BAFTATribute – लंदन में धर्मेंद्र को खास श्रद्धांजलि, परिवार भावुक
BAFTATribute – दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को लंदन में आयोजित 79वें BAFTA अवॉर्ड्स के ‘इन मेमोरियम’ खंड में सम्मानपूर्वक याद किया गया। पिछले वर्ष 24 नवंबर 2025 को 89 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया था। उनके जाने से न केवल परिवार बल्कि करोड़ों प्रशंसकों को गहरा आघात लगा था। अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस तरह याद किया जाना भारतीय सिनेमा के लिए भी महत्वपूर्ण क्षण माना जा रहा है।

धर्मेंद्र इस वर्ष मरणोपरांत श्रद्धांजलि पाने वाले एकमात्र भारतीय कलाकार थे। उनके साथ वैल किल्मर, रॉबर्ट डुवैल, रॉब रेनर, टॉम स्टॉपर्ड, ब्रिगिट बार्डोट, उडो कीर और डायने लैड जैसे विश्व सिनेमा के नाम भी शामिल थे।
परिवार के लिए गर्व का पल
हिन्दुस्तान टाइम्स से बातचीत में हेमा मालिनी ने इस सम्मान को भावुक कर देने वाला क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ उनके परिवार के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। उनके शब्दों में, धर्मेंद्र केवल एक अभिनेता नहीं थे, बल्कि एक ऐसे इंसान थे जिन्होंने लोगों के दिलों में जगह बनाई।
उन्होंने माना कि इस वर्ष किसी अन्य भारतीय कलाकार को यह मंच नहीं मिला, ऐसे में यह श्रद्धांजलि विशेष महत्व रखती है। उनके अनुसार, धर्मेंद्र की लोकप्रियता सीमाओं से परे थी और उनके चाहने वाले दुनिया के कई देशों में मौजूद थे।
यादों के सहारे आगे बढ़ने की कोशिश
हेमा मालिनी ने स्वीकार किया कि धर्मेंद्र के बिना जीवन की कल्पना करना आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में उन्होंने एक साथ जो काम किया, वही अब दर्शकों की स्मृतियों में जीवित रहेगा। उन्होंने यह भी साझा किया कि उनकी आधी से अधिक जिंदगी धर्मेंद्र के साथ एक सह-कलाकार और जीवनसाथी के रूप में बीती।
उन्होंने कहा कि मजबूत होने के बावजूद कभी-कभी भावनाएं हावी हो जाती हैं। दुख से उबरना समय लेता है, लेकिन जीवन को आगे बढ़ाना भी जरूरी है। उनके शब्दों में, यह एक ऐसी कमी है जिसे पूरी तरह भरा नहीं जा सकता, मगर यादें संबल देती हैं।
करीबी सहयोगियों की भावनाएं
धर्मेंद्र के साथ लंबे समय तक काम करने वाले सहयोगियों और स्टाफ ने भी उनके जाने पर गहरा दुख व्यक्त किया। हेमा ने बताया कि कई पुराने सहयोगी उनसे मिलने आते हैं और पुरानी यादें साझा करते हैं। कोई बताता है कि वह उन्हें चाय दिया करता था, तो कोई उनके साथ बिताए पलों को याद करता है।
इन मुलाकातों से साफ झलकता है कि धर्मेंद्र का रिश्ता सिर्फ पर्दे तक सीमित नहीं था। वे अपने साथ काम करने वाले हर व्यक्ति से आत्मीयता से पेश आते थे। यही कारण है कि आज भी लोग उन्हें स्नेह और सम्मान से याद करते हैं।
परिवार में मतभेद की अटकलों पर विराम
काफी समय से यह चर्चा रही कि धर्मेंद्र के दोनों परिवारों के बीच दूरी है। हालांकि हाल ही में फिल्म ‘बॉर्डर 2’ की स्क्रीनिंग के दौरान ईशा और अहाना का अपने भाई सनी देओल के समर्थन में पहुंचना इन अटकलों पर विराम जैसा माना गया।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए हेमा मालिनी ने स्पष्ट किया कि परिवार के भीतर किसी तरह की नकारात्मकता नहीं है। उन्होंने कहा कि पिता के प्रति सभी बच्चों का सम्मान और स्नेह समान है। उनके अनुसार, जब परिवार का केंद्र प्रेम और सम्मान हो, तो मतभेद की गुंजाइश नहीं रहती।
सार्वजनिक जीवन और निजी सीमाएं
हेमा ने यह भी कहा कि परिवार की हर भावना सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना जरूरी नहीं होता। उन्होंने बताया कि उन्हें भी कुछ आयोजनों में आमंत्रित किया गया था, लेकिन निजी कारणों से वह शामिल नहीं हो सकीं।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि धर्मेंद्र परिवार के लिए प्रेम, शक्ति और मूल्यों का स्रोत थे। वे चाहते थे कि परिवार एकजुट रहे और यही उनकी सबसे बड़ी विरासत है।
आगे की योजनाएं और अभिनय
अपने करियर को लेकर हेमा मालिनी ने कहा कि यदि कोई अच्छा और सार्थक रोल मिलता है तो वह अवश्य करेंगी। उन्होंने यह भी माना कि उन्हें डिजिटल मंचों के बारे में अभी पूरी स्पष्टता नहीं है।
उन्होंने बताया कि धर्मेंद्र को उनका नृत्य बहुत पसंद था और वे हमेशा उन्हें सक्रिय और फिट रहने की सलाह देते थे। भारतीय परंपरा और कला के प्रति उनका लगाव विशेष था।
धर्मेंद्र का जाना भारतीय सिनेमा के एक युग का अंत माना जा रहा है, लेकिन उनकी फिल्में और व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे।



