DiabetesDiet – बासी चावल और रोटी से भी नियंत्रित रह सकता है ब्लड शुगर स्तर
DiabetesDiet – डायबिटीज एक ऐसी स्वास्थ्य स्थिति है जिसमें खानपान पर विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी होता है। छोटी-सी लापरवाही भी ब्लड शुगर स्तर को तेजी से बढ़ा सकती है। आमतौर पर लोग यह मानते हैं कि केवल ताजा भोजन ही स्वास्थ्य के लिए बेहतर होता है, लेकिन पोषण विशेषज्ञों के अनुसार कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे भी हैं जिन्हें ठंडा या कुछ समय बाद खाने से उनके गुण बदल जाते हैं और वे शुगर नियंत्रण में मदद कर सकते हैं। न्यूट्रीशन एक्सपर्ट शीनम कालरा मल्होत्रा के मुताबिक, रोजमर्रा की डाइट में छोटे-छोटे बदलाव करके डायबिटीज से जूझ रहे लोग अपने भोजन को अधिक संतुलित बना सकते हैं।

बासी चावल का सेवन क्यों हो सकता है उपयोगी
पोषण विशेषज्ञों के अनुसार चावल को पकाने के बाद कुछ समय के लिए ठंडा करके खाने से उसमें मौजूद स्टार्च का स्वरूप बदल जाता है। जब पके हुए चावल को रातभर फ्रिज में रखा जाता है और फिर सुबह खाया जाता है, तो उसमें रेजिस्टेंट स्टार्च की मात्रा बढ़ सकती है। यह तत्व शरीर में ग्लूकोज के अवशोषण की गति को धीमा करने में सहायक माना जाता है। परिणामस्वरूप ब्लड शुगर अचानक तेजी से बढ़ने की संभावना कम हो सकती है। इसके अलावा ऐसा चावल पाचन तंत्र और आंतों के स्वास्थ्य के लिए भी अपेक्षाकृत बेहतर माना जाता है।
डायबिटीज में बासी रोटी खाने का तरीका
विशेषज्ञों का कहना है कि रोटी के साथ भी इसी तरह का प्रभाव देखा जा सकता है। यदि सुबह बनी रोटी को कुछ समय बाद खाया जाए तो उसका ग्लाइसेमिक प्रभाव कम हो सकता है। इससे भोजन के बाद शुगर स्तर तेजी से बढ़ने की आशंका घट सकती है। रोटी को हल्का गर्म करके खाना भी एक सामान्य तरीका है। कई लोगों के लिए यह पचाने में भी आसान हो सकती है और इससे लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है, जिससे बार-बार खाने की जरूरत कम पड़ती है।
आलू खाने का तरीका भी बदल सकता है प्रभाव
डायबिटीज के मरीज अक्सर आलू से दूरी बनाकर रखते हैं, क्योंकि इसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है। हालांकि पोषण विशेषज्ञों का मानना है कि इसे पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं है। यदि आलू को उबालकर कुछ घंटों के लिए फ्रिज में रख दिया जाए और बाद में खाया जाए, तो उसमें भी रेजिस्टेंट स्टार्च बढ़ सकता है। इससे शरीर में ग्लूकोज का प्रभाव अपेक्षाकृत धीमा पड़ सकता है। साथ ही यह आंतों के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है।
दलिया और ओट्स को भिगोकर खाने के फायदे
दलिया और ओट्स को भी डायबिटीज में संतुलित मात्रा में लिया जा सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इन्हें रातभर भिगोकर रखना फायदेमंद हो सकता है। इस प्रक्रिया से इनके पोषक तत्व शरीर में बेहतर तरीके से उपयोग हो सकते हैं और रक्त में शर्करा का स्तर अपेक्षाकृत स्थिर रह सकता है। इस तरह के छोटे बदलाव भोजन को अधिक संतुलित बना सकते हैं।
उबले हुए दाल-अनाज को ठंडा करने की सलाह
चना, राजमा या छोले जैसे प्रोटीन और फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ भी डायबिटीज आहार का हिस्सा हो सकते हैं। इन्हें पकाने के बाद कुछ समय के लिए फ्रिज में रखने से उनके स्टार्च की संरचना में बदलाव आ सकता है। बाद में इन्हें सब्जी या सलाद के रूप में खाया जाए तो भोजन के बाद शुगर स्तर में अचानक वृद्धि की संभावना कम हो सकती है। इसके साथ-साथ यह पाचन प्रक्रिया को भी आसान बना सकता है।
स्वास्थ्य संबंधी सलाह पर ध्यान देना जरूरी
डायबिटीज से जुड़ी आहार संबंधी जानकारी व्यक्ति की स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इसलिए किसी भी बड़े बदलाव से पहले चिकित्सक या पोषण विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर माना जाता है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय-समय पर जांच से ब्लड शुगर स्तर को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।



