अंतर्राष्ट्रीय

Bangladesh Muhammad Yunus: बांग्लादेश में दस्तावेजों के फर्जीवाड़े पर मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने जताई गहरी चिंता

Bangladesh Muhammad Yunus: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने देश में बढ़ते फर्जी दस्तावेजों और जालसाजी के मामलों पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने हाल ही में ढाका में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इस बात पर नाराजगी जाहिर की कि पासपोर्ट और वीजा आवेदनों में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी हो रही है। यूनुस ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि खराब हो रही है और कई देश अब बांग्लादेशी नागरिकों के दस्तावेजों को संदेह की दृष्टि से देखने लगे हैं। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर वीजा नियमों को लेकर कड़ाई बरती जा रही है।

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वीजा और पासपोर्ट दस्तावेजों में धांधली की समस्या

डिजिटल डिवाइस एंड इनोवेशन एक्सपो 2026 के संबोधन के दौरान मोहम्मद यूनुस ने स्पष्ट किया कि बांग्लादेश से विदेशों के लिए भेजे जाने वाले कई वीजा आवेदन केवल इसलिए खारिज किए जा रहे हैं क्योंकि उनके साथ संलग्न दस्तावेज जाली पाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि फर्जी पासपोर्ट और नकली वीजा तैयार करने की एक ऐसी व्यवस्था बन गई है जो देश के लिए आत्मघाती साबित हो रही है। उनके अनुसार, यह स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि अब कई अंतरराष्ट्रीय गंतव्य बांग्लादेशी पासपोर्ट स्वीकार करने में हिचकिचा रहे हैं, जिससे वैध यात्रियों को भी भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

रचनात्मकता का गलत दिशा में उपयोग और उसके परिणाम

मुख्य सलाहकार ने रेखांकित किया कि देश में जालसाजी करने वाले लोग अपनी बौद्धिक क्षमता और रचनात्मकता का उपयोग गलत उद्देश्यों के लिए कर रहे हैं। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए बताया कि कुछ मामलों में लोगों ने चिकित्सक होने के फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर वीजा हासिल करने की कोशिश की, जो पूरी तरह निराधार थे। यूनुस ने इसे तकनीकी और नैतिक पतन करार देते हुए कहा कि अगर तकनीकी प्रगति का आधार ईमानदारी नहीं होगा, तो वह विकास टिक नहीं पाएगा। उन्होंने आगाह किया कि इस तरह के कृत्यों से बांग्लादेश दुनिया भर में केवल धोखाधड़ी के केंद्र के रूप में पहचाना जाने लगेगा, जो बेहद दुखद है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गिरती साख और भविष्य की चुनौतियां

यूनुस ने वैश्विक मंच पर सिर उठाकर चलने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि देश को इस छवि से बाहर निकलना होगा। उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में अमेरिका सहित कई देशों ने अपनी वीजा नीतियों में बदलाव किए हैं और बांग्लादेश जैसे देशों के लिए नियमों को और अधिक कड़ा किया है। मुख्य सलाहकार ने युवाओं और नवाचार करने वालों से अपील की कि वे अपनी मेधा का उपयोग देश के निर्माण और पारदर्शिता लाने के लिए करें। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार अब दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया को और अधिक मजबूत करेगी ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बांग्लादेश की साख को दोबारा बहाल किया जा सके।

निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सरकार का विशेष जोर

अंतरिम सरकार के प्रमुख ने अपने भाषण का समापन करते हुए कहा कि तकनीकी रूप से आगे बढ़ने की पहली शर्त निष्पक्षता और सत्यनिष्ठा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बांग्लादेश को जालसाजी की फैक्ट्री नहीं बनने दिया जा सकता। सरकार की योजना है कि आने वाले समय में डिजिटल प्रणालियों के माध्यम से दस्तावेजों के सत्यापन को इतना पुख्ता बनाया जाए कि किसी भी प्रकार की जालसाजी की गुंजाइश न रहे। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे विदेशों में देश का प्रतिनिधित्व करते समय कानूनी और नैतिक रास्तों का ही चुनाव करें, ताकि भविष्य में वीजा संबंधी समस्याओं को कम किया जा सके।

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