GoldPrice – वैश्विक तनाव के बीच सोना-चांदी में तेज गिरावट दर्ज
GoldPrice – अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के असर से गुरुवार, 2 अप्रैल को सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई। खास तौर पर चांदी के दामों में आई तेज कमी ने निवेशकों और कारोबारियों दोनों का ध्यान खींचा। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के वैश्विक तनाव और अमेरिकी बयानबाजी का सीधा असर कमोडिटी और बुलियन मार्केट पर पड़ा है, जिससे कीमतों में यह गिरावट सामने आई।

अमेरिकी बयान के बाद बढ़ी बाजार की बेचैनी
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान ने बाजार में अस्थिरता को बढ़ा दिया है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले हफ्तों में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रह सकती है। इस बयान के बाद वैश्विक निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ी, जिसका असर सीधे तौर पर कीमती धातुओं की कीमतों पर देखने को मिला। आमतौर पर ऐसे हालात में सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन इस बार बाजार की प्रतिक्रिया अलग रही।
MCX पर चांदी में बड़ी गिरावट दर्ज
घरेलू वायदा बाजार MCX में चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। आंकड़ों के मुताबिक, चांदी करीब 13,613 रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ती हो गई और इसका भाव गिरकर 2,29,888 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया। यह गिरावट प्रतिशत के लिहाज से भी काफी बड़ी मानी जा रही है, जिससे ट्रेडर्स के बीच हलचल तेज हो गई है।
सोने की कीमतों में भी आई कमी
सिर्फ चांदी ही नहीं, सोने के दामों में भी गिरावट दर्ज की गई है। MCX पर सोना लगभग 2,547 रुपये सस्ता होकर 1,51,161 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। हालांकि सोने में गिरावट चांदी के मुकाबले कम रही, लेकिन यह संकेत देता है कि बाजार में व्यापक दबाव बना हुआ है।
वैश्विक बाजारों में भी दिखा असर
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कीमती धातुओं पर दबाव साफ नजर आया। स्पॉट सिल्वर करीब 2.9 प्रतिशत गिरकर 72.95 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं, स्पॉट गोल्ड में भी 1.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिससे इसकी कीमत 4,694.48 डॉलर प्रति औंस रह गई। इसके अलावा, यूएस गोल्ड फ्यूचर्स भी 1.9 प्रतिशत गिरकर 4,723.70 डॉलर पर आ गए।
निवेशकों के लिए संकेत क्या हैं
इस तरह की गिरावट निवेशकों के लिए मिश्रित संकेत देती है। एक ओर जहां कीमतों में कमी खरीदारी का अवसर प्रदान कर सकती है, वहीं दूसरी ओर बाजार में जारी अनिश्चितता सतर्क रहने का संकेत देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाओं के आधार पर कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
आगे की दिशा पर नजर
फिलहाल बाजार की दिशा काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। यदि तनाव की स्थिति बनी रहती है, तो कीमतों में अस्थिरता जारी रह सकती है। ऐसे में निवेशकों को सोच-समझकर निर्णय लेने की सलाह दी जा रही है।



