Awadhi Tehari – शनिवार के लिए बनाएं स्वादिष्ट और आसान एक-पॉट भोजन
Awadhi Tehari – शनिवार को अगर रसोई में ज्यादा समय बिताए बिना कुछ ऐसा बनाने का मन हो, जो स्वादिष्ट होने के साथ पेट भरने वाला भी हो, तो अवधी तहरी एक अच्छा विकल्प हो सकती है। उत्तर प्रदेश के अवध क्षेत्र से जुड़ी यह डिश चावल, आलू, हरी मटर और खुशबूदार मसालों के मेल से तैयार होती है। इसकी खासियत यह है कि इसे अलग-अलग कई चीजें बनाने की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि सब्जियां, मसाले और चावल एक ही बर्तन में पककर तैयार हो जाते हैं। यही वजह है कि घर पर जल्दी बनने वाले भोजन की तलाश में रहने वालों के लिए तहरी काफी सुविधाजनक मानी जाती है। इसका स्वाद मसालों की खुशबू और सब्जियों के साथ पकाए गए चावल से आता है, इसलिए इसे साधारण चावल से बिल्कुल अलग अंदाज में परोसा जा सकता है।

अवधी तहरी के लिए इन चीजों की होगी जरूरत
इस रेसिपी के लिए करीब तीन कप बासमती चावल, दो कप हरी मटर और दो बड़े आलू लिए जा सकते हैं। इसके अलावा दो कटे हुए टमाटर, एक बारीक कटा प्याज, करीब एक इंच अदरक, 10 से 12 लहसुन की कलियां और एक चम्मच सौंफ चाहिए होगी। तड़के के लिए दो चम्मच तेल के साथ दो तेजपत्ता, चार से पांच लौंग, 12 से 15 काली मिर्च, तीन बड़ी इलायची और करीब एक चम्मच मेथी दाना इस्तेमाल किया जाता है। मसालों में एक चम्मच हल्दी, एक चम्मच धनिया पाउडर, एक चम्मच लाल मिर्च पाउडर और स्वाद के अनुसार नमक रखा जा सकता है। सामग्री की मात्रा परिवार के सदस्यों और स्वाद के हिसाब से थोड़ी कम या ज्यादा भी की जा सकती है।
अदरक, लहसुन और सौंफ से तैयार करें मसाला
तहरी की खुशबू और स्वाद को बेहतर बनाने के लिए सबसे पहले अदरक, लहसुन और सौंफ का पेस्ट तैयार किया जाता है। तीनों चीजों को मिक्सी में डालकर बारीक पीस लें और इसे अलग रख दें। दूसरी ओर बासमती चावल को अच्छी तरह धोकर कुछ देर के लिए पानी में भिगो दें। आलू को छीलकर धोने के बाद गोल या मध्यम आकार के टुकड़ों में काट लें। चावल को पहले से भिगोने से उसे पकाते समय अपेक्षाकृत बेहतर बनावट मिल सकती है और तहरी के दाने ज्यादा आसानी से पकते हैं।
मसालों के साथ भूनें प्याज और तैयार पेस्ट
अब मोटी तली वाले गहरे बर्तन में तेल गर्म करें। इसमें तेजपत्ता, लौंग, काली मिर्च, बड़ी इलायची और मेथी दाना डालकर कुछ देर भूनें, ताकि मसालों की खुशबू तेल में अच्छी तरह उतर जाए। इसके बाद बारीक कटा प्याज डालकर उसे सुनहरा होने तक भूनें। प्याज का रंग बदलने के बाद अदरक, लहसुन और सौंफ का तैयार पेस्ट डालें और करीब दो मिनट तक भूनें। अब कटे हुए टमाटर के साथ हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च और नमक डालकर मसाले को तब तक पकाएं, जब तक मिश्रण अच्छी तरह भुन न जाए और तेल अलग दिखाई देने लगे।
आलू, मटर और चावल के साथ पकाएं तहरी
मसाला तैयार होने के बाद आलू के टुकड़े बर्तन में डालकर उन्हें कुछ देर भूनें। जब आलू हल्के सुनहरे हो जाएं, तब करीब चार से साढ़े चार कप पानी डालकर उन्हें पकने दें। आलू के नरम होने पर हरी मटर और भिगोए हुए चावल बर्तन में डालें। सभी सामग्री को धीरे से मिलाने के बाद बर्तन को ढक दें और मध्यम आंच पर करीब 10 से 15 मिनट तक पकने दें। इस दौरान चावल के पकने और पानी की मात्रा पर नजर रखना जरूरी है, ताकि तहरी न तो ज्यादा सूखी रहे और न ही जरूरत से ज्यादा गीली हो।
हरी धनिया से सजाकर गर्मागर्म परोसें
चावल अच्छी तरह पक जाने और पानी के सूखने के बाद गैस बंद कर दें। तहरी को कुछ मिनट ढका रहने दें, फिर ऊपर से बारीक कटी ताजी हरी धनिया डालें। इसे गर्मागर्म परोसा जा सकता है और स्वाद बढ़ाने के लिए साथ में दही, रायता या अपनी पसंद की चटनी रखी जा सकती है। आलू और मटर के साथ तैयार यह तहरी दोपहर के भोजन के लिए पर्याप्त और सुविधाजनक वन-पॉट डिश बन सकती है। खास बात यह है कि इसमें अलग से चावल और सब्जी तैयार करने की जरूरत नहीं होती, इसलिए सप्ताहांत में कम मेहनत में घर का भरपूर स्वाद लेने के लिए इसे आजमाया जा सकता है।
निष्कर्ष
अवधी तहरी की पहचान उसके सादे लेकिन खुशबूदार मसालों, चावल और सब्जियों के संतुलित मेल से होती है। अगर शनिवार को कुछ ऐसा बनाने का विचार है जो आसान भी हो और परिवार के साथ खाने के लिए पर्याप्त भी, तो यह पारंपरिक शैली की तहरी मेन्यू में शामिल की जा सकती है। सही मात्रा में पानी और मसालों का इस्तेमाल इसके स्वाद और बनावट को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाता है।