Prostate Health: प्रोस्टेट की गुत्थी: जानें कब है बढ़ी हुई ग्रंथि और कब है कैंसर का खतरा
Prostate Health: प्रोस्टेट की बढ़ती चिंता जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, पुरुषों के शरीर में कई तरह के बदलाव होते रहते हैं, जिनमें से ‘प्रोस्टेट’ का बढ़ना एक आम समस्या है। लेकिन कई बार पेशाब से जुड़ी हल्की सी तकलीफ भी मन में ‘कैंसर’ का खौफ पैदा कर देती है। मेदांता (गुरुग्राम) के यूरोलॉजिस्ट डॉ. संजय गोगोई कहते हैं कि उम्र बढ़ने के साथ कई पुरुषों में पेशाब से जुड़ी समस्याएं पैदा होने लगती हैं, जो कई बार चिंता का भी कारण बन सकती हैं।

क्या है BPH? बेनाइन प्रोस्टेटिक हाइपरप्लासिया (BPH) एक गैर-कैंसर बीमारी है, जिसमें प्रोस्टेट ग्रंथि की कोशिकाएं बढ़ने लगती हैं और ग्रंथि का आकार बड़ा हो जाता है। यह उम्र बढ़ने की एक सामान्य प्रक्रिया है और हार्मोनल बदलावों के कारण होती है। प्रोस्टेट पेशाब की नली (यूरेथ्रा) को घेरती है, इसलिए इसके बढ़ने से पेशाब का रास्ता दब सकता है।
BPH के लक्षण
- खासकर रात में बार-बार पेशाब आना (Nocturia)
- पेशाब शुरू करने में कठिनाई होना
- पेशाब का धीमा प्रवाह
- पेशाब की धार कमजोर होना
- पेशाब के बाद भी अधूरा महसूस होना
प्रोस्टेट कैंसर: जानलेवा बीमारी प्रोस्टेट कैंसर तब होता है जब प्रोस्टेट ग्रंथि की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं और शरीर के अन्य भागों में फैल सकती हैं। यह एक गंभीर बीमारी है और इसका समय पर इलाज जरूरी है।
प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण
- पेशाब में खून आना (Hematuria)
- पेशाब के दौरान दर्द या जलन
- कमर, पेल्विस या हिप्स में दर्द
- वजन कम होना
- खाने की इच्छा न होना
फर्क समझें, डर दूर करें BPH और प्रोस्टेट कैंसर दोनों के लक्षण एक जैसे हो सकते हैं, लेकिन इनका इलाज अलग-अलग होता है। अगर आपको पेशाब से जुड़ी कोई समस्या है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।



