Samastipur Fire Incident News: धू-धू कर जलीं करोड़ों की कारें, समस्तीपुर में अनन्या मोटर्स पर आग ने किया तांडव
Samastipur Fire Incident News: बिहार के समस्तीपुर जिले से एक भीषण अग्निकांड की दुखद खबर सामने आई है। मोहनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एनएच-122बी पर स्थित पीरगंज इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वहां मौजूद ‘अनन्या मोटर्स’ कार रिपेयरिंग सेंटर से आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। यह हादसा (Auto Repair Shop Fire) इतनी तेजी से फैला कि देखते ही देखते पूरे शोरूम को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें और धुएं का गुबार देखकर आसपास के लोग दहशत में आ गए और पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

दो करोड़ की महंगी कारें जलकर हुई राख
आगजनी की इस घटना में रिपेयरिंग सेंटर के मालिक को भारी आर्थिक चोट पहुंची है। चश्मदीदों के अनुसार, सेंटर के भीतर मरम्मत के लिए आई कई लग्जरी और नई कारें खड़ी थीं, जो आग की भेंट चढ़ गईं। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, इस (Financial Loss Assessment) में करीब दो करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति और वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गए हैं। लोहे के ढांचे में तब्दील हो चुकी कारों को देखकर संचालक और वहां मौजूद कर्मचारियों का बुरा हाल है।
फायर ब्रिगेड की देरी पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
आग लगने के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर बाल्टियों और उपलब्ध संसाधनों से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन लपटें काबू से बाहर थीं। सूचना देने के काफी समय बाद फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। (Fire Brigade Response Time) में हुई इस देरी को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और दुकानदारों में भारी नाराजगी देखी गई। लोगों का आरोप है कि यदि दमकल की गाड़ियां समय पर पहुंच जातीं, तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था।
कड़ी मशक्कत के बाद पाया गया आग पर काबू
फायर ब्रिगेड की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचते ही मोर्चा संभाला और पानी की बौछारें शुरू कीं। दो गाड़ियों की मदद से दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग को और फैलने से रोका। हालांकि, जब तक (Fire Suppression Success) मिली, तब तक रिपेयरिंग सेंटर के भीतर रखा कीमती सामान, मशीनरी और वाहन जल चुके थे। गनीमत यह रही कि इस हादसे के वक्त सेंटर में कोई व्यक्ति नहीं फंसा था, जिससे जानमाल का नुकसान होने से बच गया।
शॉर्ट सर्किट बना इस तबाही की मुख्य वजह
हादसे के कारणों को लेकर प्राथमिक जांच में बिजली की खराबी सामने आई है। स्थानीय लोगों और सेंटर के कर्मचारियों का मानना है कि बिजली के (Short Circuit Causes) की वजह से निकली चिंगारी ने ज्वलनशील पदार्थों और टायरों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। गैराज में रखे लुब्रिकेंट्स और पेंट के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और देखते ही देखते सब कुछ स्वाहा हो गया।
मोहनपुर थाना पुलिस ने शुरू की गहन जांच
घटना की जानकारी मिलते ही मोहनपुर थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और पीड़ित संचालक का बयान दर्ज किया है। (Police Investigation Process) के तहत अब इस बात की जांच की जा रही है कि क्या सेंटर में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं। पुलिस बिजली विभाग के अधिकारियों से भी संपर्क कर रही है ताकि शॉर्ट सर्किट के दावों की तकनीकी पुष्टि की जा सके।
पीड़ित संचालक पर टूटा दुखों का पहाड़
अनन्या मोटर्स के संचालक के लिए यह हादसा किसी वज्रपात से कम नहीं है। सालों की मेहनत से खड़े किए गए इस सेंटर में ग्राहकों की गाड़ियां खड़ी थीं, जिनकी जिम्मेदारी अब संचालक पर है। इस (Business Crisis Management) के बीच अब यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या इन वाहनों का बीमा था या नहीं। फिलहाल, स्थानीय प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है ताकि मुआवजे या राहत की दिशा में कोई कदम उठाया जा सके।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर उठते सवाल
इस भीषण हादसे ने एक बार फिर कॉमर्शियल बिल्डिंगों में फायर सेफ्टी ऑडिट की जरूरत को रेखांकित किया है। (Safety Standards Compliance) की कमी अक्सर ऐसे बड़े हादसों का कारण बनती है। समस्तीपुर के इस व्यस्त मार्ग पर स्थित वर्कशॉप में आग बुझाने के यंत्रों की उपलब्धता और उनकी कार्यक्षमता की जांच अब प्रशासन के लिए प्राथमिकता बन गई है ताकि भविष्य में ऐसी तबाही को दोबारा होने से रोका जा सके।



