बिहार

BiharRajyaSabha – पांच सीटों पर एनडीए में बढ़ी खींचतान

BiharRajyaSabha – बिहार में राज्यसभा की पांच रिक्त सीटों पर होने वाले चुनाव ने सत्तारूढ़ एनडीए के भीतर हलचल तेज कर दी है। सहयोगी दलों के बीच दावेदारी को लेकर अंदरखाने बातचीत और दबाव की राजनीति जारी है। नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही अलग-अलग घटक दल अपने-अपने हिस्से की मांग को लेकर सक्रिय हो गए हैं।

bihar rajyasabha nda seat tussle

सहयोगियों की बढ़ी सक्रियता

राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा फिलहाल राज्यसभा सदस्य हैं और जिन सीटों पर चुनाव होना है, उनमें उनकी सीट भी शामिल है। 2024 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद वे भाजपा के समर्थन से उच्च सदन पहुंचे थे। अब दोबारा नामांकन के लिए उन्हें फिर से सहयोग की आवश्यकता होगी। हाल में उन्होंने कहा था कि उम्मीदवारों का चयन गठबंधन स्तर पर सामूहिक निर्णय से होगा।

विलय की अटकलों पर चर्चा

राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी है कि भाजपा की ओर से रालोमो को विलय का प्रस्ताव दिया गया है। हालांकि इस पर किसी पक्ष ने औपचारिक पुष्टि नहीं की है। सूत्रों के मुताबिक विधानसभा चुनाव के दौरान सीट बंटवारे को लेकर असंतोष की स्थिति बनी थी और उस समय एक एमएलसी तथा एक राज्यसभा सीट का आश्वासन दिया गया था। अब उसी वादे की याद दिलाई जा रही है।

मांझी ने भी दोहराई मांग

हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने भी सार्वजनिक तौर पर राज्यसभा सीट की अपेक्षा जताई है। उनका कहना है कि लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी को दो लोकसभा और एक राज्यसभा सीट देने की बात हुई थी, लेकिन राज्यसभा का वादा अभी अधूरा है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे दबाव की राजनीति नहीं कर रहे, बल्कि गठबंधन धर्म के तहत हिस्सेदारी चाहते हैं।

लोजपा-आर की बैठक

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने भी पटना में अपने विधायकों के साथ बैठक की। बैठक में पार्टी ने सभी पांच सीटों पर एनडीए की जीत सुनिश्चित करने का संकल्प दोहराया। पूर्व में उनकी माता की संभावित उम्मीदवारी को लेकर चर्चा थी, जिसे बाद में स्वयं चिराग ने खारिज कर दिया। फिलहाल पार्टी खुलकर किसी दावेदारी की घोषणा नहीं कर रही है।

संख्याबल का गणित

243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में एनडीए के पास 202 विधायक हैं। भाजपा के 89, जदयू के 85, लोजपा-आर के 19, हम के 5 और रालोमो के 4 विधायक गठबंधन का हिस्सा हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 41 विधायकों का समर्थन आवश्यक है। इस गणित के आधार पर गठबंधन की चार सीटें सुरक्षित मानी जा रही हैं, जिनमें दो जदयू और दो भाजपा कोटे की बताई जा रही हैं।

पांचवीं सीट पर नजर

पांचवीं सीट के लिए गठबंधन को अतिरिक्त समर्थन जुटाना होगा। विपक्षी खेमे में आरजेडी ने उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया है, जिससे मुकाबला रोचक होने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषक क्रॉस वोटिंग की आशंका से भी इनकार नहीं कर रहे। नामांकन की अंतिम तिथि पांच मार्च निर्धारित है, जबकि मतदान 16 मार्च को होना है।

राज्यसभा चुनाव को लेकर जारी यह खींचतान आने वाले दिनों में और स्पष्ट तस्वीर पेश करेगी। फिलहाल सभी दल अपने-अपने हितों को साधने में जुटे हैं।

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.