बिहार

Corruption Case – बीएमएसआईसीएल अधिकारी के ठिकानों पर छापे में करोड़ों की संपत्ति बरामद

Corruption Case – बिहार में भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में विशेष निगरानी इकाई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड के उप महाप्रबंधक (प्रोजेक्ट) पंकज कुमार के पटना स्थित कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जांच एजेंसी ने गुरुवार को अदालत से अनुमति मिलने के बाद यह कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान उनके कदमकुआं स्थित आवास और कार्यालय समेत कुल तीन स्थानों की तलाशी ली गई। जांच के दौरान टीम को घर से बड़ी मात्रा में नकद राशि, सोने-चांदी और हीरे के आभूषण के साथ कई निवेश से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बरामद आभूषणों की कीमत करीब 1.31 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि लगभग 32 लाख रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं।

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छापेमारी के दौरान खिड़की से बाहर फेंकी गई नकदी और आभूषण

विशेष निगरानी इकाई के अधिकारियों के अनुसार छापेमारी के समय अधिकारी पंकज कुमार घबराहट में आ गए और जल्दबाजी में घर में रखे कुछ आभूषण और नकदी को खिड़की के रास्ते बाहर फेंकने की कोशिश की। हालांकि मौके पर मौजूद टीम ने स्थिति को तुरंत नियंत्रित कर लिया और बाहर फेंकी गई रकम और आभूषणों को भी बरामद कर लिया। अधिकारियों ने बताया कि जब्त की गई सभी वस्तुओं को सूचीबद्ध कर जांच प्रक्रिया के तहत सुरक्षित रखा गया है।

जांच एजेंसी ने इस मामले में आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है और आगे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों की विस्तृत जांच की जा रही है ताकि वास्तविक संपत्ति का आकलन किया जा सके।

पटना में कई फ्लैट और संपत्ति के दस्तावेज मिले

छापेमारी के दौरान टीम को आरोपी अधिकारी और उनकी पत्नी के नाम से जुड़े कई अचल संपत्ति के दस्तावेज भी मिले हैं। जांच में पता चला है कि पटना के कंकड़बाग इलाके के पृथ्वीपुर स्थित शिवम अपार्टमेंट में इनके दो फ्लैट हैं, जिनका नंबर 305 और 405 बताया गया है। इसके अलावा कदमकुआं स्थित कोनिका मैहर अपार्टमेंट में भी एक फ्लैट संख्या 105 के बारे में जानकारी सामने आई है।

इन संपत्तियों के अलावा वित्तीय संस्थानों में किए गए निवेश से संबंधित कागजात और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज भी जांच एजेंसी को मिले हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन संपत्तियों का स्रोत क्या है और इन्हें किस प्रकार अर्जित किया गया।

आभूषणों की खरीद से जुड़ी 150 से अधिक रसीदें मिलीं

तलाशी के दौरान एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। अधिकारियों को घर से सोने के आभूषणों की खरीद से जुड़ी 150 से अधिक रसीदें मिली हैं। ये रसीदें अधिकारी के सेवाकाल के दौरान खरीदे गए आभूषणों से संबंधित बताई जा रही हैं। जांच एजेंसी इन सभी दस्तावेजों की अलग से जांच कर रही है।

सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान अधिकारी ने स्वीकार किया है कि घर से बरामद लगभग 32 लाख रुपये नकद और करीब 1.31 करोड़ रुपये के आभूषण उन्हीं के हैं। हालांकि जांच एजेंसी इन संपत्तियों के स्रोत और आय के अनुपात की पड़ताल कर रही है।

13 वर्षों की सेवा में संपत्ति बढ़ने की जांच

विशेष निगरानी इकाई के अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि अधिकारी ने अपनी 13 साल की सेवा अवधि के दौरान काफी संपत्ति अर्जित की है। पंकज कुमार ने वर्ष 2013 में बिहार सरकार में सहायक अभियंता के रूप में सेवा शुरू की थी और बाद में बीएमएसआईसीएल में उप महाप्रबंधक (प्रोजेक्ट) के पद पर कार्यरत रहे।

एसवीयू के अपर पुलिस महानिदेशक पंकज कुमार दाराद ने बताया कि इस मामले में एसवीयू कांड संख्या 10/2026 दर्ज किया गया है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच के आधार पर पहले करीब 96.46 लाख रुपये की संदिग्ध संपत्ति का मामला दर्ज किया गया था, लेकिन छापेमारी के दौरान इससे कहीं अधिक संपत्ति के संकेत मिले हैं।

आगे की जांच के लिए विशेष अधिकारी नियुक्त

इस मामले की विस्तृत जांच के लिए विशेष निगरानी इकाई ने अपने वरीय पुलिस उपाधीक्षक संजय कुमार वर्मा को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। जांच एजेंसी अब बरामद संपत्ति, बैंक खातों और निवेश से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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