौत का काला सच…
Bihar News: बिहार के पूर्णिया जिले के भवानीपुर थाना क्षेत्र में एक अत्यंत मार्मिक और स्तब्ध कर देने वाली घटना सामने आई है। कड़ाके की ठंढ और मानवता को शर्मसार कर देने वाले इस कृत्य ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। एक माँ ने अपने नवजात शिशु को सड़क किनारे एक गड्ढे में मरने के लिए छोड़ दिया। यह घटना तब और अधिक रहस्यमय हो गई जब ग्रामीणों द्वारा नवजात के शव को दफनाने की तैयारी के दौरान, दो अज्ञात युवतियाँ अचानक आईं और सबके विरोध के बावजूद जबरन शव लेकर फरार हो गईं। यह पूरा घटनाक्रम नैतिक पतन और अनसुलझा रहस्य के बीच एक गहरा प्रश्नचिह्न लगाता है।

इस Bihar News ने मचाई सनसनी
यह हृदय विदारक घटना रायपुरा मध्य विद्यालय के पास घटी। रोज़ की तरह स्कूल के समीप से गुजर रहे ग्रामीणों ने गड्ढे से किसी बच्चे के रोने की धीमी आवाज़ सुनी। पहले तो उन्हें किसी जानवर के फँसे होने का भ्रम हुआ, लेकिन जब वे करीब पहुँचे, तो उनका सामना परेशान करने वाले दृश्य से हुआ। उन्होंने देखा कि खून से लथपथ एक नवजात शिशु बेतरतीबी से ज़मीन पर पड़ा हुआ था। बच्चे के शरीर पर कई खरोंच और ताज़े ज़ख्म थे, जो इस बात का संकेत दे रहे थे कि उसे कितनी क्रूरता से फेंका गया होगा। ग्रामीणों ने तुरंत बच्चे को उठाने का प्रयास किया, लेकिन उसकी नब्ज अत्यंत धीमी थी। यह Tragic incident स्थानीय लोगों के मन में गहरी पीड़ा और आक्रोश पैदा कर गया।
ग्रामीणों का प्रयास
मानवीय संवेदना से प्रेरित होकर, ग्रामीणों ने तुरंत उस नवजात को तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए अस्पताल ले जाने की तैयारी की। लेकिन नियति को शायद कुछ और ही मंज़ूर था। उपचार शुरू होने से पहले ही, उस मासूम ने दम तोड़ दिया और इस बेरहम दुनिया को अलविदा कह दिया। कई घंटों की चर्चा और विचार-विमर्श के बाद, स्थानीय ग्रामीणों ने फैसला किया कि लावारिस नवजात का अंतिम संस्कार किया जाए। इस प्रकार के परित्यक्त शिशु का मामले में ग्रामीण समाज द्वारा लिया गया यह निर्णय एक संवेदनशील कदम था। जैसे ही वे दफनाने की तैयारी शुरू कर रहे थे, ठीक उसी समय कहानी में एक Dramatic turn आया।
रहस्यमय युवतियाँ
दफनाने की तैयारी के दौरान ग्रामीणों की भीड़ को चीरते हुए अचानक दो अज्ञात युवतियाँ घटनास्थल पर पहुँचीं। उन्होंने किसी भी परिचय या स्पष्टीकरण के बिना, ‘सम्मानजनक अंतिम संस्कार’ की बात कहते हुए नवजात का शव उठा लिया। ग्रामीणों ने इस विचित्र हस्तक्षेप का विरोध किया, लेकिन युवतियों ने किसी की नहीं सुनी और नवजात का शव जबरन लेकर वहाँ से भाग गईं। उनका यह कृत्य पूरी तरह से बेहिसाब व्यवहार था। ग्रामीण उन युवतियों की पहचान या उनके इरादों के बारे में कोई जानकारी नहीं जुटा पाए। इस Deepening mystery ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं: वे कौन थीं? उनका उद्देश्य क्या था? और क्यों उन्होंने एक मृत शिशु के शव को इस तरह से ले जाने का प्रयास किया?
पुलिस जांच
इस घटना ने पूरे क्षेत्र में अलग-अलग तरह की सार्वजनिक अटकलें को जन्म दिया है। कुछ लोग मान रहे हैं कि वे युवतियाँ संभवतः अवैध दत्तक ग्रहण या गोद लेने के प्रयास से जुड़ी हो सकती हैं। वहीं, कुछ ग्रामीणों को आशंका है कि यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है, या नवजात को फेंकने वाली माँ के कृत्य के साक्ष्य दमन का प्रयास भी हो सकता है। भवानीपुर थाना के अपर थानाध्यक्ष विकास कुमार ने इस मामले की जानकारी मिलने की पुष्टि की है और बताया है कि पुलिस ने तुरंत तत्काल जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब उस माँ की तलाश कर रही है जिसने नवजात को फेंका और उन दोनों रहस्यमय युवतियों की पहचान स्थापित करने की कोशिश कर रही है जो शव लेकर फरार हो गईं। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस Complex puzzle से पर्दा उठेगा।
चिंताजनक प्रवृत्ति
यह घटना जिले में इस प्रकार की पहली घटना नहीं है। गौरतलब है कि कुछ ही दिन पहले भवानीपुर के तेलियारी क्षेत्र में भी एक नवजात को बोरे में बंद करके फेंका गया था। सौभाग्य से, उस शिशु को एक ग्रामीण दंपति ने बचा लिया था। इन बार-बार होने वाली घटनाएँ से समाज की मानसिकता और सामाजिक उदासीनता पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। यह स्थिति स्पष्ट रूप से बताती है कि स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच, अनचाहे गर्भ और सामाजिक कलंक जैसे मुद्दों पर तत्काल सामाजिक हस्तक्षेप की आवश्यकता है। इन Senseless acts को रोकने के लिए सिर्फ कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि समुदाय स्तर पर जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ाना भी Crucial step है।



