ArchanaPuranSingh – व्लॉग में खुला मिसकैरेज का दर्द और रिश्तों की परीक्षा
ArchanaPuranSingh – अभिनेत्री और टीवी की जानी-मानी शख्सियत अर्चना पूरन सिंह और उनके पति परमीत सेठी इन दिनों अपने डिजिटल व्लॉग ‘प्यार दोस्ती है’ के माध्यम से अपने निजी जीवन के अनछुए पहलुओं को साझा कर रहे हैं। यह सीरीज़ महज़ मनोरंजन नहीं, बल्कि उनकी ज़िंदगी के उन अध्यायों की ईमानदार पड़ताल है, जिन पर उन्होंने अब तक खुलकर बात नहीं की थी। तीसरे एपिसोड में अर्चना ने अपने मिसकैरेज के अनुभव को बेहद संवेदनशील ढंग से सामने रखा, जिससे यह बातचीत सेलिब्रिटी जीवन की चमक-दमक से आगे बढ़कर मानवीय दर्द, रिश्तों की जटिलता और भावनात्मक परिपक्वता की कहानी बन गई है।

शुरुआती सालों की उम्मीदें और टूटा सपना
अर्चना ने बताया कि शादी के शुरुआती चार वर्षों में ही वह गर्भवती हो गई थीं, लेकिन वह गर्भधारण टिक नहीं पाया। उस समय वह एक फिल्म की शूटिंग में व्यस्त थीं और काम के दबाव के बीच उन्हें मिसकैरेज का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि माँ बनने की चाह उनके भीतर बहुत गहरी थी और इस घटना ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया। उनकी आवाज़ में कोई नाटकीयता नहीं थी, बल्कि एक शांत पीड़ा थी, जो वर्षों तक मन में दबी रही। उन्होंने स्वीकार किया कि उस दौर में वह शारीरिक से ज़्यादा भावनात्मक रूप से टूट गई थीं।
पति-पत्नी के बीच बढ़ती दूरी
इस दर्दनाक अनुभव के बाद अर्चना और परमीत के रिश्ते में अनजाने में दूरी आ गई थी। व्लॉग में अर्चना ने खुलकर बताया कि उस समय परमीत स्थिति की गंभीरता को पूरी तरह समझ नहीं पाए थे। उन्होंने कहा कि उन्हें लगा जैसे उनके पति ने उनके मातृत्व के सपने को पर्याप्त संवेदनशीलता के साथ नहीं देखा। वहीं परमीत ने भी ईमानदारी से स्वीकार किया कि वह उस वक्त भावनात्मक रूप से उतने परिपक्व नहीं थे जितने होने चाहिए थे। उन्होंने माना कि उनकी लापरवाही और असंवेदनशील रवैये ने दोनों के बीच अनकही खाई पैदा कर दी थी।
दिलासा या अनचाही सांत्वना
जब अर्चना ने अपना दर्द व्यक्त किया, तब परमीत ने उन्हें यह कहकर दिलासा देने की कोशिश की कि उन्हें बच्चों की ज़रूरत नहीं है और वे दोनों साथ में ही खुश रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि उनका रिश्ता अपने आप में पूर्ण है और उसमें किसी तीसरे की जगह नहीं है। हालांकि, अर्चना इस सोच से सहमत नहीं थीं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि बच्चा कोई बाहरी व्यक्ति नहीं होगा, बल्कि उनके प्यार का विस्तार होगा। उनके लिए माँ बनना सिर्फ सामाजिक अपेक्षा नहीं, बल्कि आत्मिक आवश्यकता थी।
फिल्म के सेट पर हुआ मिसकैरेज
अर्चना ने यह भी साझा किया कि उनका मिसकैरेज उस समय हुआ जब वह सचिन पिलगांवकर की फिल्म ‘ऐसी भी क्या जल्दी है’ की शूटिंग कर रही थीं। उस वक्त उनकी उम्र 34 वर्ष थी और उन्हें लगने लगा था कि शायद वह कभी माँ नहीं बन पाएंगी। उन्होंने बताया कि काम के दबाव, शारीरिक थकान और मानसिक तनाव ने उनकी स्थिति को और जटिल बना दिया था। यह स्वीकारोक्ति फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाली महिलाओं के लिए भी एक बड़ा संदेश है, जो अक्सर निजी दर्द को छुपाकर पेशेवर जिम्मेदारियाँ निभाती हैं।
दूसरी गर्भावस्था और बदला हुआ दृष्टिकोण
व्लॉग के उसी एपिसोड में अर्चना ने मिसकैरेज के बाद दोबारा गर्भवती होने के अनुभव को भी याद किया। इस बार परिस्थितियाँ अलग थीं, लेकिन चुनौतियाँ कम नहीं थीं। परमीत ने स्वीकार किया कि वह उस दौरान भी अर्चना को वह सहारा नहीं दे पाए, जिसकी उन्हें ज़रूरत थी। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा भी आया जब अर्चना को पूर्ण बेड रेस्ट की आवश्यकता थी, लेकिन वह फुटबॉल खेलने चले गए थे। यह सुनकर अर्चना ने बिना किसी कटुता के कहा कि उस समय वह अकेलापन महसूस करती थीं, लेकिन उन्होंने कभी रिश्ते को टूटने नहीं दिया।
रिश्ते की परिपक्वता और सीख
इस पूरी बातचीत से यह साफ झलकता है कि अर्चना और परमीत का रिश्ता केवल रोमांस पर नहीं, बल्कि आपसी समझ, गलतियों को स्वीकार करने और साथ मिलकर आगे बढ़ने पर टिका है। उन्होंने यह दिखाया कि मजबूत रिश्ते परिपूर्ण नहीं होते, बल्कि वे संघर्ष, संवाद और संवेदनशीलता से बनते हैं। व्लॉग के माध्यम से उन्होंने न केवल अपने अनुभव साझा किए, बल्कि उन दंपतियों को भी एक संदेश दिया जो इसी तरह के दर्द से गुज़र चुके हैं।
निजी दर्द से सार्वजनिक संवाद तक
अर्चना का यह खुलासा सिर्फ उनकी निजी कहानी नहीं रह गया है, बल्कि यह मिसकैरेज जैसे संवेदनशील मुद्दे पर खुली चर्चा का माध्यम बन गया है। समाज में अक्सर इस विषय पर चुप्पी साध ली जाती है, लेकिन उनके शब्दों ने कई महिलाओं को अपनी कहानी साझा करने का साहस दिया है। इसी तरह, परमीत की स्वीकारोक्ति ने यह दिखाया कि पुरुषों के लिए भी ऐसे हालात में भावनात्मक रूप से मौजूद रहना कितना ज़रूरी है।
अंततः यह व्लॉग सिर्फ एक सेलिब्रिटी दंपति की कहानी नहीं, बल्कि प्यार, सहनशीलता और समय के साथ बदलते रिश्तों की ईमानदार तस्वीर है।



