Superfoods Side Effects and Risks: संभल जाइए क्योंकि इन 8 सुपरफूड्स को गलत बीमारी में खाना पड़ेगा बहुत महंगा
Superfoods Side Effects and Risks: स्वस्थ रहने की होड़ में हम अक्सर न्यूट्रिशन से भरपूर चीजों को अपनी डाइट का हिस्सा बना लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि न्यूट्रिशन से भरपूर ये सुपरफूड्स भी आपको बीमार कर सकते हैं? असल में हर शरीर की जरूरतें और उसकी बीमारियां अलग होती हैं। न्यूट्रिशनिस्ट लीमा महाजन के अनुसार, हेल्दी फूड्स के सेवन के भी कुछ खास नियम होते हैं। अगर आप (Nutritional Food Guidelines) का पालन नहीं करते हैं, तो यही पोषक तत्व आपके शरीर के लिए जहर का काम कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि किन स्थितियों में कौन से हेल्दी फूड्स का सेवन आपकी सेहत बिगाड़ सकता है।

एसिडिटी के मरीजों के लिए आंवले का जूस है आफत
आंवले को विटामिन सी का सबसे बेहतरीन स्रोत माना जाता है, लेकिन एसिडिटी से जूझ रहे लोगों के लिए यह परेशानी का सबब बन सकता है। अगर आपको एसिड रिफ्लक्स या सीने में जलन की समस्या है, तो खाली पेट आंवले का जूस पीना (Acid Reflux Triggers) को सक्रिय कर सकता है। यह पेट की अंदरूनी परत को इरिटेट करता है, जिससे जलन और गैस की समस्या कई गुना बढ़ जाती है। इसलिए एसिडिटी के मरीजों को आंवले का सेवन बहुत सावधानी से करना चाहिए।
कम पीरियड्स फ्लो में धनिया पानी से बनाएं दूरी
धनिया के पानी को वजन घटाने और शरीर को ठंडा रखने के लिए बहुत अच्छा माना जाता है, लेकिन महिलाओं के लिए इसके कुछ नुकसान भी हैं। धनिया के पानी की तासीर ठंडी होती है और इसमें (Hormonal Flow Regulation) को प्रभावित करने वाले गुण होते हैं। यदि किसी महिला को पीरियड्स के दौरान फ्लो बहुत कम होता है या पीरियड्स बहुत कम दिनों के लिए आते हैं, तो उसे धनिया पानी का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। यह ब्लड फ्लो को और भी कम कर सकता है, जिससे शारीरिक जटिलताएं बढ़ सकती हैं।
डायबिटीज और फैटी लिवर वालों के लिए खजूर है रिस्की
खजूर को नेचुरल एनर्जी बूस्टर कहा जाता है, लेकिन हाई शुगर वाले मरीजों के लिए यह किसी खतरे से कम नहीं है। खजूर में नेचुरल शुगर का लोड बहुत अधिक होता है, जो (High Glycemic Index) वाले फूड्स की श्रेणी में आता है। यदि आप डायबिटीज, फैटी लिवर या हाई ट्राईग्लिसराइड की समस्या से परेशान हैं, तो खजूर का सेवन आपके लिए हानिकारक हो सकता है। यह आपके ब्लड शुगर लेवल को अचानक बढ़ा सकता है और लिवर की सूजन में इजाफा कर सकता है।
थायराइड और बीपी में हलीम सीड्स का नकारात्मक असर
हलीम सीड्स यानी चंमसुर के बीज आयरन का बड़ा स्रोत हैं, लेकिन थायराइड और ब्लड प्रेशर के मरीजों को इनसे बचकर रहना चाहिए। हलीम सीड्स का सेवन (Thyroid Gland Function) को डिस्टर्ब कर सकता है और बीपी कंट्रोल करने वाली दवाओं के असर को भी प्रभावित कर सकता है। अगर आप पहले से ही थायराइड की दवाओं पर हैं, तो इन बीजों को अपनी डाइट में शामिल करने से पहले अपने डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह जरूर लें, वरना आपका हार्मोनल बैलेंस बिगड़ सकता है।
बवासीर के मरीजों के लिए मेथी दाना है मुसीबत
मेथी दाने का पानी शुगर कंट्रोल करने और वजन घटाने के लिए मशहूर है, लेकिन बवासीर यानी पाइल्स के मरीजों के लिए यह नुकसानदायक है। मेथी दाना पीने से (Bowel Stimulation Process) तेज हो जाता है, जो बवासीर के घावों में जलन और इरिटेशन बढ़ा सकता है। हीमोराइड्स की समस्या में पेट को शांत रखने की जरूरत होती है, जबकि मेथी दाना गट को उत्तेजित कर देता है, जिससे मल त्याग के समय तेज दर्द और ब्लीडिंग का खतरा बढ़ सकता है।
हाइपोथायराइडिज्म में बाजरे का रोजाना सेवन है खतरनाक
बाजरा एक ग्लूटेन-फ्री और फाइबर से भरपूर अनाज है, लेकिन हर किसी के लिए यह सुरक्षित नहीं है। अगर आप हाइपोथायराइडिज्म के मरीज हैं, तो आपको रोजाना बाजरे का सेवन (Goitrogenic Food Impact) के कारण नहीं करना चाहिए। बाजरे में कुछ ऐसे तत्व होते हैं जो शरीर में आयोडीन के अवशोषण को बाधित करते हैं और थायराइड ग्रंथि के कामकाज को धीमा कर देते हैं। इससे आपकी दवाइयों का असर कम हो सकता है और थायराइड लेवल बिगड़ सकता है।
कच्चा लहसुन और पेट की गंभीर बीमारियां
लहसुन को हार्ट हेल्थ और इम्यूनिटी के लिए रामबाण माना जाता है, लेकिन कच्चा लहसुन हर किसी को सूट नहीं करता। एसिड रिफ्लक्स और आईबीएस (IBS) के मरीजों को कच्चा लहसुन खाने से परहेज करना चाहिए क्योंकि यह (Gastric Acid Secretion) को बहुत ज्यादा बढ़ा देता है। इससे पेट में मरोड़, तेज जलन और आंतों में सूजन की समस्या हो सकती है। संवेदनशील गट वाले लोगों को लहसुन को हमेशा पकाकर ही खाना चाहिए ताकि उसकी तीव्रता कम हो सके।
चिया सीड्स और गैस-ब्लोटिंग का गहरा संबंध
चिया सीड्स को वेट लॉस का सुपरहीरो माना जाता है, लेकिन इसके अधिक सेवन से पेट फूलने की समस्या हो सकती है। चिया सीड्स में बहुत अधिक मात्रा में सॉल्यूएबल फाइबर होता है, जो (Digestive Bloating Symptoms) को बढ़ावा दे सकता है। अगर आपको पहले से ही गैस या ब्लोटिंग की शिकायत रहती है, तो चिया सीड्स आपके पेट में भारीपन बढ़ा सकते हैं। इन्हें खाने से पहले पर्याप्त पानी में भिगोना और सीमित मात्रा में लेना ही अक्लमंदी है।



