बिहार

RajyaSabhaElection – बिहार में राज्यसभा चुनाव से पहले एनडीए की रणनीतिक बैठक

RajyaSabhaElection – बिहार में होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए सक्रिय तैयारी शुरू कर दी है। गठबंधन के सभी 202 विधायकों को निर्देश दिया गया है कि 16 मार्च को होने वाले मतदान तक वे पटना या उसके आसपास ही मौजूद रहें। यह निर्णय गुरुवार शाम पटना में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर आयोजित बैठक में लिया गया, जहां राज्यसभा की सभी पांच सीटों पर जीत सुनिश्चित करने को लेकर विस्तृत रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक में मौजूद नेताओं ने भरोसा जताया कि गठबंधन सभी सीटों पर मजबूती से मुकाबला कर रहा है और सकारात्मक परिणाम की उम्मीद है।

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विधायकों को मतदान प्रक्रिया की दी गई विस्तृत जानकारी

बैठक के दौरान विधायकों को राज्यसभा चुनाव की मतदान प्रक्रिया के बारे में विस्तार से समझाया गया। कई विधायक पहली बार राज्यसभा के लिए मतदान करने जा रहे हैं, इसलिए प्रक्रिया को लेकर विशेष रूप से जानकारी साझा की गई। नेताओं ने कहा कि यह विधायकों के लिए गौरव की बात होगी कि उनके मतों के माध्यम से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा पहुंचेंगे। बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि नामांकन दाखिल करने के बाद भी मुख्यमंत्री लगातार राज्य के विकास से जुड़े कार्यों में सक्रिय हैं। वे विभिन्न जिलों में समृद्धि यात्रा के माध्यम से योजनाओं की समीक्षा कर रहे हैं और विकास कार्यों की प्रगति पर नजर बनाए हुए हैं।

बारह साल बाद राज्यसभा चुनाव में मुकाबले की स्थिति

बिहार में करीब बारह वर्षों के बाद ऐसा अवसर आया है जब राज्यसभा की सीटों के लिए मतदान की नौबत आई है। राज्य की पांच सीटों के लिए इस बार कुल छह उम्मीदवार मैदान में हैं। एनडीए की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और भाजपा नेता शिवेश कुमार राम उम्मीदवार हैं। दूसरी ओर विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल ने एडी सिंह को चुनावी मैदान में उतारा है। इस वजह से चुनावी समीकरण और भी रोचक हो गए हैं।

विधानसभा संख्या बल और जीत का गणित

बिहार विधानसभा में मौजूदा समय में एनडीए के पास 202 विधायकों का समर्थन है। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 41 विधायकों के मतों की आवश्यकता होती है। इस गणित के आधार पर चार सीटों पर एनडीए की जीत लगभग तय मानी जा रही है। हालांकि गठबंधन के नेता दावा कर रहे हैं कि पांचों सीटों पर जीत हासिल की जा सकती है। इसके लिए गठबंधन को कम से कम तीन अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी। भाजपा और जदयू के कुछ नेताओं का कहना है कि विपक्ष के कुछ विधायक उनके संपर्क में हैं, ऐसे में मतदान के दौरान क्रॉस वोटिंग की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

बैठक में कई वरिष्ठ नेताओं ने रखे विचार

सम्राट चौधरी के आवास पर आयोजित इस रणनीतिक बैठक में कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। इनमें उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा, लोजपा (आर) के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी और हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सुमन शामिल थे। इसके अलावा केंद्रीय राज्यमंत्री रामनाथ ठाकुर, भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक और छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा तथा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी अपने विचार साझा किए। बैठक में चुनाव से जुड़े संगठनात्मक समन्वय और मतदान के दिन की रणनीति पर भी चर्चा की गई।

राज्यसभा चुनाव को लेकर बिहार की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज है और सभी दल अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने की कोशिश में जुटे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि विधानसभा के मौजूदा गणित के बीच चुनावी नतीजे किस दिशा में जाते हैं।

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