Navel Oiling Health Benefits: बस बूंद भर तेल और बीमारियों का खेल खत्म, जानें आयुर्वेद का यह गुप्त नुस्खा
Navel Oiling Health Benefits: कहते हैं कि नाभि केवल शरीर का केंद्र बिंदु नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन का आधार स्तंभ है। आयुर्वेद के अनुसार, नाभि का सीधा संबंध हमारे शरीर की (Pechoti Method Ayurveda) प्रणाली से है, जहां से शरीर की लगभग 72,000 नाड़ियां जुड़ी हुई हैं। पुराने समय से ही घर के बड़े-बुजुर्ग नाभि में तेल लगाने की सलाह देते आए हैं, क्योंकि वे जानते थे कि शरीर के इस हिस्से को पोषण देकर पूरे तंत्र को स्वस्थ रखा जा सकता है। यह एक ऐसी प्राकृतिक चिकित्सा है जो बिना किसी दवा के शरीर की अंदरूनी मरम्मत कर सकती है।

फटे होंठों के लिए सरसों तेल है गलत चुनाव
अक्सर हम सुनते हैं कि होंठ फटने पर नाभि में सरसों का तेल डालना चाहिए, लेकिन विशेषज्ञ इस बात से पूरी तरह सहमत नहीं हैं। न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह के अनुसार, फटे होंठों और सूखी त्वचा के लिए (Navel Oiling Health Benefits) ही सबसे सटीक विकल्प माना जाता है। सरसों का तेल जोड़ों के दर्द के लिए तो उत्तम है, लेकिन कोमल त्वचा और होंठों के लिए नारियल के तेल में मौजूद विटामिन-ई और फैटी एसिड्स अधिक प्रभावी ढंग से पोषण प्रदान करते हैं, जिससे शरीर में नमी बनी रहती है।
पेट की हर समस्या का समाधान है कैस्टर ऑयल
अगर आप अक्सर पेट में गैस, कब्ज, ब्लोटिंग या मरोड़ जैसी समस्याओं से परेशान रहते हैं, तो अरंडी का तेल यानी कैस्टर ऑयल आपकी नाभि के लिए वरदान है। इसमें मौजूद (Natural Laxative Properties) पेट को भीतर से साफ करने और विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करती हैं। रात को नाभि में इसकी कुछ बूंदें डालने से पाचन तंत्र सक्रिय होता है और सुबह पेट साफ करने में कोई कठिनाई नहीं होती। यह उन लोगों के लिए रामबाण है जो लंबे समय से पुरानी कब्ज की समस्या झेल रहे हैं।
हार्मोनल लोचा सुधारने में तिल का तेल है उस्ताद
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में महिलाओं के बीच हार्मोनल असंतुलन और पीसीओएस (PCOS) एक आम समस्या बन गई है। इस समस्या से निजात पाने के लिए नाभि पर तिल का तेल लगाना बेहद फायदेमंद होता है। इसमें (Phytoestrogen Nutrients) पाए जाते हैं, जो प्राकृतिक रूप से हार्मोन्स को संतुलित करने का काम करते हैं। इसके नियमित इस्तेमाल से न केवल पीरियड्स समय पर आने लगते हैं, बल्कि चेहरे पर अनचाहे बालों और मूड स्विंग्स जैसी परेशानियों में भी भारी कमी देखी जाती है।
झुर्रियों और दाग-धब्बों को मिटाएगा नीम का तेल
यदि आपके चेहरे पर समय से पहले झुर्रियां, कालापन या मुंहासे दस्तक दे रहे हैं, तो नीम का तेल नाभि में लगाना शुरू करें। नीम के तेल में एंटी-बैक्टीरियल और (Skin Detoxification Elements) प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो रक्त को शुद्ध करते हैं और त्वचा को अंदर से साफ बनाते हैं। यह तेल त्वचा को टाइट करने और रिंकल्स को मिटाने के लिए आयुर्वेद का सबसे शक्तिशाली नुस्खा माना गया है। विटामिन-ई से भरपूर यह तेल त्वचा की खोई हुई रंगत वापस लाने में सक्षम है।
जोड़ों के दर्द में सरसों के तेल की गरमाहट
बढ़ती उम्र या सर्दियों के मौसम में जोड़ों का दर्द एक बड़ी मुसीबत बन जाता है। ऐसी स्थिति में नाभि में सरसों का तेल डालना सबसे अच्छा होता है। सरसों के तेल की तासीर गर्म होती है और इसमें (Omega 3 Fatty Acids) की भरपूर मात्रा होती है, जो रक्त संचार को बेहतर बनाती है। यह जोड़ों की सूजन को कम करता है और दर्द में तुरंत राहत प्रदान करता है। घुटनों के दर्द से परेशान लोगों को रोजाना रात में यह प्रयोग जरूर करना चाहिए।
बादाम के तेल से पाएं चेहरे पर कुदरती ग्लो
हर कोई चाहता है कि उसकी स्किन बेदाग और चमकदार दिखे। इसके लिए महंगे कॉस्मेटिक्स के बजाय बादाम का तेल नाभि में लगाना एक स्मार्ट चुनाव है। बादाम का तेल विटामिन-ए और सी का खजाना है, जो (Natural Skin Glow) को प्रमोट करता है। यह न केवल चेहरे के दाग-धब्बे हटाता है, बल्कि त्वचा को हाइड्रेटेड रखकर उसे मुलायम और जवां बनाए रखता है। बादाम के तेल की मसाज नाभि के जरिए चेहरे की मांसपेशियों तक पोषण पहुँचाती है।
नाभि में तेल लगाने की सही विधि और समय
आयुर्वेद में किसी भी उपचार के परिणाम उसकी विधि पर निर्भर करते हैं। नाभि में तेल लगाने का सबसे सही समय रात को सोने से ठीक पहले का है। बिस्तर पर लेटने के बाद अपनी पसंद के तेल की 3-4 बूंदें नाभि में डालें और (Circular Motion Massage) करते हुए इसे हल्के हाथों से चारों ओर फैलाएं। लगभग 5 मिनट तक मसाज करने से तेल नाड़ियों द्वारा सोख लिया जाता है। इस प्रक्रिया को नियमित रूप से 21 दिनों तक करने पर शरीर में चमत्कारी बदलाव महसूस होने लगते हैं।
सर्दियों के लिए नारियल तेल का सुरक्षा कवच
सर्दियों के मौसम में एड़ियां फटना और त्वचा का रूखा होना एक सामान्य बात है। ऐसे में नारियल का तेल नाभि में लगाने से पूरे शरीर को पोषण मिलता है। नारियल तेल के (Moisturizing Fatty Acids) त्वचा की गहराई तक पहुँचते हैं और फटी हुई त्वचा को हील करने में मदद करते हैं। यह एक प्राकृतिक मॉइस्चराइजर की तरह काम करता है जो रासायनिक क्रीमों से कहीं अधिक सुरक्षित और प्रभावी है।



