TalibanLaw – महिलाओं पर नए नियम को लेकर स्वरा भास्कर की प्रतिक्रिया
TalibanLaw – अफगानिस्तान में तालिबान शासन के तहत लागू किए गए नए नियमों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो गई है। हाल में सामने आई जानकारी के अनुसार, एक प्रस्तावित प्रावधान में पति को पत्नी पर शारीरिक हिंसा की अनुमति दिए जाने जैसी बात कही गई है, बशर्ते गंभीर चोट के स्पष्ट निशान न हों। इस रिपोर्ट के बाद मानवाधिकार संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने चिंता जताई है। इसी मुद्दे पर बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।

क्या है विवादित प्रावधान
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अफगानिस्तान में तालिबान प्रशासन द्वारा महिलाओं से जुड़े कई सख्त नियम पहले ही लागू किए जा चुके हैं। ताजा चर्चा एक ऐसे प्रावधान को लेकर है, जिसमें घरेलू हिंसा को सीमित शर्तों के साथ अपराध की श्रेणी से बाहर रखने की बात कही गई है। बताया जा रहा है कि यदि चोट गंभीर न हो या हड्डी न टूटे, तो इसे दंडनीय नहीं माना जाएगा। हालांकि इस नियम को लेकर आधिकारिक दस्तावेजों की अलग-अलग व्याख्याएं सामने आ रही हैं, लेकिन मानवाधिकार समूहों ने इसे महिलाओं की सुरक्षा के लिए चिंताजनक बताया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी चिंता
अफगानिस्तान में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही महिलाओं की शिक्षा, रोजगार और सार्वजनिक जीवन में भागीदारी पर कई प्रतिबंध लगाए गए हैं। संयुक्त राष्ट्र सहित कई वैश्विक संगठनों ने पहले भी इन नीतियों पर आपत्ति जताई है। नए विवादित प्रावधान की खबर आने के बाद सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आलोचना तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे नियम महिलाओं के बुनियादी अधिकारों को प्रभावित कर सकते हैं और घरेलू हिंसा के मामलों में न्याय की प्रक्रिया को कमजोर कर सकते हैं।
स्वरा भास्कर की प्रतिक्रिया
इसी मुद्दे पर अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पोस्ट साझा करते हुए तालिबान प्रशासन की आलोचना की और इसे अमानवीय बताया। स्वरा ने लिखा कि इस तरह के नियम मानवता के मूल मूल्यों के खिलाफ हैं। उनका कहना था कि किसी भी समाज में महिलाओं के खिलाफ हिंसा को वैध ठहराना स्वीकार्य नहीं हो सकता। उनकी टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई और कई यूजर्स ने इस मुद्दे पर अपनी राय रखी।
सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं
स्वरा भास्कर अपने बेबाक विचारों के लिए जानी जाती हैं। पहले भी सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर बोलने के कारण वह चर्चा में रही हैं। इस बार भी उनकी पोस्ट को समर्थन और आलोचना दोनों मिले। कुछ लोगों ने उनके बयान का समर्थन करते हुए महिलाओं के अधिकारों की रक्षा की बात कही, जबकि कुछ ने अलग दृष्टिकोण रखा। हालांकि, व्यापक रूप से यह मुद्दा महिलाओं की सुरक्षा और मानवाधिकारों से जुड़ा होने के कारण गंभीर बहस का केंद्र बना हुआ है।
महिलाओं के अधिकारों पर जारी बहस
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी देश में कानून का उद्देश्य नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान की रक्षा करना होना चाहिए। घरेलू हिंसा जैसे संवेदनशील मामलों में स्पष्ट और सख्त प्रावधान आवश्यक माने जाते हैं। अफगानिस्तान की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए वैश्विक समुदाय की नजर वहां के सामाजिक और कानूनी ढांचे पर बनी हुई है। इस बीच, विभिन्न क्षेत्रों से आ रही प्रतिक्रियाएं यह दर्शाती हैं कि महिलाओं के अधिकारों का सवाल सीमाओं से परे एक वैश्विक मुद्दा बन चुका है।



