GheeBenefits – रोटी पर घी लगाकर खाना कितना सही, जानें विशेषज्ञ की राय…
GheeBenefits – भारतीय थाली में रोटी का स्थान बेहद खास है। कई घरों में इसे परोसते समय उस पर हल्का सा देसी घी लगाया जाता है। कुछ लोग इसे स्वाद और परंपरा से जोड़ते हैं, तो कुछ स्वास्थ्य के नजरिए से देखते हैं। वहीं, ऐसे भी लोग हैं जिन्हें लगता है कि घी खाने से वजन और कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या रोटी पर घी लगाकर खाना वास्तव में लाभकारी है या इससे बचना चाहिए।

पाचन प्रक्रिया पर असर
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार गेहूं की रोटी मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट का स्रोत होती है। पाचन के बाद यह ग्लूकोज में बदलती है, जिससे शरीर को ऊर्जा मिलती है। जब रोटी पर सीमित मात्रा में देसी घी लगाया जाता है, तो इसमें मौजूद वसा पाचन की गति को थोड़ा धीमा कर देती है। इस प्रक्रिया को गैस्ट्रिक एम्प्टीइंग कहा जाता है। इससे रक्त में शर्करा का स्तर धीरे-धीरे बढ़ता है, जो अचानक बढ़ोतरी को रोकने में सहायक हो सकता है।
रोटी पर घी के संभावित फायदे
विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी मात्रा में घी मिलाने से पेट लंबे समय तक भरा महसूस हो सकता है। इससे बार-बार भूख लगने की समस्या कम होती है। इसके अलावा घी में मौजूद कुछ तत्व आंतों को चिकनाहट प्रदान करते हैं, जिससे कब्ज की शिकायत में राहत मिल सकती है। वसा में घुलनशील विटामिन्स के अवशोषण में भी घी मददगार माना जाता है। हालांकि यह लाभ तभी तक हैं जब इसका सेवन संतुलित मात्रा में किया जाए।
किन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी
हर व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति अलग होती है। जिन लोगों को उच्च कोलेस्ट्रॉल, हृदय रोग या वजन से जुड़ी समस्या है, उन्हें घी के सेवन को लेकर सतर्क रहना चाहिए। ऐसे मामलों में डॉक्टर से सलाह लेकर ही आहार में बदलाव करना बेहतर है। कुछ क्षेत्रों में घी पारंपरिक भोजन का हिस्सा रहा है, लेकिन यह व्यक्तिगत स्वास्थ्य पर निर्भर करता है कि किसे कितना और कब लेना चाहिए।
कितनी मात्रा उचित मानी जाती है
पोषण विशेषज्ञ आमतौर पर सीमित सेवन की सलाह देते हैं। एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए दिनभर में एक से दो चम्मच देसी घी पर्याप्त माना जाता है, बशर्ते अन्य वसा स्रोतों का भी ध्यान रखा जाए। यदि भोजन में पहले से ही तेल या मक्खन शामिल है, तो कुल वसा की मात्रा संतुलित रखना जरूरी है।
संतुलन ही है कुंजी
रोटी पर हल्का सा घी स्वाद और पोषण दोनों दे सकता है, लेकिन इसकी मात्रा नियंत्रित होना आवश्यक है। किसी भी खाद्य पदार्थ की तरह इसका असर भी व्यक्ति की जीवनशैली, गतिविधि स्तर और मौजूदा स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के साथ लिया गया सीमित घी कई लोगों के लिए उपयुक्त हो सकता है।
नोट: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए व्यक्तिगत सलाह हेतु योग्य चिकित्सक से परामर्श लेना आवश्यक है।



