Muzaffarpur Mother Children Murder Mystery: गंडक की लहरों में मिली चार लाशें, फेसबुकिया आशिक और दिलफेंक गायक के चक्कर में उलझी मर्डर मिस्ट्री…
Muzaffarpur Mother Children Murder Mystery: बिहार के मुजफ्फरपुर में रूह कपा देने वाली एक वारदात ने पूरे प्रदेश को सन्न कर दिया है। अहियापुर थाना क्षेत्र के चंदवारा पुल के नीचे बूढ़ी गंडक नदी में ममता कुमारी और उसके तीन मासूम बच्चों के शव मिलने से इलाके में कोहराम मच गया। पुलिस इस (Criminal Investigation) को सुलझाने के लिए दिन-रात एक कर रही है। चार जिंदगियों का एक साथ खात्मा महज एक इत्तेफाक नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश की ओर इशारा कर रहा है, जिसकी परतें अब धीरे-धीरे खुलनी शुरू हुई हैं।

ममता के सोशल मीडिया अकाउंट्स में छुपा है मौत का राज
शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि मृतका ममता कुमारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर काफी सक्रिय रहती थी। वह फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिए कई अजनबियों और बाहरी लोगों के संपर्क में थी। पुलिस अब उसके (Social Media Activity) को बारीकी से खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि 10 जनवरी को घर से निकलने से पहले उसकी अंतिम बार किससे बात हुई थी। डिजिटल फुटप्रिंट्स के जरिए पुलिस उस ‘मास्टरमाइंड’ तक पहुंचने की कोशिश कर रही है जिसने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया।
औराई का युवक और अररिया के गायक पर गहराया शक
पुलिस की तफ्तीश में दो संदिग्ध मोबाइल नंबर उभरकर सामने आए हैं, जिन्होंने केस को नया मोड़ दे दिया है। इनमें से एक नंबर अररिया के एक तथाकथित ‘दिलफेंक’ गायक का है, जो अक्सर देर रात अनजान महिलाओं को कॉल करने के लिए बदनाम है। हालांकि, इस (Suspect Interrogation) के दौरान पता चला है कि गायक का वर्तमान लोकेशन गुजरात में है। वहीं, दूसरा नंबर औराई के एक युवक का है जिसे पुलिस ने हिरासत में लेकर गुप्त स्थान पर पूछताछ शुरू कर दी है ताकि सच का पता लगाया जा सके।
पीले कपड़े का रहस्य और पंडाल कनेक्शन
नदी से बरामद चारों शव एक पीले रंग के कपड़े में बंधे हुए मिले थे, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर पंडाल बनाने या टेंट के कामों में किया जाता है। पुलिस अब इस (Evidence Collection) के आधार पर यह जांच रही है कि क्या मृतका या उसके पति का कोई करीबी मित्र टेंट हाउस या पंडाल के व्यवसाय से जुड़ा हुआ है। संदेह जताया जा रहा है कि कातिल ने शवों को ठिकाने लगाने के लिए इसी कपड़े का चुनाव किया ताकि लाशें पानी में तैरने के बजाय एक जगह दबी रहें।
एसआईटी की छापेमारी और सीसीटीवी की तलाश
मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जिसने सिपाहपुर और जीरोमाइल जैसे इलाकों में संदिग्धों की धरपकड़ शुरू कर दी है। पुलिस की टीमें (Crime Scene Surveillance) को मजबूत करने के लिए चंदवारा घाट जाने वाले रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही हैं। हालांकि, अभी तक कोई ऐसा ठोस वीडियो साक्ष्य हाथ नहीं लगा है जिससे यह साफ हो सके कि ममता अपने बच्चों के साथ आखिरी बार किसके साथ देखी गई थी।
बखरी स्थित किराए के मकान में सन्नाटा और रहस्य
शुक्रवार को एसआईटी की टीम सिपाहपुर बखरी स्थित उस मकान में पहुंची जहां ममता अपने परिवार के साथ रहती थी। मकान मालिक नग नारायण सिंह ने बताया कि ममता और उसका पति कृष्णमोहन 1 नवंबर से यहां किराए पर रह रहे थे। चौंकाने वाली बात यह है कि 10 जनवरी को ममता लापता हुई और (Tenancy Records) के अनुसार 12 जनवरी को ही कृष्णमोहन ने अचानक कमरा खाली कर दिया था। इस जल्दबाजी ने पुलिस के शक की सुई को पति की ओर भी घुमाया था, लेकिन फिलहाल उसे पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है।
पति कृष्णमोहन से पूछताछ और पुलिस का मानवीय चेहरा
मृतका के पति कृष्णमोहन को पुलिस ने हिरासत में लेकर लंबी पूछताछ की, लेकिन उसके खिलाफ कोई सीधा सबूत न मिलने पर उसे रिहा कर दिया गया। पुलिस ने यह फैसला इसलिए भी लिया ताकि वह अपनी पत्नी और तीन बच्चों के (Last Rites) की प्रक्रिया को पूरा कर सके। अहियापुर थानाध्यक्ष ने बताया कि हालांकि पति को छोड़ दिया गया है, लेकिन वह अभी भी पुलिस की निगरानी में है। पुलिस को उम्मीद है कि दाह संस्कार के बाद शायद परिवार के किसी सदस्य से कोई नया सुराग मिल सके।
डीएसपी विनीता सिन्हा की पैनी नजर और आगे की राह
एसडीपीओ नगर-दो विनीता सिन्हा ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि जांच कई स्तरों पर चल रही है और किसी भी निर्दोष को फंसाया नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि (Forensic Examination) की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों और समय का पता चल पाएगा। फिलहाल पुलिस का पूरा ध्यान उन संदिग्ध कॉल डिटेल्स और सोशल मीडिया चैट पर केंद्रित है जो ममता की मौत से ठीक पहले किए गए थे। बिहार पुलिस इस केस को जल्द सुलझाने का दावा कर रही है।



