Donald Trump: पहले डील करो, फिर आओ! रूस-यूक्रेन शांति पर ट्रंप का ‘धमाका’, जेलेंस्की को दिया सीधा संदेश
Donald Trump: पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे दीर्घकालिक संघर्ष को समाप्त कराने के लिए अपने शांति प्रस्ताव पर दृढ़ता दिखा रहे हैं। उनके इस diplomatic initiative को लेकर यूक्रेनी नेतृत्व और यूरोपीय सहयोगियों की ओर से कुछ संशय व्यक्त किए जाने के बावजूद, ट्रंप अब इस geopolitical strategy को आगे बढ़ाने का संकेत दे रहे हैं। बुधवार को एयर फ़ोर्स वन में मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान, उन्होंने एक बार फिर इस बात पर ज़ोर दिया कि यदि राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की उनसे मिलने के लिए अमेरिका आना चाहते हैं, तो उन्हें पहले conflict resolution के लिए एक समझौता करना होगा। यह बयान ट्रंप की उस नीति को रेखांकित करता है जिसके तहत वह बातचीत और peace negotiations को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखते हैं।

🇺🇸 अमेरिकी राष्ट्रपति की सीधी शर्त
गुरुवार को, जब ट्रंप मैरीलैंड स्थित जॉइंट बेस एंड्रयूज से फ्लोरिडा के पाम बीच स्थित अपने आवास की ओर जा रहे थे, तो पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या वह ज़ेलेंस्की के आगमन की उम्मीद कर रहे हैं। इस प्रश्न के जवाब में ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि ज़ेलेंस्की शायद आना चाहें, लेकिन मेरी राय में, उन्हें पहले द्विपक्षीय समझौता की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि “हमारी अच्छी बातचीत हो रही है। हम अभी कुछ समय के लिए नहीं जानते कि क्या होगा, लेकिन मुझे लगता है कि political progress ज़रूर हो रही है।” यह टिप्पणी दर्शाती है कि पर्दे के पीछे कुछ गोपनीय चर्चा चल रही हैं, भले ही उनकी प्रकृति सार्वजनिक न हो। ट्रंप का यह रुख स्पष्ट करता है कि वह किसी भी मुलाकात से पहले ठोस परिणाम चाहते हैं।
सबसे मुश्किल शांति प्रयास
पूर्व राष्ट्रपति ने इस बात को एक बार फिर दोहराया कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान आठ युद्धों को सफलतापूर्वक रुकवाने का अनुभव प्राप्त किया है, और उन्हें शुरुआत में लगा था कि यूक्रेन संघर्ष का विवाद प्रबंधन भी अपेक्षाकृत आसान होगा। हालाँकि, उन्हें जल्द ही यह अहसास हुआ कि यह कार्य अपेक्षा से कहीं अधिक कठिन है। Donald Trump ने टिप्पणी की, “रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मेरे पूर्व के अच्छे व्यक्तिगत तालमेल के कारण मुझे यह (रूस-यूक्रेन संघर्ष) रुकवाना आसान लगा था। लेकिन यह शायद सबसे चुनौतीपूर्ण स्थिति है, क्योंकि इसमें दोनों पक्षों के बीच काफी गहरी नफरत और वैचारिक मतभेद हैं।” उन्होंने आगे कहा कि अब दोनों पक्षों के लोगों को यह महसूस होने लगा है कि प्रस्तावित निपटान योजना दोनों के लिए सर्वोत्तम है और यह इस भीषण युद्ध को समाप्त कर देगा। उन्होंने सैन्य हानि और सैनिकों के भारी नुकसान का भी उल्लेख किया, जिसे युद्ध की मानवीय लागत के तौर पर देखा जा सकता है। यह दर्शाता है कि ट्रंप का ध्यान न केवल political stability पर है, बल्कि मानवीय क्षति को कम करने पर भी है।
डेडलाइन पर ट्रंप का दृष्टिकोण
शांति समझौते के लिए थैंक्सगिविंग (उत्सव) तक की कथित सीमा के बारे में पूछे जाने पर, Donald Trump ने अपने रणनीतिक दृष्टिकोण को सामने रखा। उन्होंने कहा, “हम देखेंगे कि क्या होता है। उन्होंने एक तारीख निर्धारित की है। यह तारीख निकट भविष्य में है। मेरे पास कोई आधिकारिक समय सीमा नहीं है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके लिए केवल एक ही सीमा है और वह है युद्ध का अंतिम रूप से समाप्त होना। ट्रंप का मानना है कि इस समय वैश्विक समुदाय सहित हर कोई संघर्ष से थक चुका है। उन्होंने दोनों देशों द्वारा खोए जा रहे कार्मिक क्षरण पर चिंता व्यक्त की, जो इस संघर्ष के अस्थिर प्रकृति को दर्शाता है। यह बयान इस बात पर ज़ोर देता है कि उनका मुख्य मिशन उद्देश्य केवल युद्धविराम नहीं, बल्कि एक स्थायी और टिकाऊ ceasefire agreement है। उनका



