Monsoon – देशभर में तेज बारिश और बाढ़ का असर, कई राज्यों में जनजीवन प्रभावित
Monsoon –देश के कई हिस्सों में लगातार सक्रिय मानसून ने सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। गुजरात, असम, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, ओडिशा और छत्तीसगढ़ समेत अनेक राज्यों में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार को भी कई क्षेत्रों के लिए भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है, सड़क संपर्क प्रभावित हो रहा है और राहत-बचाव एजेंसियां कई इलाकों में लगातार अभियान चला रही हैं।

कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कुछ हिस्सों में अत्यधिक बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और उत्तराखंड के कई क्षेत्रों में भी तेज वर्षा हो सकती है। पूर्वोत्तर भारत में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के विभिन्न जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
जम्मू-कश्मीर में भूस्खलन से मार्ग बाधित
जम्मू-कश्मीर में लगातार हुई बारिश के बाद कई इलाकों में भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से मुश्किलें बढ़ गई हैं। डोडा जिले में नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई मकान खतरे की जद में आ गए हैं। स्थानीय लोग सुरक्षित पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। वहीं बनिहाल के रामसू ब्लॉक के गंगरू क्षेत्र में भारी भूस्खलन के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां मलबा हटाकर यातायात सामान्य करने में जुटी हैं। हालांकि मौसम में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन नदियां और जलाशय अब भी क्षमता के करीब भरे हुए हैं।
उत्तर प्रदेश में बढ़ा नदियों का जलस्तर
पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बारिश का असर उत्तर प्रदेश में भी साफ दिखाई दे रहा है। गंगा, यमुना सहित कई प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। घाघरा और शारदा समेत चार नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इससे नदी किनारे बसे कई गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। बलिया में घाघरा नदी के कटाव के चलते एक मकान नदी में समा गया। वहीं बाराबंकी, बहराइच, सीतापुर और पीलीभीत में सरयू नदी का बढ़ता जलस्तर लोगों की चिंता बढ़ा रहा है। शारदा और गिरजा बैराजों से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन ने निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है।
गुजरात में जलभराव से राहत कार्य तेज
गुजरात में लगातार हुई मूसलाधार बारिश के कारण कई शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई है। अहमदाबाद में रिकॉर्ड स्तर की बारिश के बाद कई सड़कें पानी में डूब गईं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। अहमदाबाद-राजकोट हाईवे के कुछ हिस्सों में दो से ढाई फीट तक पानी भर गया, जिसके कारण वाहनों की आवाजाही धीमी पड़ गई। भावला और संथाल क्रॉस रोड जैसे क्षेत्रों में भी व्यापक जलभराव देखा गया। गैलॉप्स इंडस्ट्रियल पार्क में फंसे 900 से अधिक श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए NDRF, SDRF, तटरक्षक बल और सेना की संयुक्त टीमों ने राहत अभियान चलाया।
असम में लाखों लोग अब भी बाढ़ की चपेट में
असम में बाढ़ का संकट पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। राज्य के पांच जिलों के 763 गांव अब भी जलभराव से प्रभावित हैं और पांच लाख से अधिक लोग कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट, नागांव और शिवसागर सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल हैं। कई गांवों में घर पानी में डूबे होने के कारण लोगों ने ऊंचे स्थानों और मकानों की छतों पर शरण ली हुई है। राहत और बचाव कार्यों में सेना, NDRF, SDRF, अग्निशमन विभाग तथा स्थानीय प्रशासन लगातार जुटे हैं। राज्य में बारिश और बाढ़ से अब तक 68 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। केंद्र सरकार भी हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की नियमित समीक्षा की जा रही है।