SugarCravings – जानें आखिर रात में ही क्यों बढ़ती है मीठा खाने की इच्छा…
SugarCravings – दिनभर संतुलित भोजन करने के बावजूद अगर रात होते-होते मीठा खाने की तीव्र इच्छा होने लगे, तो इसे केवल आदत या इच्छाशक्ति की कमी मानना सही नहीं है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि देर रात होने वाली शुगर क्रेविंग अक्सर शरीर के अंदर चल रहे असंतुलन का संकेत होती है। ब्लड शुगर का उतार-चढ़ाव, भोजन के बीच लंबा अंतर, अपर्याप्त नींद और मानसिक तनाव — ये सभी कारण मिलकर रात में मीठे की चाह बढ़ा सकते हैं।

लंबे मील गैप का असर
जब दिन में कई घंटों तक कुछ नहीं खाया जाता, तो शरीर का ग्लाइकोजन भंडार कम होने लगता है। इससे दिमाग को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिल पाती। शाम तक पहुंचते-पहुंचते शरीर तुरंत ऊर्जा देने वाले स्रोत की मांग करता है, और यही कारण है कि मीठा आकर्षक लगने लगता है। भोजन छोड़ना या जानबूझकर कैलोरी कम करना कई बार उलटा असर डाल सकता है।
संतुलित भोजन क्यों जरूरी
ऐसा भोजन जिसमें प्रोटीन, फाइबर और जटिल कार्बोहाइड्रेट शामिल हों, धीरे-धीरे ऊर्जा प्रदान करता है। इससे ब्लड शुगर स्थिर रहता है और अचानक गिरावट नहीं होती। यदि भोजन केवल परिष्कृत कार्बोहाइड्रेट या मीठे पर आधारित हो, तो पहले शुगर तेजी से बढ़ती है और फिर अचानक गिर जाती है। यही गिरावट आगे चलकर और ज्यादा क्रेविंग पैदा कर सकती है।
डिनर बहुत हल्का न रखें
कई लोग वजन नियंत्रित करने के लिए रात का खाना बेहद हल्का या लगभग बिना कार्बोहाइड्रेट का लेते हैं। लेकिन इससे सोते समय शरीर को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिलती। जब लिवर में जमा ऊर्जा कम होने लगती है, तो दिमाग आपात संकेत भेजता है, जिससे मीठा खाने की इच्छा बढ़ जाती है। संतुलित डिनर, जिसमें थोड़ी मात्रा में अनाज, सब्जी और प्रोटीन हो, देर रात की भूख को कम करने में सहायक हो सकता है।
नींद की कमी का प्रभाव
पर्याप्त नींद न लेने से भूख नियंत्रित करने वाले हार्मोन प्रभावित होते हैं। कम नींद से घ्रेलिन का स्तर बढ़ सकता है, जो भूख की भावना को तेज करता है। साथ ही इंसुलिन संवेदनशीलता भी प्रभावित हो सकती है। परिणामस्वरूप अगले दिन या रात को मीठा खाने की इच्छा ज्यादा हो सकती है।
तनाव और अपराधबोध से बचें
कई बार लोग क्रेविंग को कमजोरी समझकर खुद को दोषी ठहराते हैं। इससे तनाव और बढ़ता है, जो आगे चलकर शुगर की चाह को और तेज कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार इसे शरीर का संकेत मानकर समझदारी से रूटीन सुधारना बेहतर उपाय है।
शाम का स्नैक समझदारी से चुनें
यदि रात का खाना देर से है, तो शाम को हल्का और संतुलित स्नैक लेना मददगार हो सकता है। मुट्ठीभर मेवे, दही या अंकुरित दाल जैसे विकल्प ब्लड शुगर को स्थिर रखते हैं और देर रात अचानक मीठा खाने की इच्छा कम करते हैं।
पानी और पोषक तत्वों पर ध्यान
कभी-कभी पानी की कमी या कुछ खनिजों की कमी भी मीठे की चाह बढ़ा सकती है। पर्याप्त पानी पीना और संतुलित आहार लेना आवश्यक है। हरी सब्जियां और बीज जैसे खाद्य पदार्थ शरीर को जरूरी तत्व प्रदान करते हैं।
निष्कर्ष
रात की शुगर क्रेविंग अक्सर जीवनशैली और भोजन के समय से जुड़ी होती है। नियमित और संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद और तनाव प्रबंधन से इसे स्वाभाविक रूप से नियंत्रित किया जा सकता है। किसी भी विशेष स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में विशेषज्ञ से परामर्श लेना उचित है।



