Heart Health Myths and Facts: हार्ट अटैक से जुड़े इन 9 बड़े झूठों को कहीं आप भी तो सच नहीं मान बैठे…
Heart Health Myths and Facts: आज के दौर में दिल की बीमारियां किसी उम्र की मोहताज नहीं रह गई हैं। 8-10 साल के मासूम बच्चों से लेकर जिम में पसीना बहाने वाले फिट युवाओं तक, हार्ट अटैक का खतरा हर जगह मंडरा रहा है। प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर अब्राहम ली ने (Cardiovascular Disease Prevention) के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए बताया है कि फिट दिखना हमेशा स्वस्थ होने की गारंटी नहीं है। लोग अक्सर सुनी-सुनाई बातों पर भरोसा कर लेते हैं, जो उनकी जान के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।

अचानक आता है दौरा या शरीर देता है पहले ही संकेत
एक बहुत बड़ा भ्रम यह है कि दिल का दौरा हमेशा बिना किसी चेतावनी के अचानक आता है। डॉक्टर ली स्पष्ट करते हैं कि (Warning Signs of Heart Attack) कई बार शरीर में पहले ही दिखने लगते हैं। सीने में हल्का भारीपन, अकारण घबराहट या बेचैनी महसूस होना ऐसे संकेत हैं जिन्हें हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। शरीर इन सिग्नल्स के जरिए आपको सतर्क करने की कोशिश करता है कि हृदय की धमनियों में सब कुछ ठीक नहीं है।
ब्रेकफास्ट स्किप करना क्या दिल पर पड़ता है भारी
अक्सर सुबह की जल्दबाजी में हम नाश्ता छोड़ देते हैं, जिसे हम एक छोटी सी बात समझते हैं। लेकिन डॉक्टर बताते हैं कि नाश्ता न करना (Nutritional Deficiency Risks) को जन्म देता है जिससे हृदय स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। शरीर को सुबह के समय जिन आवश्यक पोषक तत्वों की जरूरत होती है, उनकी कमी से मेटाबॉलिज्म बिगड़ता है और लंबे समय में यह दिल की बीमारियों के खतरे को कई गुना बढ़ा देता है।
पानी पीने का ब्लड प्रेशर से क्या है सीधा संबंध
क्या आप जानते हैं कि पर्याप्त मात्रा में पानी पीना आपके रक्तचाप को नियंत्रित रख सकता है? डॉक्टर के अनुसार, शरीर को हाइड्रेटेड रखने से (Blood Pressure Management) में मदद मिलती है। जब आप सही मात्रा में पानी पीते हैं, तो खून का गाढ़ापन संतुलित रहता है और हृदय को पंपिंग करने में ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती। यह हाई बीपी के खतरे को कम करने का सबसे सरल और प्राकृतिक तरीका है।
युवाओं के लिए भारी वर्कआउट और तनाव का जोखिम
आजकल युवाओं में ‘हैवी वर्कआउट’ का क्रेज बढ़ा है, लेकिन बिना डॉक्टरी सलाह के क्षमता से अधिक बोझ उठाना खतरनाक हो सकता है। स्ट्रेस और खराब खान-पान के साथ जब (High Intensity Exercise Impact) का मेल होता है, तो हृदय पर दबाव अचानक बढ़ जाता है। यही कारण है कि जो लोग बाहर से फिट नजर आते हैं, वे भी कई बार कार्डियक समस्याओं का शिकार हो जाते हैं।
एनर्जी ड्रिंक्स: स्वाद या मौत का आमंत्रण
एनर्जी ड्रिंक्स को आजकल थकान मिटाने का जरिया माना जाता है, लेकिन डॉक्टर ली इसे दिल का दुश्मन बताते हैं। ये ड्रिंक्स शरीर में (Cortisol Level Spike) का कारण बनते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर तुरंत हाई हो जाता है। इसमें मौजूद कैफीन और अन्य तत्व हृदय की लय को बिगाड़ सकते हैं, जिससे हार्ट अटैक का रिस्क बढ़ जाता है। इनका नियमित सेवन हृदय की मांसपेशियों को कमजोर कर सकता है।
हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के बीच का बड़ा अंतर
लोग अक्सर हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट को एक ही मान लेते हैं, जबकि दोनों में जमीन-आसमान का अंतर है। हार्ट अटैक तब आता है जब रक्त पहुंचाने वाली पाइप में ब्लॉकेज हो, लेकिन (Cardiac Arrest Causes) का संबंध दिल के इलेक्ट्रिकल सिस्टम के फेल होने से है। कार्डियक अरेस्ट में दिल अचानक धड़कना बंद कर देता है और इंसान को संभलने का मौका तक नहीं मिलता।
सर्दियों का मौसम और सिकुड़ती धमनियों का सच
क्या ठंड के मौसम में दिल के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है? जवाब है हां। सर्दियों में तापमान कम होने के कारण (Vasoconstriction in Winter) की स्थिति पैदा होती है, यानी रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं। इससे रक्त का प्रवाह धीमा हो जाता है और ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। यही वजह है कि कड़कड़ाती ठंड में हार्ट अटैक के मामले अन्य मौसमों की तुलना में काफी ज्यादा देखे जाते हैं।
खर्राटे लेना: महज नींद की आदत या दिल की बीमारी का इशारा
अगर आपको या आपके पार्टनर को बहुत तेज खर्राटे आते हैं, तो इसे हल्के में न लें। डॉक्टर ली के मुताबिक, तेज खर्राटे लेना (Sleep Apnea and Heart Health) के बीच के संबंध को दर्शाता है। यह इस बात का संकेत हो सकता है कि सोते समय आपके दिल को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल रही है। खर्राटे लेना हृदय संबंधी किसी छिपी हुई समस्या का अलार्म हो सकता है, जिसकी जांच तुरंत करानी चाहिए।
निष्कर्ष: जागरूकता ही है सबसे बड़ा बचाव
हार्ट हेल्थ से जुड़ी इन सच्चाइयों को जानकर आप न केवल अपनी बल्कि अपनों की जान भी बचा सकते हैं। (Preventive Health Checkups) को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं और भ्रामक जानकारियों से बचें। डॉक्टर अब्राहम ली का यह परामर्श हमें याद दिलाता है कि हमारा दिल बेहद संवेदनशील है और इसकी देखभाल में की गई एक छोटी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और सही जानकारी ही आपके दिल को धड़कते रहने की ताकत देगी।



