HeartHealth – दिल की सेहत को नुकसान पहुंचाने वाले कारणों पर विशेषज्ञ की चेतावनी
HeartHealth – दिल को स्वस्थ बनाए रखना केवल सही भोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए संतुलित जीवनशैली भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। अक्सर लोग स्वस्थ भोजन करने और नियमित दिनचर्या अपनाने के बावजूद हृदय से जुड़ी समस्याओं जैसे हार्ट अटैक, स्ट्रोक या अन्य cardiovascular diseases का सामना कर लेते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इसके पीछे कई ऐसे कारण होते हैं जो धीरे-धीरे दिल की सेहत को प्रभावित करते हैं। न्यूयॉर्क के हृदय शल्य चिकित्सक डॉ. जेरेमी लंदन ने हाल ही में कुछ ऐसे कारकों के बारे में जानकारी साझा की है, जो हृदय स्वास्थ्य के लिए जोखिम बढ़ा सकते हैं। उन्होंने इन कारणों को उनके प्रभाव के आधार पर अलग-अलग स्तरों पर भी समझाया है।

सीड ऑयल के सेवन पर सावधानी
विशेषज्ञों के अनुसार कुछ प्रकार के seed oil का अत्यधिक उपयोग स्वास्थ्य के लिए चिंताजनक हो सकता है। डॉ. लंदन ने इसे जोखिम के पैमाने पर अपेक्षाकृत कम लेकिन ध्यान देने योग्य स्तर पर रखा है। उनका कहना है कि ऐसे तेलों का अधिक सेवन मोटापे की संभावना को बढ़ा सकता है। मोटापा स्वयं कई स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा हुआ है, इसलिए भोजन में संतुलन बनाए रखना जरूरी माना जाता है। हालांकि किसी भी प्रकार के तेल का सेवन सीमित मात्रा में करना ही बेहतर माना जाता है।
मोटापा दिल की बीमारी का बड़ा कारण
हृदय रोग से जुड़े जोखिमों में मोटापे को प्रमुख कारकों में गिना जाता है। डॉक्टरों के अनुसार शरीर में जमा होने वाला visceral fat शरीर में सूजन की स्थिति पैदा कर सकता है। इसके साथ ही यह टाइप-2 diabetes जैसी बीमारियों की संभावना भी बढ़ा देता है। जब ये स्थितियां लंबे समय तक बनी रहती हैं, तो उनका असर दिल की कार्यप्रणाली पर भी पड़ सकता है। इसलिए विशेषज्ञ स्वस्थ वजन बनाए रखने पर विशेष जोर देते हैं। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और सक्रिय जीवनशैली से मोटापे के खतरे को कम किया जा सकता है।
हाई ब्लड प्रेशर सबसे गंभीर खतरा
हृदय स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ा खतरा high blood pressure को माना जाता है। डॉक्टरों ने इसे जोखिम के पैमाने पर सबसे ऊंचा स्थान दिया है। हाई बीपी को अक्सर “silent killer” कहा जाता है क्योंकि कई बार इसके लक्षण स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देते, लेकिन यह धीरे-धीरे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। लंबे समय तक उच्च रक्तचाप रहने से दिल और रक्त वाहिकाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि नियमित स्वास्थ्य जांच, व्यायाम और संतुलित आहार से इसे नियंत्रित रखने की कोशिश करनी चाहिए।
शिफ्ट में काम करने का प्रभाव
कुछ शोधों में यह भी पाया गया है कि लंबे समय तक अलग-अलग समय की शिफ्ट में काम करने से स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। खासकर अनियमित कार्य समय शरीर की प्राकृतिक जैविक घड़ी को प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार लगातार रात की शिफ्ट या अत्यधिक लंबे कार्य घंटे भी हृदय स्वास्थ्य पर दबाव डाल सकते हैं। इसलिए जहां संभव हो, पर्याप्त आराम और नियमित नींद का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है।
कम cardiovascular क्षमता भी जोखिम बढ़ाती है
डॉ. लंदन के अनुसार कम cardiovascular efficiency भी दिल के लिए एक महत्वपूर्ण जोखिम कारक हो सकता है। इसे VO2 क्षमता से मापा जाता है, जो यह दर्शाती है कि शरीर ऑक्सीजन का उपयोग कितनी प्रभावी तरीके से कर रहा है। यदि यह क्षमता कम होती है, तो शरीर के ऊतकों तक पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषण पहुंचाने में कठिनाई हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित शारीरिक गतिविधि और कार्डियो एक्सरसाइज से इस क्षमता को बेहतर बनाया जा सकता है।
दिल को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी आदतें
विशेषज्ञों का मानना है कि हृदय स्वास्थ्य की रक्षा के लिए संतुलित जीवनशैली अपनाना सबसे महत्वपूर्ण कदम है। नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद और तनाव प्रबंधन जैसे उपाय लंबे समय तक दिल को स्वस्थ बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। साथ ही समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराते रहना भी आवश्यक माना जाता है, ताकि किसी भी संभावित समस्या का समय रहते पता लगाया जा सके।



