Mamta Kulkarni-Aamir Khan: ममता कुलकर्णी ने याद किए पुराने दिन, बताया बेडरूम में कपड़े बदलते थे आमिर खान
Mamta Kulkarni-Aamir Khan: 90 के दशक की मशहूर अभिनेत्री ममता कुलकर्णी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में दिए गए एक साक्षात्कार में उन्होंने अपने दौर के सुपरस्टार्स के साथ बिताए गए वक्त और फिल्मी दुनिया के बदलते समीकरणों पर खुलकर बात की है। ममता ने विशेष रूप से आमिर खान के साथ अपने दोस्ताना रिश्तों का जिक्र करते हुए एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि उस जमाने में आज की तरह लग्जरी वैनिटी वैन की सुविधा नहीं होती थी, जिसके चलते कलाकार अक्सर एक-दूसरे के घरों का इस्तेमाल किया करते थे। इसी सादगी भरे दौर में आमिर खान अक्सर उनके घर और बेडरूम तक का उपयोग कपड़े बदलने के लिए करते थे।

बाजी की शूटिंग और आमिर के साथ घरेलू रिश्ता
ममता कुलकर्णी ने फिल्म बाजी की शूटिंग के दिनों को याद करते हुए बताया कि आमिर खान का उनके घर आना-जाना बहुत सामान्य बात थी। उन्होंने कहा कि आमिर उनके बेडरूम में जाकर बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी कॉस्ट्यूम बदला करते थे। इतना ही नहीं, पैकअप होने के बाद आमिर सीधे उनके किचन में जाकर खुद अपने लिए चाय भी तैयार करते थे। ममता के अनुसार, उस दौर के कलाकारों में एक अलग तरह का अपनापन और भरोसा होता था, जो आज के समय में कम ही देखने को मिलता है।
मजहब की दीवार से परे थी 90 के दशक की फिल्म इंडस्ट्री
इंडस्ट्री में धर्म और भेदभाव को लेकर चल रही चर्चाओं पर ममता ने अपनी बेबाक राय रखी। उन्होंने खुद को खुशनसीब बताते हुए कहा कि उन्होंने 1990 के उस सुनहरे दौर में काम किया है जब शाहरुख और आमिर जैसे सितारों के साथ काम करते हुए कभी धर्म की बात बीच में नहीं आई। ममता ने याद दिलाया कि जब वे वर्ल्ड टूर पर जाते थे, तो सभी सितारे एक परिवार की तरह रहते थे। कोई कुकिंग करता था तो कोई चाय बनाता था, वहां केवल दोस्ती और कला का सम्मान था, मजहब का कोई स्थान नहीं था।
एआर रहमान के बयान और म्यूजिक इंडस्ट्री पर ममता की राय
दिग्गज संगीतकार एआर रहमान द्वारा हाल ही में इंडस्ट्री में भेदभाव को लेकर दिए गए बयानों पर ममता कुलकर्णी ने असहमति जताई है। उन्होंने कहा कि उनके अनुभव के अनुसार फिल्म जगत में धर्म के आधार पर कोई पक्षपात नहीं होता। ममता ने तर्क दिया कि समय के साथ लोगों की पसंद और संगीत का अंदाज बदल जाता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शायद रहमान का संगीत अब लोगों को उतना प्रभावित नहीं कर पा रहा हो। उनके अनुसार, आज संगीत की दुनिया में असली समस्या टैलेंट की है, क्योंकि कई बेहद प्रतिभाशाली गायक आज बिना काम के घर बैठने को मजबूर हैं।
बदलते समय के साथ संघर्ष और नई चुनौतियां
ममता कुलकर्णी का मानना है कि म्यूजिक इंडस्ट्री में आए बड़े बदलावों के कारण पुराने दिग्गज और नए टैलेंट के बीच एक खाई पैदा हो गई है। उन्होंने एआर रहमान के संदर्भ में कहा कि वक्त हर किसी के लिए बदलता है। आज के दौर में कड़ी प्रतिस्पर्धा है और केवल नाम के सहारे टिके रहना मुश्किल है। ममता ने उन सिंगर्स के प्रति सहानुभूति जताई जो क्षमता होने के बावजूद गुमनामी में खो गए हैं। उनके मुताबिक, इंडस्ट्री को भेदभाव के बजाय इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि कैसे योग्य कलाकारों को सही मंच मिले।



