Gaya Railway Police Gold Robbery: खाकी पर लगा दाग, कूरियर यात्री से एक किलो सोना छीनने का लगा संगीन आरोप
Gaya Railway Police Gold Robbery: बिहार पुलिस के इतिहास में एक शर्मनाक मामला सामने आया है जहाँ गया जंक्शन के रेल थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह को ही लूट के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने अधीनस्थ सिपाहियों के साथ मिलकर हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक कूरियर यात्री से (Gold Theft Investigation) के केंद्र में रहकर करीब एक किलो सोना छीन लिया था। मंगलवार की रात रेल एसपी कार्यालय के पास से उनकी गिरफ्तारी हुई, जिसके बाद उन्हें सीधे जेल भेज दिया गया।

एक करोड़ 44 लाख के सोने की सनसनीखेज लूट
यह घटना बीते 21 नवंबर की है, जब कूरियर यात्री धनंजय शास्वत से करीब 1.44 करोड़ रुपये मूल्य का सोना छीना गया था। पीड़ित के बयान के आधार पर थानाध्यक्ष, चार सिपाहियों और दो अन्य लोगों को (Criminal Conspiracy in Police) के तहत नामजद किया गया है। पुलिस मुख्यालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तीन डीएसपी की एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है, जो इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
वर्दी की आड़ में चल रहा था सिंडिकेट
इस मामले में गया जीआरपी के चार जवान—करण कुमार, अभिषेक चतुर्वेदी, रंजय कुमार और आनंद मोहन भी मुख्य आरोपी हैं। इनके साथ दो आम नागरिक भी शामिल थे जो मुखबिरी का काम करते थे। रेल डीआईजी पटना राजीव मिश्रा ने बताया कि (Police Accountability and Integrity) के साथ समझौता नहीं किया जाएगा। थानाध्यक्ष द्वारा मामले को इतने दिनों तक लंबित रखे जाने और अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज करने को लेकर भी जवाब-तलब किया गया है।
रेल मुख्यालय की पैनी नजर और सख्त कार्रवाई
पटना रेल पुलिस मुख्यालय ने इस घटना में संलिप्त सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी है। रेल डीआईजी ने स्पष्ट किया है कि वर्दी पहनकर अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। फरार सिपाहियों की गिरफ्तारी के लिए (Special Task Force Operations) लगातार छापेमारी कर रही है। यह मामला न केवल सोने की लूट का है, बल्कि पुलिस विभाग की साख पर लगा एक गहरा धब्बा भी है।



