BiharAdministration – किशनगंज दौरे में मुख्य सचिव की नाराजगी से बढ़ी हलचल
BiharAdministration – बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के किशनगंज दौरे के दौरान घटी एक घटना ने प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। मंगलवार को जब वे किशनगंज एयरपोर्ट पहुंचे, तो वहां की व्यवस्थाओं को लेकर असंतोष जाहिर किया। बताया जा रहा है कि उनके लिए जो वाहन उपलब्ध कराया गया था, वह दूसरे राज्य के रजिस्ट्रेशन वाला था। इसे देखकर उन्होंने नाराजगी जताई और उस गाड़ी में बैठने से इनकार कर दिया।

वाहन व्यवस्था को लेकर जताई आपत्ति
एयरपोर्ट पर उपलब्ध कराई गई गाड़ी का रजिस्ट्रेशन पश्चिम बंगाल का था। मुख्य सचिव ने इसे प्रोटोकॉल के अनुरूप नहीं माना और तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा। इसके बाद वे पूर्णिया प्रमंडल के आयुक्त की सरकारी गाड़ी से समाहरणालय के लिए रवाना हुए। इस घटनाक्रम ने स्थानीय प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बैठक में लिया प्रशासनिक कार्यों का जायजा
किशनगंज पहुंचने के बाद मुख्य सचिव ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार भी मौजूद रहे। बैठक में विभिन्न प्रशासनिक विषयों के साथ-साथ कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
भोजन कार्यक्रम रद्द कर लौटे पटना
सूत्रों के अनुसार, बैठक के बाद मुख्य सचिव के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी, लेकिन उन्होंने बिना लंच किए ही पटना लौटने का निर्णय लिया। इसे उनकी नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इस पर कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है, लेकिन प्रशासनिक महकमे में इसे लेकर चर्चा जारी है।
सीमावर्ती सुरक्षा पर भी हुई अहम चर्चा
इस दौरे के दौरान सीमांचल क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया। बैठक में भारत-नेपाल सीमा से जुड़े जिलों की स्थिति की समीक्षा की गई। किशनगंज और अररिया के जिला पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और सशस्त्र सीमा बल के अधिकारी भी इस बैठक में शामिल हुए। अधिकारियों को सीमा सुरक्षा और निगरानी को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए।
केंद्र स्तर पर भी जारी है निगरानी
सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार पहले से सतर्क है। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस क्षेत्र के जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत बैठकें की थीं। इन बैठकों में सीमा पार गतिविधियों और अवैध प्रवेश को रोकने के लिए रणनीति तैयार की गई थी।
आगे भी जारी रहेगी समीक्षा प्रक्रिया
बताया जा रहा है कि अगले महीने दिल्ली में एक और उच्चस्तरीय बैठक प्रस्तावित है, जिसमें सीमावर्ती जिलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। इस बैठक में मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के शामिल होने की संभावना है। इससे पहले राज्य स्तर पर ऐसे दौरे और बैठकें जारी रखी जा रही हैं, ताकि जमीनी हालात का आकलन किया जा सके।