Patna Anti-Encroachment Drive: पटना की सड़कों पर चलेगा अतिक्रमण सफाया अभियान, 26 मार्गों पर दौड़ेगा पीला पंजा
Patna Anti-Encroachment Drive: बिहार की राजधानी पटना को जाम के झाम से मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। शुक्रवार से शहर की 26 प्रमुख सड़कों पर (Massive Anti-Encroachment Operation) शुरू होने जा रहा है। डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम के नेतृत्व में यह अभियान दानापुर से लेकर पटना सिटी तक के इलाकों में चलाया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सड़कों पर अवैध कब्जा करने वालों के साथ अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी और विकास में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

नौ विशेष टीमों का गठन और जनवरी का फुल कैलेंडर
इस विशाल अभियान को सुव्यवस्थित ढंग से चलाने के लिए कुल नौ टीमों का गठन किया गया है। नगर निगम के सभी छह अंचलों और नगर परिषदों ने (Action Plan Schedule) जारी कर दिया है। यह अभियान केवल एक-दो दिन का नहीं, बल्कि पूरे 31 जनवरी तक चलेगा। अतिक्रमण हटाने के लिए जनवरी माह का एक विस्तृत अग्रिम कैलेंडर तैयार किया गया है, जिसके अनुसार ही टीमें विभिन्न क्षेत्रों में कूच करेंगी और अवैध निर्माणों को ढहाएंगी।
डीएम की सख्त चेतावनी: बाधा डालने वालों की खैर नहीं
डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने अभियान की शुरुआत से पहले कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि आम जनता की सुविधा के लिए सड़कों को अतिक्रमण मुक्त करना (Public Interest Enforcement) के तहत अनिवार्य है। यदि किसी व्यक्ति या संस्था ने इस सरकारी कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया, तो उन्हें जेल की हवा खानी पड़ सकती है। प्रशासन ने साफ किया है कि फुटपाथ और मुख्य सड़कों पर लगाए गए ठेले, दुकानों के बाहर निकले छज्जे और अवैध पार्किंग पर ‘पीला पंजा’ चलना तय है।
नूतन राजधानी से लेकर पटना सिटी तक घेराबंदी
इस अभियान का दायरा बहुत व्यापक है। यह नूतन राजधानी, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, बांकीपुर, अजीमाबाद और पटना सिटी जैसे प्रमुख अंचलों में एक साथ चलाया जाएगा। इसके अलावा (Municipal Corporation Zones) खगौल, फुलवारीशरीफ और दानापुर निजामत के इलाकों को भी इस विशेष अभियान में शामिल किया गया है। मुख्य सड़कों के साथ-साथ मोहल्लों की कनेक्टिंग रोड्स पर भी प्रशासन की पैनी नजर रहेगी ताकि यातायात का प्रवाह सुचारू हो सके।
इन प्रमुख सड़कों पर रहेगा विशेष ध्यान
अतिक्रमण हटाने की सूची में पटना की लगभग सभी जीवन रेखाएं शामिल हैं। सगुना मोड़ से दानापुर स्टेशन, बोरिंग रोड, बेऊर मोड़, कंकड़बाग मेन रोड और गांधी मैदान के चारों ओर (Major Road Clearance) का कार्य प्राथमिकता पर होगा। अटल पथ, जेपी गंगा पथ और नेहरू पथ जैसी आधुनिक सड़कों पर भी किसी भी तरह के अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डाकबंगला चौराहा और पटना जंक्शन के समीप के इलाकों को भी पूरी तरह खाली कराया जाएगा।
फुटपाथ विक्रेताओं के लिए सख्त नियम
प्रशासन ने फुटपाथ विक्रेताओं को भी चेतावनी दी है कि वे निर्धारित वेंडिंग जोन में ही अपनी दुकानें लगाएं। मुख्य सड़कों और व्यस्त चौराहों जैसे कारगिल चौक, एनआईटी और जीपीओ के आसपास (Pedestrian Safety Measures) को ध्यान में रखते हुए किसी भी तरह की अस्थाई दुकान की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस बल की तैनाती के साथ यह सुनिश्चित किया जाएगा कि एक बार अतिक्रमण हटने के बाद दोबारा वहां कब्जे की स्थिति पैदा न हो।
सुंदर पटना और सुगम यातायात का लक्ष्य
इस अभियान का अंतिम उद्देश्य पटना को एक स्मार्ट सिटी के मानकों पर खरा उतारना है। डीएम का मानना है कि (Urban Development Policy) तभी सफल होगी जब सड़कें चौड़ी और बाधा रहित हों। अतिक्रमण हटने से न केवल एम्बुलेंस और अग्निशमन जैसे आपातकालीन वाहनों को रास्ता मिलेगा, बल्कि आम लोगों का कीमती समय भी बचेगा। 31 जनवरी तक चलने वाला यह अभियान पटना की सूरत बदलने में निर्णायक साबित होगा।



