बिहार

MVRUpdate – एक अप्रैल से जमीन रजिस्ट्री की नई दरें लागू होंगी

MVRUpdate – पटना जिले में जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़ी बड़ी प्रशासनिक तैयारी अंतिम चरण में है। जिला निबंधन कार्यालय ने संकेत दिया है कि एक अप्रैल से नई बाजार मूल्य दर यानी एमवीआर लागू कर दी जाएगी। प्रस्तावित संशोधन के तहत कई इलाकों में सर्किल रेट में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार कुछ क्षेत्रों में यह बढ़ोतरी 80 से 90 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। मूल्यांकन समिति की बैठकों के बाद अलग-अलग इलाकों का भौतिक सत्यापन पूरा कर लिया गया है और वर्तमान बाजार कीमतों के आधार पर नई दरों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

patna new mvr circle rate update

किन इलाकों में ज्यादा असर संभव

फिलहाल बोरिंग रोड का सर्किल रेट पटना में सबसे अधिक माना जाता है, जो लगभग 40 लाख रुपये प्रति कट्ठा है। लेकिन शहर के कई अन्य क्षेत्र भी तेजी से विकसित हुए हैं। नाला रोड, बेली रोड, पाटलिपुत्र कॉलोनी, सगुना मोड़ और गोला रोड जैसे इलाकों में बाजार दर पहले से ऊंची है, ऐसे में यहां भी संशोधित दरें लागू हो सकती हैं। दूसरी ओर बिक्रम अंचल के नौबतपुर और बाढ़ क्षेत्र के कुछ हिस्सों में वर्तमान दर अपेक्षाकृत कम बताई गई है। प्रशासन इन सभी क्षेत्रों के आंकड़ों का तुलनात्मक अध्ययन कर रहा है ताकि सर्किल रेट को वास्तविक बाजार मूल्य के करीब लाया जा सके।

दस वर्षों बाद हो रहा व्यापक संशोधन

पटना में शहरी क्षेत्रों के लिए पिछली बार 2016 में और ग्रामीण इलाकों में 2013 में सर्किल रेट में बदलाव किया गया था। तब से अब तक संपत्ति बाजार में काफी परिवर्तन आया है। अधिकारियों का कहना है कि लंबे अंतराल के बाद दरों को वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप अपडेट करना जरूरी हो गया था। जिला निबंधन पदाधिकारी रवि रंजन के अनुसार नई दरें प्रत्येक इलाके के हिसाब से अलग-अलग तय की जाएंगी। जिन स्थानों पर बाजार मूल्य और सर्किल रेट में बड़ा अंतर है, वहां संतुलन बनाने की कोशिश की जा रही है।

रजिस्ट्री में आई तेजी

नई दर लागू होने से पहले जमीन रजिस्ट्री कराने वालों की संख्या बढ़ गई है। जिला निबंधन कार्यालय में प्रतिदिन करीब 150 रजिस्ट्री हो रही हैं। दिसंबर 2025 के बाद से यह आंकड़ा लगातार बढ़ा है। ऑनलाइन प्रणाली के कारण प्रक्रिया अपेक्षाकृत तेज हो गई है, जिससे लोग समय रहते रजिस्ट्री कराने की कोशिश कर रहे हैं। कई खरीदारों का मानना है कि दर बढ़ने से पहले दस्तावेज पूरा कर लेना बेहतर रहेगा।

राजस्व लक्ष्य और वर्तमान स्थिति

पटना जिला राजस्व संग्रह में राज्य के अन्य जिलों से आगे बताया जा रहा है। इस वित्तीय वर्ष के लिए जिले को 1500 करोड़ रुपये का लक्ष्य मिला था, जिसमें से अब तक लगभग 1100 करोड़ की वसूली हो चुकी है। पटना सदर क्षेत्र के लिए 725 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित था, जिसमें 550 करोड़ की प्राप्ति दर्ज की गई है। अधिकारियों के मुताबिक प्रतिदिन तीन से चार करोड़ रुपये तक का राजस्व आ रहा है।

सत्यापन का दायरा

प्रशासन ने बाढ़, फतुहा, पालीगंज और बिक्रम के कई अंचलों के साथ-साथ पटना सदर के 72 वार्डों का सत्यापन पूरा किया है। सभी इलाकों में मौजूदा बाजार दरों का तुलनात्मक विश्लेषण किया गया है। नई दर लागू होने के बाद जमीन की खरीद-बिक्री पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ेगा और पंजीकरण शुल्क भी उसी के अनुसार तय होगा।

Related Articles

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.