Gold Rate Today: सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ उछाल, वैश्विक तनाव के बीच निवेशक हुए सक्रिय
Gold Rate Today: भारतीय कमोडिटी बाजार में गुरुवार, 29 जनवरी को बहुमूल्य धातुओं की कीमतों ने अब तक के सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सुबह के सत्र के दौरान सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखी गई। फरवरी वायदा के लिए सोने की कीमत लगभग 10,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की छलांग लगाकर 1,75,869 रुपये के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई। वहीं, चांदी की कीमतों में भी भारी बढ़त दर्ज की गई और यह 6 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,06,863 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड उच्च स्तर को छू गई। वैश्विक बाजारों में भी इसी तरह का रुझान देखने को मिला, जहां सिंगापुर में सोने और चांदी की कीमतों में निरंतर बढ़ोतरी दर्ज की गई।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव बना बड़ा कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, कीमती धातुओं की कीमतों (Gold Rate Today) में इस भारी उछाल का प्राथमिक कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है। ईरान द्वारा दी गई कड़ी चेतावनी और अमेरिकी राष्ट्रपति के कड़े रुख ने निवेशकों के मन में अनिश्चितता पैदा कर दी है। ऐसी स्थितियों में निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने और चांदी की ओर रुख करते हैं। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक स्थिरता बहाल नहीं होती, तब तक सुरक्षित निवेश के रूप में इन धातुओं की मांग मजबूत बनी रहेगी और कीमतें ऊंचे स्तर पर टिकी रह सकती हैं।
डॉलर इंडेक्स में गिरावट और फेडरल रिजर्व का रुख
अमेरिकी डॉलर की स्थिति और फेडरल रिजर्व के निर्णयों ने भी सोने की चमक बढ़ाने में सहयोग दिया है। डॉलर इंडेक्स में आई लगभग 0.30 प्रतिशत की गिरावट ने विदेशी खरीदारों के लिए सोने को अधिक किफायती बना दिया है। दूसरी ओर, अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने के संकेत और भविष्य में दरें बढ़ाने की कम संभावनाओं ने निवेशकों को सोने की ओर आकर्षित किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि डॉलर की कमजोरी और वैश्विक राजकोषीय चिंताओं ने मिलकर सोने और चांदी के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया है।
वैश्विक व्यापार नीतियों और टैरिफ युद्ध का असर
अमेरिकी प्रशासन द्वारा अंतरराष्ट्रीय व्यापार संबंधों को लेकर दिए जा रहे बयानों ने भी वैश्विक बाजारों में अस्थिरता को हवा दी है। कनाडा और दक्षिण कोरिया जैसे देशों पर टैरिफ लगाने की चेतावनी और अन्य कूटनीतिक कदमों ने कमोडिटी बाजार के समीकरणों को प्रभावित किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा डॉलर में गिरावट के प्रति बेफिक्र रहने वाले बयानों ने भी मुद्रा बाजार में हलचल पैदा की है। इन तमाम कारकों ने निवेशकों को जोखिम भरे निवेशों के बजाय सोने जैसी विश्वसनीय संपत्ति की शरण में जाने के लिए प्रेरित किया है।
निवेश के अवसर और भविष्य के संभावित लक्ष्य
बाजार विशेषज्ञों ने वर्तमान स्थिति को देखते हुए निवेशकों के लिए विशेष सलाह जारी की है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक सोना प्रति 10 ग्राम 1,64,400 रुपये के स्तर के ऊपर बना रहता है, तब तक खरीदारी की रणनीति अपनाई जा सकती है। आने वाले समय में सोना 1,75,000 रुपये के पार नए लक्ष्यों को छू सकता है। इसी प्रकार, चांदी के लिए भी 4,10,000 रुपये तक के लक्ष्य रखे जा रहे हैं। हालांकि, विशेषज्ञों ने यह भी आगाह किया है कि बेरोजगारी के आंकड़ों और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के कारण कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, इसलिए निवेश करने से पहले बाजार की चाल पर पैनी नजर रखना आवश्यक है।



