LPGControversy – पटना गैस एजेंसी के दावे पर डिप्टी सीएम कार्यालय का जवाब
LPGControversy – देश के कई हिस्सों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर को लेकर बढ़ती मांग और लंबी कतारों के बीच बिहार की राजधानी पटना में एक गैस एजेंसी से जुड़ा मामला चर्चा में आ गया है। एक स्थानीय गैस एजेंसी संचालक द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद यह मुद्दा सुर्खियों में आया, जिसमें दावा किया गया कि कुछ अधिकारी कथित तौर पर दबाव बनाकर सिलेंडर ले गए। हालांकि बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यालय ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।

इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। वहीं राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि एलपीजी वितरण को लेकर किसी भी प्रकार की अनियमितता या अफवाह को गंभीरता से देखा जाएगा।
गैस एजेंसी संचालक का दावा
पटना के गर्दनीबाग क्षेत्र में स्थित एक गैस एजेंसी के संचालक ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि बुधवार को कुछ लोग उपमुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े होने का हवाला देते हुए उसके गोदाम पर पहुंचे।
संचालक के अनुसार उन लोगों ने कई सिलेंडर लेने की बात कही। उसने यह भी कहा कि गोदाम में उस समय सीमित संख्या में भरे हुए सिलेंडर उपलब्ध थे और उनमें से कुछ सिलेंडर ले जाए गए।
बताया जा रहा है कि इस दावे से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया। हालांकि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
उपमुख्यमंत्री कार्यालय ने आरोपों को बताया निराधार
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आप्त सचिव शैलेंद्र कुमार ओझा ने बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री कार्यालय से किसी भी प्रकार से गैस सिलेंडर मंगवाने का आरोप पूरी तरह गलत और भ्रामक है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उपमुख्यमंत्री कार्यालय में एसडीओ नाम का कोई पद ही नहीं है। ऐसे में यह दावा कि कार्यालय से जुड़े किसी अधिकारी ने गैस एजेंसी पर दबाव बनाकर सिलेंडर लिया, तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है।
ओझा ने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट जानकारी पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें।
मामले की जांच कराने की बात
उपमुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कहा गया है कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। यदि किसी स्तर पर गलत जानकारी फैलाने की कोशिश की गई है तो उसकी भी पड़ताल की जाएगी।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि प्रशासन ऐसे मामलों में तथ्य सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई करता है।
राज्य में एलपीजी वितरण को लेकर सतर्कता
इस बीच बिहार सरकार ने एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था को लेकर जिलों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि कहीं भी कालाबाजारी या अवैध भंडारण जैसी गतिविधियां न हों।
सरकार का कहना है कि राज्य में एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और उपभोक्ताओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सिलेंडर मिल रहा है।
गैस एजेंसियों पर बढ़ी भीड़
हाल के दिनों में कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की भीड़ देखी जा रही है। लोग सुबह से ही सिलेंडर लेने के लिए कतारों में खड़े नजर आते हैं।
अधिकारियों का कहना है कि बढ़ती मांग और अफवाहों के कारण कुछ स्थानों पर भीड़ बढ़ रही है। सरकार ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अनावश्यक घबराहट से बचें और आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
प्रशासन का कहना है कि यदि किसी स्थान पर वितरण व्यवस्था में समस्या सामने आती है तो उसे तुरंत ठीक करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।



