Cortisol – सुबह की यह हेल्दी ड्रिंक तनाव हार्मोन संतुलन में कर सकती है मदद
Cortisol – आज की तेज़ रफ्तार जीवनशैली में बहुत से लोग तनाव, थकान और अचानक बढ़ते वजन जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इन समस्याओं के पीछे कई बार शरीर में एक खास हार्मोन का असंतुलन भी जिम्मेदार हो सकता है। इस हार्मोन को कॉर्टिसोल कहा जाता है, जिसे सामान्य भाषा में स्ट्रेस हार्मोन भी कहा जाता है। जब शरीर में कॉर्टिसोल का स्तर लंबे समय तक अधिक रहता है, तो इसके कुछ संकेत शरीर में दिखाई देने लगते हैं। इनमें गर्दन के पीछे फैट जमा होना, चेहरे पर सूजन महसूस होना या पेट के आसपास चर्बी बढ़ना शामिल हो सकता है। पोषण विशेषज्ञों का मानना है कि दिन की शुरुआत में ली जाने वाली चीजें शरीर के ऊर्जा स्तर और हार्मोन संतुलन को प्रभावित कर सकती हैं। इसी वजह से सुबह की दिनचर्या में हेल्दी पेय शामिल करने की सलाह दी जाती है।

सुबह के पहले घंटे का महत्व
पोषण विशेषज्ञ रमिता कौर के अनुसार सुबह उठने के बाद का पहला घंटा शरीर के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है। इस समय शरीर धीरे-धीरे सक्रिय होने लगता है और हार्मोन का संतुलन भी इसी दौरान प्रभावित हो सकता है। इसलिए इस समय क्या खाया या पिया जा रहा है, इसका असर पूरे दिन की ऊर्जा पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि सुबह की शुरुआत यदि पौष्टिक पेय या हल्के और संतुलित आहार से की जाए, तो इससे शरीर को दिनभर बेहतर तरीके से काम करने में मदद मिल सकती है। इसी संदर्भ में उन्होंने एक विशेष मॉर्निंग ड्रिंक का सुझाव दिया है, जिसे एंटी-कॉर्टिसोल मॉर्निंग ड्रिंक कहा जाता है।
प्राकृतिक चीजों से बनती है यह मॉर्निंग ड्रिंक
यह पेय कई सामान्य लेकिन पौष्टिक सामग्रियों से तैयार किया जाता है, जो अक्सर रसोई में आसानी से उपलब्ध होती हैं। इसे बनाने के लिए एक गिलास गुनगुना पानी लिया जाता है। इसमें थोड़ा सा दालचीनी पाउडर, भीगे हुए चिया सीड्स, कद्दूकस किया हुआ ताजा अदरक और हल्दी मिलाई जाती है।
इसके अलावा इसमें थोड़ी मात्रा में एप्पल साइडर विनेगर, नींबू का रस और एक चुटकी काली मिर्च भी डाली जाती है। इन सभी सामग्रियों को अच्छी तरह मिलाने के बाद इसे धीरे-धीरे पिया जा सकता है। यह ड्रिंक बनाने में सरल है और इसे सुबह की दिनचर्या में आसानी से शामिल किया जा सकता है।
इस ड्रिंक में शामिल चीजों के संभावित लाभ
इस पेय में मौजूद सामग्री को स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है। उदाहरण के लिए चिया सीड्स फाइबर से भरपूर होते हैं, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद कर सकते हैं। इससे भूख को नियंत्रित रखने में सहायता मिल सकती है।
अदरक और हल्दी में प्राकृतिक एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। ये गुण शरीर में सूजन को कम करने और समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में सहायक माने जाते हैं। दालचीनी को भी कई अध्ययनों में ब्लड शुगर संतुलन से जोड़कर देखा गया है।
नींबू और एप्पल साइडर विनेगर पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। कुछ लोग इन्हें शरीर की डिटॉक्स प्रक्रिया को समर्थन देने वाला भी मानते हैं। हालांकि इन फायदों के बारे में अलग-अलग शोधों में अलग निष्कर्ष सामने आते रहे हैं।
सुबह इस ड्रिंक को कब लेना उचित माना जाता है
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इस पेय को सुबह उठने के बाद खाली पेट या हल्के नाश्ते से पहले लिया जा सकता है। नियमित रूप से कुछ समय तक इसका सेवन करने से कई लोगों को ऊर्जा स्तर और पाचन में सुधार महसूस हो सकता है।
हालांकि केवल एक ड्रिंक से ही सभी स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान संभव नहीं होता। बेहतर परिणाम के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और नियमित शारीरिक गतिविधि भी उतनी ही जरूरी मानी जाती है।
स्वस्थ जीवनशैली की भूमिका
स्वास्थ्य विशेषज्ञ अक्सर इस बात पर जोर देते हैं कि सुबह की दिनचर्या पूरे दिन के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। यदि सुबह की शुरुआत पौष्टिक पेय, हल्के व्यायाम और संतुलित नाश्ते से की जाए तो इससे शरीर को लंबे समय तक फायदा मिल सकता है।
साथ ही यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि हर व्यक्ति का शरीर अलग तरह से प्रतिक्रिया करता है। यदि किसी को एसिडिटी, पेट से जुड़ी समस्या या कोई अन्य स्वास्थ्य स्थिति है, तो ऐसे पेय को नियमित रूप से अपनाने से पहले डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित माना जाता है।



