RenewableEnergy – GAIL के नए ऑर्डर से सुजलॉन शेयरों में हल्की तेजी दर्ज
RenewableEnergy – सुजलॉन एनर्जी लिमिटेड के शेयरों में मंगलवार, 24 मार्च को मामूली बढ़त देखने को मिली, जब कंपनी को सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी GAIL से करीब 100 मेगावॉट क्षमता का नया ऑर्डर हासिल हुआ। इस खबर के सामने आने के बाद बाजार में सकारात्मक संकेत दिखे और कंपनी का शेयर लगभग ₹40.67 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। खास बात यह है कि GAIL की ओर से सुजलॉन को मिला यह लगातार छठा रिपीट ऑर्डर है, जो दोनों कंपनियों के बीच मजबूत भरोसे को दर्शाता है।

सरकारी ऑर्डर से बढ़ी भरोसे की मजबूती
कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, चालू वित्त वर्ष 2026 में यह चौथा ऐसा ऑर्डर है जो किसी सरकारी उपक्रम (PSU) से प्राप्त हुआ है। इस प्रोजेक्ट के तहत उत्पादित बिजली का उपयोग महाराष्ट्र के नंदुरबार में GAIL के प्रस्तावित पेट्रोकेमिकल प्लांट में किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य औद्योगिक गतिविधियों में कार्बन उत्सर्जन को कम करना है, जिससे यह परियोजना पर्यावरणीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ते डीकार्बोनाइजेशन प्रयासों के बीच इस तरह के प्रोजेक्ट्स की अहमियत लगातार बढ़ रही है।
ऑर्डर की तकनीकी और संचालन से जुड़ी जानकारी
इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत सुजलॉन कुल 47 उन्नत S120 विंड टरबाइन जनरेटर स्थापित करेगी। प्रत्येक टरबाइन की क्षमता 2.1 मेगावॉट होगी, जिससे कुल उत्पादन क्षमता लगभग 100 मेगावॉट तक पहुंचेगी। कंपनी की भूमिका केवल उपकरण आपूर्ति तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वह पूरे प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी संभालेगी। इसमें टरबाइन की स्थापना, एरेक्शन, कमीशनिंग के साथ-साथ संचालन और रखरखाव (O&M) सेवाएं भी शामिल हैं। इस तरह के व्यापक अनुबंध से कंपनी को लंबे समय तक स्थिर आय का स्रोत मिलने की संभावना रहती है।
GAIL के साथ मजबूत होते संबंध
यह पहला मौका नहीं है जब GAIL ने सुजलॉन पर भरोसा जताया हो। इससे पहले भी कंपनी को तमिलनाडु, कर्नाटक और गुजरात जैसे राज्यों में कई प्रोजेक्ट्स मिल चुके हैं। इन लगातार मिल रहे ऑर्डर्स से साफ है कि दोनों कंपनियों के बीच व्यावसायिक संबंध लगातार मजबूत होते जा रहे हैं। महाराष्ट्र में भी सुजलॉन की पकड़ काफी मजबूत है, जहां कंपनी की स्थापित क्षमता 2.2 गीगावॉट तक पहुंच चुकी है और उसका बाजार हिस्सा लगभग 38 प्रतिशत है। यह आंकड़े राज्य में कंपनी की मजबूत उपस्थिति को दर्शाते हैं।
कंपनी की रणनीति और नेतृत्व का नजरिया
सुजलॉन ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजय कपूर के अनुसार, कंपनी ने लगभग दो वर्ष पहले सरकारी और बड़े औद्योगिक ग्राहकों के सेगमेंट में फिर से सक्रिय रूप से प्रवेश किया था। इसकी शुरुआत एनटीपीसी लिमिटेड से मिले 1.1 गीगावॉट के बड़े ऑर्डर से हुई थी। वर्तमान में कंपनी की कुल ऑर्डर बुक का करीब 64 प्रतिशत हिस्सा PSU और कमर्शियल-इंडस्ट्रियल (C&I) सेगमेंट से आता है। यह संकेत देता है कि कंपनी ने अपने बिजनेस मॉडल को स्थिर और विविध बनाने पर जोर दिया है।
शेयर प्रदर्शन और निवेशकों की नजर
हालांकि हालिया ऑर्डर के बाद शेयर में हल्की तेजी देखने को मिली है, लेकिन व्यापक तस्वीर अभी संतुलित बनी हुई है। पिछले एक महीने में कंपनी के शेयर में लगभग 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक इसमें करीब 22.5 प्रतिशत की कमजोरी देखी गई है। इसके बावजूद, लगातार मिल रहे नए प्रोजेक्ट्स और देश में बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के विस्तार को देखते हुए निवेशकों की नजर इस स्टॉक पर बनी रह सकती है।



