CNGRates – दिल्ली में फिर महंगी हुई सीएनजी, चार बार बढ़ चुके दाम
CNGRates – देशभर में ईंधन की कीमतों को लेकर लोगों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मंगलवार को कोई बदलाव नहीं किया गया, लेकिन सीएनजी उपभोक्ताओं को एक बार फिर झटका लगा है। राजधानी दिल्ली में 26 मई को सीएनजी के दाम में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई है। नई दर लागू होने के बाद दिल्ली में सीएनजी की कीमत 83.09 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है।

लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है। खासकर वे लोग ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं जो रोजाना सीएनजी से चलने वाले वाहनों का इस्तेमाल करते हैं। ऑटो चालकों और टैक्सी सेवाओं से जुड़े लोगों के बीच भी इस बढ़ोतरी को लेकर चिंता बढ़ रही है।
मई महीने में चौथी बार बढ़े दाम
इस महीने सीएनजी की कीमतों में कई बार बदलाव किया जा चुका है। सबसे पहले 15 मई को दरों में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद 18 मई को कीमत 1 रुपये और बढ़ाई गई। फिर 23 मई को एक और बढ़ोतरी देखने को मिली। अब 26 मई को दोबारा 2 रुपये का इजाफा होने के बाद कुल मिलाकर इस महीने सीएनजी 6 रुपये प्रति किलोग्राम महंगी हो चुकी है।
ऊर्जा बाजार से जुड़े जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर घरेलू ईंधन बाजार पर लगातार पड़ रहा है। आयात लागत बढ़ने के कारण गैस कंपनियों पर भी दबाव बढ़ा है, जिसका असर उपभोक्ता दरों में देखने को मिल रहा है।
ऑटो और परिवहन सेवाओं पर पड़ेगा असर
सीएनजी की बढ़ती कीमतों का सीधा असर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर पड़ सकता है। दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ऑटो रिक्शा, टैक्सी और छोटे व्यावसायिक वाहन सीएनजी पर चलते हैं। ऐसे में ईंधन महंगा होने से किराए में बढ़ोतरी की संभावना भी बढ़ गई है।
ऑटो चालकों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में लगातार बढ़ी लागत के कारण उनकी आमदनी प्रभावित हुई है। अगर कीमतों में इसी तरह इजाफा जारी रहा तो किराया संशोधन की मांग तेज हो सकती है। वहीं यात्रियों को भी आने वाले दिनों में ज्यादा खर्च उठाना पड़ सकता है।
अंतरराष्ट्रीय हालात से बढ़ा दबाव
विशेषज्ञों के मुताबिक वैश्विक स्तर पर जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात ने ऊर्जा आपूर्ति पर असर डाला है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमत बढ़ने का सीधा प्रभाव घरेलू बाजार पर दिखाई देता है।
हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी है। इससे पहले यह करीब 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई थी। आपूर्ति मार्गों पर दबाव और समुद्री परिवहन में रुकावट की आशंका ने भी कीमतों को ऊपर धकेला है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत
हालांकि मंगलवार को पेट्रोल और डीजल की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया। इससे आम उपभोक्ताओं को कुछ राहत जरूर मिली है। इससे पहले सोमवार को तेल कंपनियों ने दोनों ईंधनों की कीमतों में बढ़ोतरी की थी। 15 मई के बाद अब तक पेट्रोल और डीजल के दाम में चार बार बदलाव हो चुका है।
एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की बात करें तो घरेलू गैस सिलेंडर की दरें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं। हालांकि व्यावसायिक गैस सिलेंडर के दाम में पिछले कुछ समय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। व्यापारिक उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं पर इसका अतिरिक्त आर्थिक दबाव देखने को मिल रहा है।