CrowdControl – पूर्वी चंपारण में कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के कार्यक्रम के दौरान अफरा-तफरी, तीन लोग घायल
CrowdControl – बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान रविवार को उस समय अव्यवस्था की स्थिति बन गई, जब कथावाचक अनिरुद्धाचार्य जी महाराज के पंडाल में प्रवेश के दौरान भीड़ अनियंत्रित हो गई। इस घटनाक्रम में तीन श्रद्धालुओं को हल्की चोटें आईं, जिन्हें मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।

कार्यक्रम स्थल पर अचानक बढ़ा दबाव
यह घटना शहर के हवाई अड्डा मैदान में आयोजित कथा के चौथे दिन दोपहर करीब ढाई बजे हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही कथावाचक मंच की ओर बढ़े, उसी समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडाल के मुख्य प्रवेश द्वार पर जमा हो गए। सीमित स्थान और अचानक बढ़ी भीड़ के कारण प्रवेश द्वार पर दबाव बढ़ता चला गया और स्थिति संभालना मुश्किल हो गई। इसी दौरान गेट का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे अफरा-तफरी फैल गई।
वीआईपी गेट से प्रवेश की कोशिश बनी कारण
स्थानीय लोगों और आयोजकों से मिली जानकारी के मुताबिक, घटना की मुख्य वजह वीआईपी प्रवेश द्वार से बिना अनुमति अंदर जाने की कोशिश रही। कथावाचक के साथ कुछ श्रद्धालु वीआईपी गेट से पंडाल में प्रवेश करना चाहते थे, जबकि उनके पास इसके लिए पास नहीं थे। पुलिसकर्मियों ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो पीछे से आ रही भीड़ भी आगे बढ़ने लगी। इसी धक्का-मुक्की के बीच स्थिति बिगड़ गई और कुछ लोग जमीन पर गिर पड़े।
पुलिस की तत्परता से टला बड़ा हादसा
मौके पर तैनात पुलिस बल ने तुरंत हस्तक्षेप किया और भीड़ को पीछे हटाकर स्थिति को नियंत्रण में लिया। अधिकारियों के अनुसार, समय रहते कदम उठाए जाने के कारण कोई गंभीर हादसा नहीं हुआ। घायल हुए श्रद्धालुओं को पास के चिकित्सा केंद्र में ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया गया। कुछ देर के व्यवधान के बाद कार्यक्रम को दोबारा व्यवस्थित किया गया और कथा अपने निर्धारित समय पर शुरू हो सकी।
लाठीचार्ज की अफवाहों पर प्रशासन का स्पष्टीकरण
घटना के बाद कुछ देर के लिए यह चर्चा फैल गई कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया। हालांकि, प्रशासन ने इन दावों को सिरे से खारिज किया है। मौके पर पहुंचे एसडीएम मनीष कुमार और डीएसपी मनीष आनंद ने स्पष्ट किया कि पुलिस ने किसी प्रकार का लाठीचार्ज नहीं किया। उन्होंने बताया कि केवल भीड़ को व्यवस्थित करने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए मानक प्रक्रिया अपनाई गई थी।
नेपाल से भी पहुंच रहे हैं बड़ी संख्या में श्रद्धालु
रक्सौल भारत-नेपाल सीमा से सटा क्षेत्र है, और इसी वजह से इस धार्मिक आयोजन में नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। 5 से 11 फरवरी तक चलने वाली श्रीमद्भागवत कथा में प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं, जिनमें महिलाओं की भागीदारी अधिक बताई जा रही है। भीड़ का अनुमान अपेक्षा से अधिक होने के कारण व्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ा है।
व्यवस्थाओं को लेकर उठे सवाल
कुछ श्रद्धालुओं ने आयोजन स्थल पर प्रवेश और बैठने की व्यवस्था को लेकर असंतोष जताया है। उनका कहना है कि संकेतक, बैरिकेडिंग और प्रवेश मार्गों को और स्पष्ट किया जाना चाहिए था, ताकि भीड़ एक ही स्थान पर जमा न हो। प्रशासन ने इन सुझावों को गंभीरता से लेने की बात कही है और आगामी दिनों में सुरक्षा व व्यवस्था को और मजबूत करने का आश्वासन दिया है।



