उत्तर प्रदेश

PowerCrisis – बढ़ती गर्मी में यूपी की बिजली व्यवस्था पर बढ़ा दबाव

PowerCrisis – उत्तर प्रदेश में इस समय बिजली आपूर्ति को लेकर कई इलाको में परेशानी बढ़ती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि समस्या केवल बिजली उत्पादन की नहीं, बल्कि वितरण व्यवस्था की क्षमता से भी जुड़ी हुई है। भीषण गर्मी के बीच बिजली की मांग लगातार नए स्तर पर पहुंच रही है, जबकि मौजूदा आपूर्ति ढांचा उस दबाव को पूरी तरह संभाल नहीं पा रहा है।

powercrisis up electricity demand pressure update

राज्य में करोड़ों उपभोक्ताओं द्वारा स्वीकृत कुल बिजली लोड मौजूदा वितरण क्षमता से काफी अधिक बताया जा रहा है। ऐसे में जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, बिजली नेटवर्क पर भार भी बढ़ता जा रहा है। कई इलाकों में ट्रांसफॉर्मर और फीडर ओवरलोड होने के कारण बार-बार फॉल्ट और ब्रेकडाउन की स्थिति बन रही है।

मांग और क्षमता के बीच बढ़ा अंतर

प्रदेश में करीब 3 करोड़ 73 लाख बिजली उपभोक्ता हैं। इन सभी उपभोक्ताओं का कुल स्वीकृत भार मौजूदा ट्रांसफॉर्मर क्षमता से काफी ज्यादा है। ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि गर्मी के मौसम में एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य उपकरणों के लगातार उपयोग से मांग अचानक बढ़ जाती है।

कई जगहों पर उपभोक्ता अपने स्वीकृत लोड से भी अधिक बिजली इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका असर सीधे फीडरों और स्थानीय वितरण नेटवर्क पर पड़ रहा है। जिन इलाकों में क्षमता से अधिक दबाव बन रहा है, वहां तकनीकी खराबियां तेजी से सामने आ रही हैं।

मरम्मत टीमों की कमी से बढ़ी परेशानी

बिजली आपूर्ति बहाल करने में देरी की एक बड़ी वजह मरम्मत टीमों की सीमित संख्या भी मानी जा रही है। कई उपकेंद्रों पर एक समय में केवल एक ही तकनीकी टीम उपलब्ध है। जबकि एक उपकेंद्र से कई फीडर जुड़े होते हैं और एक साथ कई स्थानों पर खराबी आने की स्थिति में मरम्मत कार्य प्रभावित हो जाता है।

अधिकारियों के अनुसार यदि किसी क्षेत्र में एक से अधिक फीडरों में फॉल्ट आ जाए तो टीमों को क्रमवार काम करना पड़ता है। इस कारण दूसरे इलाकों के उपभोक्ताओं को लंबे समय तक बिजली कटौती झेलनी पड़ रही है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों से इस तरह की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।

बिजली मांग ने बनाया नया रिकॉर्ड

रविवार रात राज्य में बिजली की अधिकतम मांग ने नया रिकॉर्ड दर्ज किया। बढ़ती जरूरत को पूरा करने के लिए पावर कॉरपोरेशन को बिजली एक्सचेंज से अतिरिक्त बिजली खरीदनी पड़ी। सरकारी उत्पादन इकाइयों और निर्धारित आयात स्रोतों से भी बिजली ली गई ताकि मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाया जा सके।

ऊर्जा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जल विद्युत परियोजनाओं से भी बिजली उत्पादन किया गया। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि उत्पादन की व्यवस्था होने के बावजूद वितरण नेटवर्क की सीमाएं बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। कई क्षेत्रों में लाइन क्षमता और पुराने उपकरणों के कारण आपूर्ति प्रभावित हो रही है।

उपभोक्ता परिषद ने उठाए सवाल

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने मौजूदा हालात पर चिंता जताई है। परिषद का कहना है कि लोगों को केवल रिकॉर्ड मांग के आंकड़े नहीं, बल्कि स्थिर बिजली आपूर्ति की जरूरत है। लगातार कटौती और बार-बार फॉल्ट के कारण आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

परिषद के पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि यदि राज्य में स्वीकृत कुल लोड के हिसाब से पर्याप्त बिजली उपलब्ध होती तो मांग का स्तर और अधिक हो सकता था। उन्होंने वितरण ढांचे को मजबूत करने, मरम्मत टीमों की संख्या बढ़ाने और तकनीकी व्यवस्थाओं में सुधार की जरूरत बताई।

आने वाले दिनों में बढ़ सकती है चुनौती

मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक गर्मी का असर जारी रह सकता है। ऐसे में बिजली की मांग और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। ऊर्जा विभाग फिलहाल आपूर्ति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त इंतजामों पर काम कर रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि दीर्घकालिक समाधान के लिए वितरण ढांचे में बड़े स्तर पर सुधार जरूरी होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.