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Adani Energy Acquisition: गौतम अडानी ने एक और बड़ी कंपनी पर किया कब्जा, बाजार में हाई है इस शेयर की डिमांड

Adani Energy Acquisition: गौतम अडानी समूह की प्रमुख कंपनी अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (AESL) ने अपने विस्तार अभियान को और तेज करते हुए एक और अहम अधिग्रहण किया है। कंपनी ने पीएफसी कंसल्टिंग से KPS 111 HVDC ट्रांसमिशन लिमिटेड में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल कर ली है। इस अधिग्रहण की जानकारी कंपनी ने शेयर बाजार को दी और कहा कि यह कदम शेयरधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजन की रणनीति का हिस्सा है (Adani Energy Solutions). हालांकि, इस डील की वित्तीय राशि का खुलासा नहीं किया गया है।

Adani Energy Acquisition
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AESL की रणनीति: विस्तार और अधिग्रहण पर फोकस

अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस ने साफ किया है कि वह विस्तार और रणनीतिक अधिग्रहण के जरिए अपने बिजनेस को मजबूत करना चाहती है। KPS 111 HVDC ट्रांसमिशन लिमिटेड का अधिग्रहण इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। कंपनी का मानना है कि इस तरह की परियोजनाएं न केवल नेटवर्क को मजबूत करेंगी बल्कि भविष्य में स्थिर रेवेन्यू भी सुनिश्चित करेंगी (Power transmission business)। यह अधिग्रहण अडानी समूह की ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक पकड़ को और मजबूत करता है।

2.5 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी ट्रांसमिशन होगा संभव

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य 2.5 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा के ट्रांसमिशन को सुविधाजनक बनाना है। इसमें गुजरात के खावड़ा क्षेत्र की चरण-5 योजना भी शामिल है। यह प्रोजेक्ट खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क से उत्पन्न होने वाली अतिरिक्त बिजली को ग्रिड तक पहुंचाने में मदद करेगा (Renewable energy transmission)। इससे देश के ग्रीन एनर्जी लक्ष्यों को हासिल करने में भी बड़ा योगदान मिलेगा।

खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क से 8 GW बिजली निकासी की तैयारी

अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस की योजना खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क से लगभग 8 गीगावाट अतिरिक्त नवीकरणीय ऊर्जा की निकासी को सक्षम बनाने की है। KPS 111 HVDC ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट इस दिशा में अहम भूमिका निभाएगा। यह परियोजना देश के सबसे बड़े रिन्यूएबल एनर्जी हब में से एक को मजबूत ट्रांसमिशन सपोर्ट प्रदान करेगी (HVDC transmission project)। इससे ग्रिड की स्थिरता और दक्षता दोनों में सुधार होगा।

शेयर बाजार में दिखा सकारात्मक असर

अधिग्रहण की खबर के बाद अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के शेयरों में मजबूती देखने को मिली। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को कंपनी का शेयर 1.23 प्रतिशत की तेजी के साथ 1011.75 रुपये पर बंद हुआ। निवेशकों का भरोसा इस डील के बाद और मजबूत हुआ है (Adani Energy share price)। बाजार में यह संकेत माना जा रहा है कि कंपनी की दीर्घकालिक ग्रोथ स्टोरी बरकरार है।

52 हफ्तों का हाई-लो क्या कहता है

अगर शेयर के प्रदर्शन पर नजर डालें तो अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस का 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर 1050 रुपये रहा है, जबकि निचला स्तर 639.35 रुपये रहा। मौजूदा स्तर इन आंकड़ों के मुकाबले मजबूत स्थिति को दर्शाता है। इससे यह संकेत मिलता है कि बाजार कंपनी के भविष्य की योजनाओं को लेकर सकारात्मक है (Stock market performance)। निवेशक खासतौर पर रिन्यूएबल और ट्रांसमिशन सेक्टर में कंपनी की पकड़ को अहम मान रहे हैं।

FY 2025-26 में 18,000 करोड़ रुपये का कैपेक्स प्लान

चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस ने करीब 18,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय (Capex) की योजना बनाई है। इसमें से लगभग 6,000 करोड़ रुपये पहले ही विभिन्न परियोजनाओं पर खर्च किए जा चुके हैं। यह भारी निवेश कंपनी के विस्तार और इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने की रणनीति को दर्शाता है (Capital expenditure plan)। इस कैपेक्स के जरिए कंपनी नए प्रोजेक्ट्स को तेजी से आगे बढ़ाना चाहती है।

ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन और स्मार्ट मीटरिंग पर जोर

कंपनी के सीईओ कंदर्प पटेल के अनुसार, पूरे वित्त वर्ष में लगभग 11,400 करोड़ रुपये ट्रांसमिशन बिजनेस में खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा, वितरण (डिस्ट्रीब्यूशन) क्षेत्र में 1,600 करोड़ रुपये और स्मार्ट मीटरिंग में 4,000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। स्मार्ट मीटरिंग सेगमेंट में कंपनी लगभग 2,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त जोड़ने की योजना बना रही है (Smart metering investment)। यह डिजिटल और आधुनिक ऊर्जा इकोसिस्टम की दिशा में बड़ा कदम है।

दूसरी तिमाही में कहां हुआ कितना खर्च

दूसरी तिमाही के दौरान अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस ने वितरण क्षेत्र में करीब 1,100 करोड़ रुपये और ट्रांसमिशन में लगभग 8,000 करोड़ रुपये का निवेश किया। यह आंकड़े बताते हैं कि कंपनी ग्राउंड लेवल पर प्रोजेक्ट्स को तेजी से आगे बढ़ा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश आने वाले वर्षों में रेवेन्यू ग्रोथ को सपोर्ट करेगा (Energy infrastructure growth)।

दूसरी तिमाही के नतीजों में मुनाफा घटा

चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस का नेट प्रॉफिट 28 प्रतिशत घटकर 557.10 करोड़ रुपये रह गया। यह गिरावट मुख्य रूप से पिछले वर्ष की समान तिमाही में हुए 314 करोड़ रुपये के स्थगित कर (Deferred tax) के एकमुश्त समायोजन के कारण आई है। वित्त वर्ष 2024-25 की जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी ने 773 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था (Quarterly results analysis)।

आय में फिर भी दिखी मजबूती

हालांकि मुनाफे में गिरावट आई, लेकिन कंपनी की कुल आय में बढ़ोतरी दर्ज की गई। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कुल आय 6.4 प्रतिशत बढ़कर 6,767 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 6,360 करोड़ रुपये थी। यह दर्शाता है कि कंपनी का ऑपरेशनल प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है (Revenue growth).

भविष्य को लेकर क्यों है निवेशकों में भरोसा

भारी निवेश योजनाएं, रणनीतिक अधिग्रहण और रिन्यूएबल एनर्जी पर फोकस अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस को दीर्घकालिक ग्रोथ के लिए मजबूत स्थिति में रखते हैं। KPS 111 HVDC ट्रांसमिशन लिमिटेड का अधिग्रहण कंपनी को ग्रीन एनर्जी ट्रांसमिशन में लीडर बनाने की दिशा में अहम कदम है (Green energy infrastructure)। यही वजह है कि निवेशक कंपनी के भविष्य को लेकर आशावादी नजर आ रहे हैं।

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