HealthyBreakfastTips – नाश्ते में बदलाव से सुधर सकता है आपका मेटाबॉलिज्म
HealthyBreakfastTips – आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बढ़ती बीमारियों को केवल किस्मत या उम्र का असर मान लेना आसान है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार यह संकेत दे रहे हैं कि हमारी रोजमर्रा की आदतें ही कई समस्याओं की जड़ हैं। अनियमित नींद, लंबे समय तक बैठे रहना, तनाव और असंतुलित खानपान मिलकर शरीर के मेटाबॉलिज्म पर असर डालते हैं। डायबिटीज, मोटापा और बढ़ता कोलेस्ट्रॉल इसी जीवनशैली का परिणाम बनते जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि दिन की शुरुआत, खासकर नाश्ता, पूरे दिन की ऊर्जा और ब्लड शुगर संतुलन तय करने में अहम भूमिका निभाता है।

प्रोटीन से करें दिन की शुरुआत
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अधिकांश लोगों के नाश्ते में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है, जबकि प्रोटीन की कमी रहती है। इससे सुबह के समय ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है और कुछ ही घंटों में ऊर्जा गिर सकती है। बेहतर होगा कि दिन की शुरुआत प्रोटीन युक्त विकल्पों से की जाए। उदाहरण के तौर पर भीगे हुए बादाम, दही, पनीर या उबले अंडे शामिल किए जा सकते हैं। इससे शरीर को स्थिर ऊर्जा मिलती है और लंबे समय तक तृप्ति बनी रहती है।
कार्बोहाइड्रेट के साथ संतुलन जरूरी
नाश्ते में इडली, पोहा या पराठा जैसे विकल्प आम हैं। ये पूरी तरह गलत नहीं हैं, लेकिन इन्हें अकेले खाने से शुगर स्तर में तेजी से उतार-चढ़ाव हो सकता है। पोषण विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि कार्बोहाइड्रेट के साथ फाइबर, प्रोटीन और स्वस्थ वसा को जोड़ा जाए। उदाहरण के लिए पराठे के साथ दही, सब्जियां या पनीर लिया जा सकता है। इससे भोजन संतुलित बनता है और शरीर को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं।
मीठे पेय से दूरी बनाएं
सुबह के समय जूस, शेक या मीठी स्मूदी को कई लोग स्वास्थ्यवर्धक मानते हैं, लेकिन इनमें अक्सर अतिरिक्त शुगर की मात्रा अधिक होती है। इससे ब्लड शुगर अचानक बढ़ सकता है। इसके बजाय साबुत फल या कच्ची सब्जियां बेहतर विकल्प हैं, क्योंकि इनमें फाइबर भी होता है, जो शुगर के अवशोषण को नियंत्रित करता है।
भोजन के बाद हल्की गतिविधि फायदेमंद
नाश्ते के बाद तुरंत बैठ जाना या स्क्रीन के सामने समय बिताना शरीर के लिए लाभकारी नहीं माना जाता। विशेषज्ञों का सुझाव है कि कम से कम 10 से 15 मिनट की हल्की पैदल चाल अपनाई जाए। इससे मांसपेशियां सक्रिय होती हैं और रक्त में मौजूद ग्लूकोज का उपयोग बेहतर तरीके से होता है। नियमित रूप से ऐसा करने से वजन प्रबंधन में भी मदद मिल सकती है।
सुबह की शुरुआत मीठे से न करें
दिन की शुरुआत अत्यधिक मीठे खाद्य पदार्थों से करना इंसुलिन संतुलन पर असर डाल सकता है। इसलिए नाश्ते के पहले हिस्से में मीठी चीजों से परहेज करना बेहतर माना जाता है। यदि मीठा लेना ही हो तो संतुलित मात्रा में और संतुलित भोजन के साथ लेना अधिक उचित है।
स्वास्थ्य संबंधी बदलाव छोटे कदमों से शुरू होते हैं। संतुलित नाश्ता, नियमित हल्की गतिविधि और सचेत खानपान की आदतें लंबे समय में सकारात्मक परिणाम दे सकती हैं। हालांकि किसी भी विशेष स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में व्यक्तिगत सलाह के लिए चिकित्सक से परामर्श लेना आवश्यक है।



