Monsoon Diet – बारिश के मौसम में इन सब्जियों को लेकर डॉक्टर ने दी सावधानी
Monsoon Diet- बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं संक्रमण और पाचन संबंधी परेशानियों का जोखिम भी बढ़ा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस दौरान खानपान में थोड़ी अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी होता है। नेचुरोपैथी विशेषज्ञ और डाइट कंसल्टेंट डॉ. निकिता विजय का कहना है कि वातावरण में बढ़ी नमी के कारण कुछ सब्जियों में बैक्टीरिया, फफूंद या कीड़ों की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में इन्हें चुनने, साफ करने और पकाने के तरीके पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

पत्तेदार सब्जियों में रखें अतिरिक्त सावधानी
डॉ. निकिता के अनुसार, मानसून के दौरान पत्तागोभी, पालक, मेथी, सरसों का साग और बथुआ जैसी पत्तेदार सब्जियों का उपयोग करते समय सतर्क रहना चाहिए। पत्तागोभी की परतों के बीच गंदगी या छोटे कीड़े छिपे रह सकते हैं, जबकि पालक और अन्य हरी सब्जियों पर नमी के कारण बैक्टीरिया या मिट्टी चिपकी रह सकती है। यदि इनका सेवन करना हो तो इन्हें अच्छी तरह धोकर और पूरी तरह पकाकर ही खाना बेहतर माना जाता है।
फूलगोभी और मशरूम खरीदते समय बरतें सावधानी
विशेषज्ञों का कहना है कि फूलगोभी में भी छोटे कीड़े या अशुद्धियां मौजूद होने की संभावना रहती है। कुछ लोगों में इसका सेवन गैस, पेट फूलने या अपच की समस्या बढ़ा सकता है। वहीं, मानसून में अधिक नमी के कारण मशरूम जल्दी खराब हो सकते हैं या उन पर फफूंद विकसित हो सकती है। इसलिए इन्हें केवल विश्वसनीय स्थान से खरीदने और उपयोग से पहले अच्छी तरह जांचने की सलाह दी जाती है।
बैंगन, भिंडी और परवल में ताजगी का रखें ध्यान
डॉक्टर के अनुसार, बारिश के मौसम में बैंगन कुछ लोगों के लिए पाचन संबंधी परेशानी या एलर्जी का कारण बन सकता है। वहीं भिंडी और परवल जैसी सब्जियां नमी के कारण जल्दी खराब हो सकती हैं। ऐसे में सब्जियां खरीदते समय उनकी ताजगी और गुणवत्ता की जांच करना जरूरी है। यदि किसी सब्जी में सड़न, दुर्गंध या रंग में बदलाव दिखाई दे तो उसका सेवन नहीं करना चाहिए।
हल्का और संतुलित भोजन रहेगा बेहतर विकल्प
स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि मानसून में हल्का, ताजा और आसानी से पचने वाला भोजन अधिक उपयुक्त रहता है। मौसमी सब्जियों का सेवन किया जा सकता है, लेकिन उन्हें अच्छी तरह धोना और पर्याप्त तापमान पर पकाना जरूरी है। इससे संक्रमण का जोखिम कम किया जा सकता है और पाचन तंत्र पर भी अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता। भोजन के साथ स्वच्छता का ध्यान रखना भी इस मौसम में उतना ही महत्वपूर्ण माना जाता है।
पहले से स्वास्थ्य समस्या हो तो डॉक्टर से लें सलाह
यदि किसी व्यक्ति को पहले से एलर्जी, गैस, अपच या अन्य पाचन संबंधी समस्या रहती है, तो मानसून के दौरान खानपान में और अधिक सतर्कता बरतनी चाहिए। किसी भी खाद्य पदार्थ को लेकर असुविधा महसूस होने पर स्वयं उपचार करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना उचित रहता है। विशेषज्ञों का कहना है कि संतुलित आहार, साफ-सफाई और ताजी सामग्री का चयन करके बारिश के मौसम में भी स्वस्थ दिनचर्या बनाए रखी जा सकती है।