BiharVigilance – बिहार में भ्रष्टाचार विरोधी ढांचा मजबूत, तीन नए निगरानी थाने जल्द खुलेंगे
BiharVigilance – बिहार को भ्रष्टाचार से मुक्त बनाने की दिशा में सरकार ने अपनी प्रशासनिक पकड़ और तेज कर दी है। निगरानी विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने स्पष्ट किया कि राज्य में भ्रष्टाचार विरोधी तंत्र को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और तेज़ बनाया जा रहा है। इसके तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्यप्रणाली को और सशक्त किया गया है, लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे पर विशेष जोर दिया जा रहा है और स्पीडी ट्रायल की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर दृढ़ता से कायम है और इसी प्रतिबद्धता के तहत नए निगरानी थाने खोलने का निर्णय लिया गया है।

तीन जिलों में नए निगरानी थाने
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार अररिया, पूर्णिया और कटिहार जिलों में नए निगरानी थाने स्थापित करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इन क्षेत्रों में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई हो सके। इसके साथ ही बढ़ते मुकदमों के दबाव को देखते हुए राज्य में विशेष निगरानी अदालतों की संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव चौधरी ने ये बातें शुक्रवार को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के सभागार में आयोजित तृतीय सतर्कता सम्मान समारोह सह कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहीं।
तृतीय सतर्कता सम्मान समारोह की झलक
इस कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन अरविंद कुमार चौधरी, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के महानिदेशक जितेंद्र सिंह गंगवार और पुलिस महानिरीक्षक गरिमा मल्लिक ने संयुक्त रूप से किया। समारोह के दौरान उन लोक अभियोजकों, धावादल प्रभारियों, परिवादियों, अनुसंधानकर्ताओं और सत्यापनकर्ताओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में उल्लेखनीय योगदान दिया है। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से ईमानदार अधिकारियों और नागरिकों का मनोबल बढ़ता है और व्यवस्था में पारदर्शिता को बल मिलता है।
नए आपराधिक कानून और समयबद्ध न्याय
अपने संबोधन में चौधरी ने बताया कि देश में लागू हुए नए आपराधिक कानूनों के तहत यह अपेक्षा की गई है कि तीन वर्षों के भीतर कानूनी प्रक्रिया पूरी हो जाए। उन्होंने कहा कि निगरानी विभाग ने इस दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है और पुराने मामलों में भी कार्रवाई की गति बढ़ी है। उनके अनुसार, जनता का भरोसा जीतना किसी भी भ्रष्टाचार विरोधी अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि होती है, और इस मोर्चे पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने उल्लेखनीय काम किया है।
रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के महानिदेशक जितेंद्र सिंह गंगवार ने कहा कि विभाग लगातार अपने ही प्रदर्शन को पीछे छोड़ते हुए नए मानक स्थापित कर रहा है। उनके मुताबिक जांच की गुणवत्ता, कार्रवाई की गति और पारदर्शिता के स्तर में लगातार सुधार हुआ है, जिससे भ्रष्टाचारियों में भय और आम नागरिकों में विश्वास बढ़ा है।
बढ़ती शिकायतें और त्वरित कार्रवाई
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि आम लोगों में जागरूकता बढ़ने के कारण भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। विभाग इन शिकायतों पर बिना देरी किए कार्रवाई कर रहा है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निगरानी की कार्रवाई सिर्फ एक या दो विभागों तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी सरकारी विभागों में समान रूप से लागू की जा रही है।
स्पीडी ट्रायल और पारदर्शिता
चौधरी ने कहा कि निगरानी थानों में दर्ज होने वाले मामलों में स्पीडी ट्रायल सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि न्याय में देरी न हो। इसके लिए कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम का अहम हिस्सा बताते हुए कहा कि इससे दोषियों को समय पर सजा मिलेगी और व्यवस्था पर लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।
परिवादियों को राशि वापसी
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि जिन लोगों ने ट्रैप कार्रवाई के दौरान रिश्वत पकड़वाने के लिए राशि दी थी, वह पूरी रकम उनके बैंक खातों में वापस कर दी गई है। अधिकारियों ने इसे पारदर्शिता और नैतिकता की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया।
समापन और उपस्थिति
समारोह के अंत में धन्यवाद ज्ञापन पुलिस महानिरीक्षक गरिमा मल्लिक ने किया। इस अवसर पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के सभी डीआईजी स्तर के अधिकारी और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन भ्रष्टाचार मुक्त बिहार के संकल्प के साथ हुआ।



