SAIL – सेल-e-BRATION प्रतियोगिता से जुड़ी नई पहल में आम जनता को मौका
SAIL – इस्पात मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली महारत्न कंपनी, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने MyGov के सहयोग से 30 जनवरी, 2026 को एक विशेष प्रतियोगिता की शुरुआत की है। इसे ‘सेल-e-BRATION: स्टील से देश निर्माण, सेल है मजबूत भरोसे की पहचान’ नाम दिया गया है। इस पहल के तहत देशभर के नागरिक अपनी कहानियों को वीडियो रील्स, शॉर्ट फिल्मों या डिजिटल विज्ञापनों के माध्यम से प्रस्तुत कर सकते हैं, जिसमें वे दिखा सकते हैं कि कैसे SAIL उनके जीवन और देश के विकास में जुड़ा हुआ है।

भावनात्मक जुड़ाव और अभियान की खासियत
‘सेल-e-BRATION’ का मुख्य उद्देश्य यह समझाना है कि SAIL केवल एक कंपनी नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद साथी है। यह अभियान आम लोगों और SAIL के बीच “स्टील-टू-सोल” का भावनात्मक रिश्ता बनाने पर केंद्रित है। यानी, जहां SAIL देश की बुनियादी संरचना मजबूत करता है, वहीं यह नागरिकों के जीवन के हर पहलू में मौजूद है।
प्रतियोगिता के प्रमुख विषय
प्रतिभागी नीचे दिए गए चार विषयों में से किसी एक पर अपना वीडियो तैयार कर सकते हैं:
भारत के बड़े सपनों का निर्माण: देश के रेलवे, पुल और हाईवे जैसे बुनियादी ढांचे में SAIL की भूमिका।
देश की सुरक्षा और अंतरिक्ष में योगदान: सेना के टैंक, जहाज और अंतरिक्ष मिशनों में SAIL के इस्पात का इस्तेमाल।
लोगों की जिंदगी में बदलाव: SAIL द्वारा संचालित स्कूल, अस्पताल और खेल कार्यक्रमों का समाज पर असर।
हर जगह मौजूद SAIL उत्पाद: हमारे घर, ऑफिस और शहर में उपयोग होने वाले स्टील उत्पाद जो रोजमर्रा में काम आते हैं।
पुरस्कार और सम्मान
प्रतियोगिता में शामिल किए गए सर्वश्रेष्ठ वीडियो को विशेष पुरस्कार दिए जाएंगे:
नकद इनाम: हर विजेता को ₹10,000/-
सर्टिफिकेट: SAIL की ओर से आधिकारिक प्रशंसा पत्र और प्रमाण पत्र
सोशल मीडिया पर पहचान: विजेता वीडियो SAIL के सोशल मीडिया पेज पर प्रदर्शित होंगे
भाग लेने की शर्तें
योग्यता: भारत का कोई भी नागरिक प्रतियोगिता में भाग ले सकता है।
वीडियो विवरण: MP4 फॉर्मेट में, उच्च क्वालिटी (1080p), अधिकतम 2 मिनट का।
भाषा: हिंदी या अंग्रेजी
सबमिशन प्रक्रिया: वीडियो को Google Drive या YouTube (Unlisted Link) पर अपलोड करके MyGov पोर्टल पर लिंक सबमिट करें।
अंतिम तारीख: 16 फरवरी, 2026, रात 11:59 बजे तक
संबंधित लिंक
MyGov पर प्रतियोगिता विवरण और सबमिशन



