HousingScheme – नई भुगतान प्रणाली में देरी से केंद्र से पुरानी व्यवस्था जारी रखने की मंजूरी
HousingScheme – ग्रामीण विकास योजनाओं से जुड़ी नई भुगतान व्यवस्था को लागू करने में हो रही देरी को देखते हुए राज्य सरकार को फिलहाल पुरानी प्रक्रिया के तहत ही राशि जारी रखने की अनुमति मिल गई है। ग्रामीण विकास विभाग के आग्रह पर केंद्र सरकार ने 31 मार्च, 2026 तक पुरानी व्यवस्था से भुगतान जारी रखने पर सहमति दे दी है। हालांकि केंद्र की ओर से अब तक जारी की गई राशि को लेकर विभागीय स्तर पर असंतोष भी सामने आया है।

केंद्र की सहमति के बाद भी राशि सीमित
केंद्र सरकार से सहमति मिलने के बाद ग्रामीण विकास विभाग ने 14 जनवरी, 2026 को औपचारिक रूप से राशि जारी करने का अनुरोध किया था। इसके जवाब में केंद्र ने केवल 90 करोड़ रुपये जारी किए। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह रकम जरूरत के मुकाबले बेहद कम है। मौजूदा प्रगति और लंबित किस्तों को देखते हुए अतिरिक्त 3350 करोड़ रुपये की आवश्यकता है, जिसके लिए जल्द ही केंद्र को अलग से पत्र भेजा जाएगा।
नई भुगतान प्रणाली लागू करने में तकनीकी अड़चन
केंद्र सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि नई व्यवस्था के तहत अब आवास योजना की राशि सीधे भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से लाभुकों के खातों में भेजी जानी है। पहले की प्रणाली में आरबीआई से राशि निकालकर किसी अन्य बैंक में जमा की जाती थी और वहां से लाभुकों को भुगतान होता था। नई प्रणाली को लागू करने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र को सौंपी गई है और इसकी निगरानी वित्त विभाग कर रहा है।
प्रक्रिया पूरी न होने से भुगतान प्रभावित
सूत्रों के अनुसार नई व्यवस्था को जमीन पर लागू करने के लिए आवश्यक तकनीकी तैयारियां अभी पूरी नहीं हो पाई हैं। इसी कारण राज्य सरकार ने केंद्र से अनुरोध किया था कि जब तक नई प्रणाली पूरी तरह कार्यशील नहीं हो जाती, तब तक पुरानी व्यवस्था से ही भुगतान जारी रखा जाए। केंद्र की मंजूरी के बावजूद सीमित राशि मिलने से योजनाओं की गति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
लाखों आवास स्वीकृत, निर्माण अधूरा
आंकड़ों के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2024-25 में केंद्र सरकार ने दो चरणों में लगभग साढ़े सात लाख आवासों की स्वीकृति दी थी। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2025-26 के अप्रैल महीने में साढ़े पांच लाख और आवासों को मंजूरी मिली। इस तरह राज्य में कुल 12 लाख 20 हजार से अधिक लाभुकों को पक्का मकान बनाने के लिए सहायता राशि दी जानी है।
पूर्ण हुए मकानों की संख्या कम
अब तक की स्थिति देखें तो करीब तीन लाख मकानों का ही निर्माण पूरा हो सका है। शेष लाभुक अलग-अलग चरणों में किस्त की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार लगभग 11.35 लाख लाभुकों को पहली किस्त, साढ़े सात लाख को दूसरी किस्त और करीब तीन लाख 30 हजार लाभुकों को तीसरी किस्त का भुगतान किया गया है। इसके बाद आगे की किस्तों का भुगतान फिलहाल रुका हुआ है।
विभाग पर बढ़ा दबाव
भुगतान में रुकावट के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण कार्य धीमा पड़ा है। कई जगह लाभुकों ने सामग्री खरीदने और मजदूरी भुगतान में कठिनाई की बात कही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अगर जल्द अतिरिक्त राशि नहीं मिली, तो आवास योजना के तय लक्ष्यों को समय पर पूरा करना मुश्किल हो सकता है।
केंद्र से जल्द समाधान की उम्मीद
ग्रामीण विकास विभाग को उम्मीद है कि अतिरिक्त राशि की मांग पर केंद्र सरकार सकारात्मक रुख अपनाएगी। साथ ही नई भुगतान व्यवस्था को तेजी से लागू करने के लिए तकनीकी स्तर पर प्रयास तेज किए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में लाभुकों को सीधे और समय पर राशि मिल सके।



