स्वास्थ्य

Giloy Risks – बिना सलाह गिलोय का सेवन पड़ सकता है भारी

Giloy Risks – आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का उपयोग लंबे समय से भारतीय घरों में किया जाता रहा है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और सामान्य स्वास्थ्य लाभ के उद्देश्य से कई लोग अश्वगंधा, शतावरी और गिलोय जैसी औषधीय वनस्पतियों का सेवन करते हैं। खासकर महामारी के दौरान गिलोय का काढ़ा काफी लोकप्रिय हुआ था। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी हर्बल उत्पाद का सेवन बिना उचित जानकारी या चिकित्सकीय सलाह के नहीं करना चाहिए, क्योंकि कुछ स्थितियों में इनके दुष्प्रभाव भी सामने आ सकते हैं।

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विशेषज्ञ ने जताई सावधानी बरतने की जरूरत

लिवर रोगों से जुड़े मामलों पर काम करने वाले चिकित्सक डॉ. सिरीक एब्बी फिलिप्स ने हाल ही में सोशल मीडिया के माध्यम से गिलोय के उपयोग को लेकर कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों में यह जड़ी-बूटी प्रतिरक्षा तंत्र से जुड़ी जटिल प्रतिक्रियाओं को प्रभावित कर सकती है। उनके अनुसार, विशेष परिस्थितियों में गिलोय का सेवन लिवर से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकता है।

कुछ रोगियों के लिए बढ़ सकता है जोखिम

डॉ. फिलिप्स का कहना है कि ऑटोइम्यून रोग, थायरॉइड संबंधी समस्याएं और मधुमेह से जूझ रहे लोगों को गिलोय का सेवन करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लेनी चाहिए। उनका मानना है कि इन स्थितियों में प्रतिरक्षा प्रणाली पहले से संवेदनशील हो सकती है और बिना निगरानी के किसी भी हर्बल उत्पाद का सेवन स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।

शोध और रिपोर्टों का भी हुआ उल्लेख

स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने अपनी टिप्पणी में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध कुछ चिकित्सा जानकारियों और संस्थागत रिपोर्टों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि विभिन्न हर्बल उत्पादों के लाभ और संभावित जोखिमों को समझना जरूरी है। उनके अनुसार, भारत में ऐसे कुछ मामलों का दस्तावेजीकरण किया गया है, जहां गिलोय के सेवन के बाद लिवर से संबंधित जटिलताएं सामने आईं। हालांकि, प्रत्येक व्यक्ति पर इसका प्रभाव अलग-अलग हो सकता है और इसके लिए व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

लंबे समय तक सेवन से हो सकती हैं परेशानियां

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी औषधीय जड़ी-बूटी का लंबे समय तक लगातार उपयोग सावधानी के साथ किया जाना चाहिए। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, गिलोय का अधिक या अनियंत्रित सेवन निम्न रक्तचाप वाले लोगों के लिए समस्या बढ़ा सकता है। इसलिए जिन लोगों को पहले से लो ब्लड प्रेशर की शिकायत है, उन्हें इसके उपयोग को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है।

सर्जरी से पहले बरतें अतिरिक्त सावधानी

चिकित्सकीय सलाह के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की सर्जरी निर्धारित है तो उसे गिलोय सहित अन्य हर्बल सप्लीमेंट्स के सेवन के बारे में अपने डॉक्टर को जानकारी देनी चाहिए। कुछ मामलों में ये उत्पाद शरीर की सामान्य प्रक्रियाओं को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे उपचार या ऑपरेशन के दौरान अतिरिक्त सावधानी की आवश्यकता पड़ सकती है।

गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान सलाह जरूरी

गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को भी बिना विशेषज्ञ की सलाह के गिलोय या अन्य हर्बल उत्पादों का सेवन नहीं करना चाहिए। इस अवधि में शरीर में कई जैविक और हार्मोनल बदलाव होते हैं, इसलिए किसी भी पूरक पदार्थ का उपयोग चिकित्सकीय मार्गदर्शन के तहत ही करना बेहतर माना जाता है।

सीमित अवधि तक ही करें सेवन

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, आयुर्वेदिक या हर्बल उत्पादों का सेवन निर्धारित मात्रा और अवधि के भीतर ही करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति लंबे समय तक गिलोय का उपयोग करना चाहता है, तो पहले योग्य चिकित्सक से सलाह लेना आवश्यक है। सही जानकारी और विशेषज्ञ मार्गदर्शन के साथ ही किसी भी औषधीय जड़ी-बूटी का सुरक्षित लाभ लिया जा सकता है।

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